वायु प्रदूषण के कारण, उपाय व बचाव | Air Pollution in hindi

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वायु प्रदूषण के कारण, उपाय व बचाव

Air Pollution in hindi: वायु प्रदूषण हमारे देश की एक ऐसी समस्‍या है जिससे हम सभी दोचार होते हैं। आलम ये है कि जब आप हमारा ये लेख पढ़ रहे हैं तब भी वायु प्रदूषण आपको किसी ना किसी तरह से नुकसान पहुंचा रहा है। लेकिन दुख की बात ये है कि इस पैमाने पर वायु प्रदूषण के पहुंचने के बाद भी इस पर अभी तक कोई सख्‍त कदम नहीं उठा पाए हैं।

जिससे हमें वायु प्रदूषण से निजात मिल सके। परन्‍तु क्‍या आप जानते हैं कि यदि आम लोग भी चाह लें और वायु प्रदूषण के कारण जान लें तो वायु प्रदूषण को काफी हद तक कम किया जा सकता है। आइए आज अपने इस लेख में हम आपको बताते हैं कि वायु प्रदूषण क्‍या होता है? और वायु प्रदूषण के कारण क्या है?। साथ ही आप किस तरह से वायु प्रदूषण को कम करने में अपनी महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

वायु प्रदूषण क्‍या होता है? Air Pollution in hindi

वायु प्रदूषण हवा में होने वाले प्रदूषण को कहा जाता है। जिसमें प्रदूषण के छोटे छोटे विषैले कण हवा में मिल जाते हैं। जो कि सांस के जरिए इंसानों और जानवरों के फेफडों में जाकर उन्‍हें नुकसान पहुंचाने को काम करते हैं। वायु प्रदूषण की खास बात ये है कि इसे हम सामान्‍य तौर पर अपनी आंखों से देख नहीं सकते हैं। इसकी गणना मौसम विभाग में बड़ी बड़ी मशीनों के द्वारा की जाती है। जिससे हमें पता चलात है कि आज हवा कितनी स्‍वच्‍छ है।

वायु प्रदूषण को समझने का आसान तरीका

वायु प्रदूषण की गणना मौसम विभाग के द्वारा की जाती है। साथ ही हर जिले में वायु प्रदूषण की गणना करने के लिए छोटे छोटे केन्‍द्र बने हुए हैं। जहां से हवा की गुणवत्‍ता का अंदाजा सटीक तौर पर लगाया जा सकता है। मौसम विभाग की तरफ से वायु प्रदूषण के जारी होने वाले आंकड़ों को Air Quality Index के नाम से जाना जाता है। यदि आपके इलाके को AIQ 0 से 100 के बीच है तो समझिए कि आपके इलाके की हवा साफ है।

इससे किसी भी तरह का खतरा नहीं है। 101 से लेक‍र 201 के बीच की हवा को ‘मध्‍यम’ श्रेणी में रखा जाता है। 201 से 300 के बीच की हवा को ‘खराब’ कहा जाता है। जबकि 301 से 400 के बीच की हवा को ‘बेहद खराब’ कहा जाता है। जबकि 401 से 500 के बीच की हवा को ‘गंभीर श्रेणी’ में रखा जाता है।

लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि दीवाली के समय पर वायु प्रदूषण 1000 के पार भी चला जाता है। जिससे ऊपर अभी इसकी गणना नहीं की जा सकती है। यदि आप अपने जिले का वायु प्रदूषण जानना चाहते हैं तो Google पर अपने जिले के नाम के साथ AIQ लिखकर Search कर दीजिए इसके बाद उस समय का आपके शहर का वायु प्रदूषण लिखा आ जाएगा।

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वायु प्रदूषण के कारण

वायु प्रदूषण के कारण कई है, इसके लिए कोई एक कारण पूरी तरह से जिम्‍मेदार नहीं है। वायु प्रदूषण के कारण अधिक होने की वजह से कभी इसे पूरी तरह से खत्‍म करने पर काई प्‍लान नहीं बन सका है। आइए अब हम आपको कुछ प्रमुख वायु प्रदूषण के कारण बताते हैं।

गाडि़यों से निकलने वाला जहरीला धुआं

बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण में से प्रमुख है वाहनों से निकलने वाला धुआं। आय दिन जिस तरह से सड़कों पर वाहनों की संख्‍या बढ़ती जा रही है वो हमारे लिए चितां का विषय है। साथ ही वाहनों से निकलने वाले धुएं में कई ऐसे विषैले पदार्थ होते हैं। जो कि हमारे फेफडों के लिए बेहद हानिकारक होते हैं। इससे हमें कई तरह की गंभीर बीमारियों का खतरा भी रहता है।

फैक्‍टरियों से निकलने वाला काला धुआं

बहुत से उद्योग धंधे ऐसे होते हैं जिनमें तेल आदि जलाया जाता है। ऐसे कारखानों को ज्‍यादातर शहर से बाहर रखा जाता है। लेकिन हवाएं किसी सीमा के अंदर नहीं बंधी होती हैं। ऐेसे में जब कारखानों, फैक्‍टरियों और चिमनियों से ये धुआं निकलता है तो हमारे घरों तक उसका प्रदूषण आ ही जाता है। जिससे हमें सांस लेने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है।

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देश की बढ़ती आबादी

हमारे देश में हर साल लगातार तेजी से जनसंख्‍या बढ़ती ही जा रही है। जो कि वायु प्रदूषण को बढ़ाने का एक प्रमुख कारण है। क्‍योंकि प्राकृतिक संसाधन पृथ्‍वी पर सीमित मात्रा में हैं। लेकिन जब आबादी बढ़ती है तो उनका दोहन शुरू हो जाता है। ऐसे में वायु प्रदूषण बढ़ने लगता है।

वनों की अंधाधुध कटाई

वन प्राकृतिक रूप से स्‍वच्‍छ हवा का जरिया हैं। लेकिन आज हाइवे, स्‍टेडियम और विकास को गति देने के चक्‍कर में वनों की बहुत तेजी से काटा जा रहा है। जिससे हर साल पेड़ पौधे कम होते जा रहे हैं। वन हवा में मौजूद हानिकारक तत्‍वों को अपने भोजन के रूप में अवशोषित कर लेते हैं। जिससे हमें वातावरण में स्वच्‍छ हवा मिल पाती है। लेकिन जब ये वन ही नहीं रहेंगे तो सोचिए कि हवा को साफ करने का काम कौन करेगा।

देशों के बीच होने वाली लड़ाइयां

आज दुनिया में हर देश के पास अत्‍याधुनिक हथियार मौजूद हैं जो एक मिनट के अंदर हजारों किलोमीटर दूर तक मार कर सकते हैं। लेकिन जब ये चलते हैं तो इनमें विस्‍फोट और इनके जलने से बहुत सारी हानिकारक गैसें निकलती हैं। जो कि हमारे वातावरण में मिल जाती हैं। इसलिए आज जिस तरह से हर समय दुनिया के किसी ना किसी कोने में लड़ाई चलती ही रहती है। वो भी वायु प्रदूषण को बढ़ाने का काम कर रही है। आने वाले समय में हमें इस पर भी विचार करना होगा।

Air Pollution in hindi

खुद को वायु प्रदूषण से कैसे बचाएं

वायु प्रदूषण दशकों की समस्‍या है ऐसे में एक दिन में इसका समाधान संभव नहीं है। इसलिए यहां हम आपको कुछ ऐसे तरीके बता रहे हैं जिनसे आप खुद को वायु प्रदूषण से बचा सकते हैं।

  • यदि आप किसी ऐसेी जगह जा रहे हैं जहां वायु प्रदूषण गंभीर श्रेणी में होता है तो वहां मास्‍क लगाकर घूमें। इससे हवा में मौजूद जहरीले कण सीधे आपके शरीर में प्रवेश नहीं करेंगे।
  • वायु प्रदूषण सबसे ज्‍यादा दिन में होता है। ऐसे में यदि आपको बाहर किसी काम से जाना है तो कोशिश करें कि उस काम को सुबह या शाम के समय करें। ताकि प्रदूषण के बीच आपको ना जाना पड़े।
  • यदि आप चाहे तो अपने घर में Air Purifier भी लगवा सकते हैं। ये एक मशीन होती है जो कि बिजली से चलती है। इसे यदि आप अपने घर के किसी कोने में लगा लेते हैं तो ये आपके घर की हवा को पूरी तरह से साफ करने का काम करेगा।
  • यदि आप बुजुर्ग हैं या आपको सांस लेने से जुड़ी कोई समस्‍या है तो बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर जाएं।

वायु प्रदूषण को कम करने क उपाय

जैसा कि आपने जाना कि वायु प्रदूषण के कारण हम और आप जैसे लोग ही हैं। ऐसे में यदि हम सब लोग मिलकर चाहें तो वायु प्रदूषण को कम किया जा सकता है। आइए आपको बताते हैं कि आम लोग वायु प्रदूषण को कम करने मे अपना क्‍या योगदान दे सकते हैं।

वाहनों का सीमित प्रयोग

कार और मोटरसाइकिल हमारे लिए आज आम बात हो गई है। हमें कहीं भी जाना होता है तो बिना वाहन के जा ही नहीं सकते हैं। लेकिन हमें चाहिए कि जब हमें घर के पास में ही जाना हो तो पैदल या साइकिल से वहां जाएं। साथ ही यदि हम किसी जगह अकेले जा रहे हैं तो कार या बाइक की बजाय बस या ट्रेन का प्रयोग करें। इससे वायु प्रदूषण को कम करने में हम अपना योगदान दे सकते हैं।

सोलर सिस्‍टम का प्रयोग करके

हमारे घरों में जो बिजली आती है उसे बड़े बड़े तापघरों मे कोयले को जलाकर बनाया जाता है। ऐसे में उस जलने वाले कोयले से बड़ी मात्रा में वायु प्रदूषण होता है। यदि हम इसे कम करना चाहते हैं तो जरूरी है कि हम लोग अपने घरों की छतों पर सोलर पावर का प्रयोग करें। इसके लिए आप अपने घर की छत पर सोलर प्‍लेट लगवा सकते हैं। इससे आपका बिजली का बिल भी कम आएगा। साथ ही वायु प्रदूषण को कम करने में भी आप अपना अहम योगदान दे सकेंगे।

समाज में जागरूकता फैलाकर

बढ़ते वायु प्रदूषण का एक कारण ये भी है हमारे देश में आज भी लोगों को प्रदूषण के बारे में सही जानकारी नहीं है। उन्‍हें आज भी लगता है कि प्रदूषण कोई बड़ी समस्‍या नहीं है। ऐसे में जरूरी है कि हम लोग पर्यावरण दिवस पर साथ ही अन्‍य दिनों जागरूकता के लिए कार्यक्रम आयोजित करें। टीवी और रेडियो पर इससे जुड़े कार्यक्रम पेश किए जाएं। साथ ही बच्‍चों के पाठ्यक्रम कें भी इसे शामिल किया जाए। ताकि हमारी युवा पीढ़ी समझ सके कि वायु प्रदूषण कितनी गंभीर समस्‍या है। साथ ही हम लोग किस तरह से उसका समाधान कर सकते हैं।

धुएं को सीधे हवा में जाने से रोककर

हमारे देश में हर शहर में उद्येाग धंधे तो मौजूद ही हैं। जिनमें से बेहद ही जहरीला धुआं निकलता है। लेकिन यदि हम चाहे तो कारखानों में से निकलने वाले धुएं को छान सकते हैं। यदि हम ऐसा करते हैं। तो उस धुएं में मौजूद जहरीले कण वातावरण में सीधे जाने से बच सकते हैं। इससे वायु में होने वाले प्रदूषण को कम करने में काफी हद तक मदद मिल सकती है। साथ ही इस तरीके को अपनाने में किसी तरह की समस्‍या भी नहीं आएगी।

अधिक से अधिक पेड़ पौधे लगाकर

पेड़ पौधे हवा को शुद्ध करने का काम करते हैं। क्‍योंकि वो हवा में मौजूद हानिकारक तत्‍वों को अपने अंदर समाहित कर लेते हैं। ऐसे में हमें चाहिए अपने घर या उसके आसपास पेड़ पौधे लगाकर हरियाली फैलाएं। इसलिए यदि संभव हो तो अपने घर में एक दो गमले जरूर रखें। यदि हम सभी इस तरह से अपना छोटा छोटा प्रयास भी करते हैं तो वायु प्रदूषण पर एक दिन हम अवश्‍य ही जीत हासिल करेंगे।

जनसंख्‍या को बढ़ने से रोककर

जनसंख्‍या को बढ़ने से रोककर भी हम वायु प्रदूषण को कम करने में योगदान दे सकते हैं। क्‍योंकि जैसे ही जनसंख्‍या बढ़ती है तो प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव बढ़ने लगता है। जिससे वायु प्रदूषण भी बढ़ता है। इसलिए हमें अपने देश की जनसंख्‍या को बढ़ने से रोकने के हर संभव कदम उठाने चाहिए। ताकि हम आने वाली पीढी को साफ हवा दे सकें।

पटाखों को ना जलाकर

हमारे देश में खुशी का प्रतीक पटाखों को माना जाता है। यही वजह है कि हम दीवाली के साथ नए साल और विवाह शदियों में बड़ी मात्रा में पटाखे जलाते हैं। लेकिन इनसे भी बड़ी मात्रा में वायु प्रदूषण फैलता है। इसलिए हमें चाहिए कि हम लोग अपनी खुशी को जाहिर करने के लिए पटाखे आदि का प्रयोग ना करें। इससे ध्‍वनि प्रदूषण के साथ वायु प्रदूषण भी होता है।

Conclusion

वायु प्रदूषण के कारण अनेकों है जिंसमे से हमने कुछ मुख्य कारणों के बारे में चर्चा की। आशा है जानकारी मिल जाने के बाद हम इसे रोकने में सहायक होंगे।

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नमस्कार दोस्तों, मैं रवि "आल इन हिन्दी" का Founder हूँ. मैं एक Economics Graduate हूँ। कहते है ज्ञान कभी व्यर्थ नहीं जाता कुछ इसी सोच के साथ मै अपना सारा ज्ञान "आल इन हिन्दी" द्वारा आपके साथ बाँट रहा हूँ। और कोशिश कर रहा हूँ कि आपको भी इससे सही और सटीक ज्ञान प्राप्त हो सकें।

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