गल्ले का व्यापार – अनाज का व्यापार कैसे करे?

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Anaaj ka vyapar kaise kare: ग्रामीण इलाकों में आपने अनाज के व्‍यापारी अवश्‍य देखें होंगे। इनका काम होता है कि ये गांव के किसानों से अनाज को खरीदते हैं और जब उसे बेचने का सही समय आ जाता है तो उसे बाजार में बेच देते हैं। इसके अलावा कुछ लोग अनाज खरीदकर सीधे मंडी में भी बेच आते हैं। ऐसे में ये कारोबार बेहद मुनाफा देने वाला होता है। इसलिए इसके अदंर हर साल काफी लोग नए उतरते हैं।

इसलिए यद‍ि आप भी जानना चाहते हैं कि गल्ले का व्यापार क्‍या होता है। गल्‍ले का व्‍यापार कैसे किया जा सकता है। तो हमारे इस लेख को अंत तक पढि़ए। अपने इस लेख में हम आपको अनाज का व्‍यापार कैसे शुरू करें इस बारे में पूरी जानकारी देंगे।

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अनाज का व्‍यापार क्‍या होता है?

अनाज का व्‍यापार को यदि हम देहाती भाषा में कहें तो इसे गल्‍ले का व्‍यापार कहा जाता है। इसके अंदर एक अनाज का व्‍यापारी होता है। उसके पास बहुत बड़ा गोदाम होता है। जो कि जब भी फसल कटने का समय आता है तो किसानों से अनाज खरीद लेता है और जब भी उसका बाजार में दाम बढ़ जाता है तो उसे बाजार में बेच देता है। खास बात ये है कि इससे व्‍यापारी और किसान दोनों को फायदा होता है।

यह एक तरह का अलग ही व्‍यापार होता है। इसके अंदर मुनाफा इस बात पर निर्भर करता है कि आपने कोई फसल कितने दाम में खरीदी थी और उसे आगे चलकर कितने दाम में बेच दी। क्‍योंकि अनाज का दाम लगातार बढ़ता ही रहता है।

अनाज का व्यापार कैसे करे

गल्‍ले का व्‍यापार करने के फायदे

  • इसका सबसे पहला फायदा ये होता है कि इसे कोई भी इंसान और किसी भी उम्र का इंसान शुरू कर सकता है। वो भी अपने गांव या शहर में रहकर ही इस काम को कर सकता है।
  • इसके अंदर आपको केवल तभी काम करना होता है जब फसल कटती है और इसके बाद जब फसल को बेचना होता है। बाकी समय आप कोई दूसरा काम भी कर सकते हैं।
  • अनाज का व्‍यापार कभी बंद नहीं होता है। क्‍योंकि चाहे कैसा भी समय आए हर इंसान को अनाज तो खरीदना ही पड़ता है। जो कि व्‍यापारी के हित में होता है।
  • इस व्‍यापार के अंदर मुनाफा इस बात पर निर्भर करता है कि आपने फसल कितने में खरीदी और कितने में बेच दी। इससे आप बहुत ज्‍यादा मुनाफा कमा सकते हैं।
  • अनाज का व्‍यापार कभी आपातकालीन समय में भी बंद नहीं होता है। फिर चाहे देश की सारी दुकानें क्‍यों ना बंद करने का आदेश जारी हो जाए।
  • इसके अंदर नुकसान होने की संभावना बेहद ही कम रहती है। क्‍योंकि ऐसा बहुत कम होता है कि फसल खरीदे हुए दाम से भी नीचे आ जाए।
  • इस व्‍यापार के अंदर किसी तरह का कानूनी दांव पेच भी नहीं है। बस फसल खरीदो और सही समय आने पर बाजार में बेच दो।

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अनाज का व्यापार कैसे करें?

आइए अब हम आपको पूरी जानकारी देते हैं कि अनाज का व्‍यापार कैसे शुरू करें। इसमें हम आपको अनाज की खरीद से लेकर उसे बेचने तक की जानकारी देंगे। इसलिए आप हमारा ये लेख पूरे अंत तक बड़े ध्‍यान से पढि़ए। ताकि आप हर बात को अच्‍छे से समझ सकें और अनाज का व्‍यापार शुरू कर सकें।

व्‍यापार का ‘ब्‍लू प्रिंट’ तैयार करें

किसी भी व्‍यापार में सफल होने का मूलमंत्र है कि आपके पास उसके लिए कैसी प्‍लानिंग है। इसलिए सबसे पहले आप अपने घर में परिवार के साथ बैठकर अपने काम का ब्‍लू प्रिंट तैयार करें। इसमें आप देखें कि आपको कितनी लागत से काम शुरू करना है और कितनी लागत तक काम को आगे लेकर जाना है।

साथ ही आप फसल कहां से खरीदेंगे।। इसके अलावा उसे बेचने का क्‍या प्रबंध है। यदि आपके जहन में ये सभी बातें साफ हैं तो आप इस काम को आसानी से शुरू कर सकते हैं।

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अनाज के व्‍यापार का अनुभव लें

यदि आपके पास पहले से अनाज के काम का अनुभव है तो आपको अनुभव लेने की आवश्‍यकता बिल्‍कुल नहीं है। लेकिन यदि आप अनाज के व्‍यापार में नए नए खिलाड़ी बनने जा रहे हो तो आपको अनुभव लेना सबसे जरूरी है। इसके लिए आपको चाहिए कि आप मंडी में कुछ महीने किसी अनाज के व्‍यापारी के साथ मिलकर काम कर लें। वहां से आपको समझ आ जाएगा कि आपको अपना काम किस तरह से शुरू करना है।

क्‍योंकि आप मंडी व्‍यापारी के साथ जब रहेंगे तो देखेंगे कि कैसे वो फसल कब खरीदता है और फिर किन जगहों पर उसे बेचता है। साथ ही उसका क्‍या दाम होता है। बस जैसे ही आप ये सभी दांव पेंच समझ जाएं तो आप अपने व्‍यापार की तरफ बढ़ जाएं और वहां काम छोड़ दें।

अपना ऑफिस और गोडाउन तैयार करें

इसके बाद आपको सबसे पहला अपना ऑफिस और एक गोडाउन बनाना चाहिए। ऑफिस ऐसी जगह पर बनाएं जहां किसानों का आना जाना हमेशा लगा ही रहता हो। जिससे वो आपके बारे में जान सकें। इसके अलावा आप अपना गोडाउन ऐसी जगह बनाएं जहां ट्रक और टैक्‍टर आसानी से आ जा सकें। यदि आपको ऑफिस के पास गोडाउन नहीं मिलता है तो इसे दूर भी बना सकते हैं।

क्‍योंकि किसानों का जो भी अनाज आएगा वो ज्‍यादातर समय टैक्‍टर में ही आएगा इसलिए वो दूर भी ले जा सकते हैं। लेकिन यदि आपके गोडाउन तक टैक्‍टर नहीं आ सका तो आपको उसे गाडाउन तक ले जाने में काफी मेहनत करनी पड़ेगी। इसके अलावा आप गोडाउन का आकार अपने हिसाब से कितना भी बड़ा रख सकते हैं। बस ध्‍यान इस बात का रखिए कि आप ऊपर की मंजिल पर कभी भी गोडाउन ना बनवाएं। अन्‍यथा आपको अनाज चढ़वाने और उतरवाने में काफी मेहतन करनी पड़ेगी। जिसमें काफी खर्चा आ जाएगा। इसके अलावा यदि आपके घर या कहीं और ऐसी जगह है तो आप वहां भी ये व्‍यवस्‍था कर सकते हैं।

मंडी व्‍यापारी का लाइसेंस लें

इसके बाद आप यदि आप मंडी में जाकर अनाज खरीदना चाहते हैं तो आपको मंडी में लाइसेंस के लिए आवेदन करना होगा। जिसकी प्रक्रिया हर राज्‍य में अलग अलग होती है। इसलिए मंडी लाइसेंस आपको कैसे मिलेगा इस बारे में आप मंडी या इस व्‍यपार को पहले से कर रहे लोगों से मिलकर समझ सकते हैं। ये प्रक्रिया ऑनलाइन ही पूरी हो जाएगी।

लाइसेंस लेने का फायदा ये होता है आप अनाज के कारोबार में पूरी तरह से नियमों से व्‍यपारी बन जाते हैं। इसके अलावा आपके पास लाइसेंस होगा तो आप अनाज मंडी में से भी खरीद सकते हैं। क्‍योंकि सबसे ज्‍यादा किसान वहीं पर आकर अनाज बेचते हैं। इसलिए वहां आपको आराम से और सस्‍ता अनाज मिल जाता है। साथ ही लाइसेंस होने से आपको कुछ सरकारी मदद और लोन जैसी चीजें लेने में भी काफी आसानी रहती है। इसलिए यदि आप बड़े स्‍तर पर ये काम करना चाहते हैं तो लाइसेंस अवश्‍य ले लें।

बिना लाइसेंस अनाज का व्‍यापार कैसे करें?

यदि आप बिना लाइसेंस के गल्ले का व्यापार करना चाहते हैं तो यह भी बेहद आसान है। इसके अंदर आपको अपने गांव में ही अनाज खरीदना होगा और उसे अपने गोदाम में रख लेना होगा। लेकिन ध्‍यान ये रखना होगा कि हर फसल को स्‍टॉक करने के सरकार की तरफ से कुछ नियम निर्धारित रहते हैं। आपको उनका पालन अवश्‍य रूप से करना होगा। क्‍योंकि बिना लाइसेंस यदि आप उस सीमा को पार करते हैं तो इसे अनाज की कालाबाजारी माना जाएगा।

इस तरह से आप तय सीमा में हर साल फसल की कटाई पर अनाज खरीदें और जब उसका भाव ऊपर चला जाए तो बेच दें। इससे जो भी मुनाफा होगा वही आपकी कमाई होगी। लेकिन जैसे ही आपको लगे की कि अब आपका काम तेजी पकड़ चुका है आप लाइसेंस के लिए आवेदन कर दें।

अनाज कैसे खरीदें?

अनाज खरीदने के लिए पहला तरीका तो लाइसेंस के साथ है। उसमें आप जब भी फसल बिक्री शुरू हो तो आप सीधा मंडी में चले जाइए और वहां से फसल खरीद लीजिए। इसके अलावा दूसरा तरीका ये है कि आप जो भी फसल हो उसे अपने गांव में सीधा किसानों से ही खरीद लीजिए।

इसमें आप ऐसे किसानों को देखिए जो कि थोड़ी मात्रा में फसल बोते हैं और वो मंडी में ले जाने के इच्‍छुक नहीं होते हैं। क्‍योंकि शहर में थोड़ी सी फसल मंडी में बेचने का किराया काफी हो जाता है। इसलिए आप कोशिश कीजिए कि अपने या आसपास के गांवों में कुछ ऐसे किसान से बात कीजिए और उन सबकी फसल एक साथ खरीदीइए और उसे अपने गोडाउन में रखवा दीजिए।

इसमें आप केवल गेहूं और धान ही नहीं। आप दूसरी फसलें भी अपने हिसाब से रख सकते हैं। जो कि आपको लगता है कि आपके इलाके के किसान उगाते हैं। लेकिन कई फसलें ऐसी होती हैं जो कि फ्रिज में रखनी पड़ती हैं आप उन्‍हें ना खरीदें। अन्‍यथा वो खराब हो जाएंगी। जिससे आपका नुकसान हो जाएगा।

अनाज कहां बेचें?

गल्ले का व्यापार करने से पहले आपको सबसे पहले ये तय कर लेना चाहिए कि आप जो भी अनाज खरीदेंगे उसे कहां बेचेंगे। क्‍योंकि यदि आप अपना अनाज सही जगह नहीं बेच पाए तो आपको मुनाफा सही नहीं होगा।

अनाज बेचने का पहला तरीका

अनाज बेचने की सबसे पहली जगह मंडी है। आज के समय बहुत से व्‍यापारी अपने गांव में छोटे किसानों से फसल खरीदते हैं और उसे ले जाकर मंडी में बेच आते हैं। बस इसी से उनका काफी मुनाफा हो जाता है।

उदाहरण के लिए आपने अपने गांव में किसी किसान से कोई फसल 15 रूपए किलो के भाव में खरीदी और आपके पास टैक्‍टर आदि है तो आप इस तरह से किसानों की फसल खरीदीइए और अपने टैक्‍टर में लोड करिए और उसे अंत में मंडी में बेच आइए।

इसके अंदर आपको फायदा ये होगा कि आप एक साथ बहुत सारी फसल मंडी में बेच देंगे तो मान लीजिए आपने कोई फसल 15 रूपए किलो खरीदी थी तो अगर वह 17 रूपए किलो भी बिक गई तो आपको कई हजार का फायदा हो जाएगा। इसमें किसानों को फायदा ये होगा कि वो मंडी में जाने के झंझट से बच जाएंगे और आप अपने दिमाग का प्रयोग करके कमाई कर लेंगे।

फसल बेचने का दूसरा तरीका

फसल बेचने का दूसरा तरीका ये है कि आप जब कोई फसल खरीदते हैं तो उसे अपने गोडाउन में स्‍टोर कर लीजिए। इसमें सीजन की कोई भी फसल हो सकती है। इसके बाद आप अपने आसपास की दुकानों या अनाज भंडार से संपर्क कीजिए। उनके एक दाम तय कीजिए और जब भी उनको उस फसल की जरूरत हो तो आप अपने गोडाउन से फसल देते रहिए। इस तरह से आपको हर सीजन की फसल में अच्‍छा मुनाफा हो जाएगा।

फसल बेचने का तीसरा तरीका

फसल बेचने का तीसरा तरीका ये है कि आप अपनी फसल को गोडाउन में रखिए और भाव के ऊपर जाने का इंतजार कीजिए। इसके बाद जैसे ही आपको लगे कि इस समय फसल के भाव सबसे ऊपर जा चुके हैं तो उसे बाजार में बेच दीजिए। इसमें फायदा ये होता है कि आपको कई कई बार फसल के दाम से कई गुना ज्‍यादा भाव मिल जाते हैं। साथ ही मांग इतनी ज्‍यादा हो गई होती है कि आप कहीं भी अपनी फसल को आसानी से बेच सकते हैं।

गोडाउन की सुरक्षा मजबूत करें

इसके अलावा आप जो भी गोडाउन किराए पर या खुद का लेते हैं तो उसकी सुरक्षा व्‍यवस्‍था बेहद अहम होती है। खास तौर पर तब जब फसल के दाम काफी ऊपर चले गए होते हैं। इसलिए सबसे पहले तो उसकी दीवारों को चारों तरफ से इस तरह से बनवाइए कि कोई किसी तरफ से कूद कर अंदर ना जा सके।

इसके अलावा आप वहां एक आदमी की ड्यूटी 24 घंटे लगा दीजिए। साथ ही अंदर कैमरे भी लगवा दीजिए। क्‍योंक‍ि कई बार खबरें सुनने में आती हैं कि अनाज के गोडाउन में दीवार से कूदकर या सेंध लगाकर अनाज चोरी हो गया। खास बात ये है कि इसकी शिकायत अगर आप पुलिस में भी करते हैं तो कोई खास कार्रवाई नहीं हो पाती है।

गल्ले के व्यापार की कुल लागत?

यदि हम गल्ले का व्यापार की लागत की बात करें तो यह इस बात पर‍ निर्भर करती है कि आप एक सीजन में कितनी ज्‍यादा फसल खरीदते हैं। साथ ही कौन कौन सी सफल खरीदते हैं। क्‍योंकि कई फसल सस्‍ती होती हैं। जबकि कई फसल महंगी होती है। इसलिए लागत का अंदाजा लगा पाना भी बेहद कठिन है। साथ ही ये बात आपके गोडाउन के आकार पर भी निर्भर करती है।

लेकिन यदि हम सामान्य व्‍यापारी की बात करें तो कम से कम कोई गल्ले का व्यापार शुरू करने के लिए 2 से 3 लाख रूपए लगाने जरूरी होते हैं। जबकि अधिकतम 10 लाख रूपए तक लगाए जा सकते हैं। इसलिए यदि आपके पास 2 लाख रूपए से भी कम पैसे हैं तो इस काम में ना ही उतरें या गल्ले का व्यापार शुरू करने के लिए बैंक से लोन ले लें। जो कि आपको लाइसेंस लेने के बाद आसानी से मिल जाता है।

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गल्ले का व्यापार से कमाई

गल्ले का व्यापार से यदि हम कमाई की बात करें तो यह इस बात पर निर्भर करती है कि आप कौन सी फसल कितनी मात्रा में खरीदते हैं और उसे कब बेचते हैं। क्‍योंकि गल्ले का व्यापार में फसल बेचने के कई तरीके हैं। इसलिए कमाई आपके तरीकों के ऊपर घटती और बढ़ती रहती है।

यदि हम ज्‍यादा कमाई की बात करें तो गल्ले का व्यापार में कभी भी तुरंत कमाई नहीं होती है। आपको फसल खरीदनी होगी और उसे कुछ महीने अपने गोडाउन में स्‍टोर करके रखनी होगी। इसके बाद आपको बाजार में बेच देनी होगी। इसलिए हम कह सकते हैं कि जो भी कमाई होगी वो कभी भी तुरंत नहीं हो सकती है।

ध्‍यान रखने योग्य बातें

  • गल्ले का व्यापार केवल वही लोग करें जो ग्रामीण परिवेश से आते हों और फसलों की सही जानकारी रखते हों।
  • कई बार ज्‍यादा भाव के चक्‍कर में फसल गोडाउन में खराब होने लगती है। इसलिए आप समय समय पर फसल देखते रहें।
  • जब आप फसल बाजार में बेचने जाएं तो कई जगह भाव पता कर लें। जो सबसे ज्‍यादा भाव दे उसे ही बेचें।
  • आप अपनी दुकान पर अपना मोबाइल नंबर अवश्‍य लिखवा दें। ताकि कोई इंसान आपसे फसल को खरीदने बेचने के बारे में जानना चाहे तो घर बैठे फोन भी करके पूछ सके।
  • फसल को स्‍टोर करने की सीमा को कभी पार ना करें। अन्‍यथा आपका फसलों की कालाबाजारी के अंतर्गत जुर्माना भी देना पड़ सकता है।
  • इस व्‍यापार में कोशिश करें कि आप किसानों और फसल खरीदने वालों से हमेशा संपर्क में रहें ताकि आपको हमेशा सबसे सही दाम मिल जाए।
  • कभी भी अपने गोादाम की क्षमता से ज्‍यादा अनाज ना खरीदें। क्‍योंकि इससे आपका अनाज बाहर पड़ा रहेगा और बारिश में भीग जाएगा।
  • अपने गोदाम का निर्माण इस तरह से करवाएं जिससे उसमें बारिश का पानी और चूहे आदि ना घुस सकें। क्‍योंकि इससे आपका अनाज के व्‍यापार में भारी नुकसान हो सकता है।
  • जब भी आप अनाज खरीदें तो हमेशा उसकी गुणवत्‍ता की जांच कर लें। क्‍योंकि यदि आप अच्‍छी गुणवत्‍ता का अनाज नहीं लेंगे तो गोदाम में ही खराब हो जाएगा।

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FAQ

गल्‍ले का व्‍यापार क्‍या होता है?

यह अनाज को खरीदने और बेचने का कारोबार होता है।

गल्‍ले का व्‍यापार कौन कर सकता है?

इसे खेती और किसानी के साथ कारोबार की समझ रखने वाला इंसान आराम से कर सकता है।

गल्‍ले का व्‍यापार करने की शुरूआती लागत?

छोटे से छोटे से शुरूआत करने के लिए 2 लाख रूपए और अधिकतम 10 से 12 लाख रूपए तक की लागत आत सकती है।

गल्‍ले के व्‍यापार से मुनाफा कितना होगा?

मुनाफा इस बात पर निर्भर करता है कि आपने फसल कहां से खरीदी और उसे कितने समय बाद बेची। फसल को जितना ज्‍यादा अपने गोडाउन में स्‍टोर रखेंगे आपको मुनाफा उतना ही ज्‍यादा होगा।

गल्‍ले के व्‍यापार में सबसे जरूरी बात?

गल्‍ले के व्‍यापार में सबसे जरूरी बात ये है कि आप फसल कम दाम में खरीदें और जब बाजार में सबसे अधिक दाम मिले तो बेच दें।

गल्‍ले के व्‍यापार में फसल कैसे खरीदें?

आप फसल को सीधे किसानों से भी खरीद सकते हैं और आप लाइसेंस लेकर मंडी से भी खरीद सकते हैं।

Conclusion

आशा है कि अब आप समझ गए होंगे कि गल्ले का व्यापार कैसे शुरू करें। इसे जानने के बाद आप अपने गांव में रहकर ही आसानी से ही गल्‍ले का व्‍यपार शुरू कर सकते हैं। यह एक ऐसा व्‍यापार है जो कि सही मौका आने पर एक झटके में कई लाख की आमदनी करवा सकता है। इसलिए ये व्‍यापार आपके लिए बेहद ही फायदे का सौदा हो सकता है। यदि आपका इस लेख से जुड़ा कोई सवाल है तो हमें नीचे कमेंट करें। हम आपके सवाल का जवाब अवश्‍य देंगे।

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उम्र में युवा और तजुर्बे में वरिष्ठ रोहित यादव हरियाणा के रहने वाले हैं। पत्रकारिता में डिग्री रखने के साथ इन्होंने अपनी सेवाएं कई मीडिया संस्थानों को दी हैं। फिलहाल ये पिछले लंबे समय से अपनी सेवाएं 'All in Hindi' को दे रहे हैं।

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