Maida kaise banta hai | मैदा किससे बनता है

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मैदा किससे बनता है?

Maida kaise Banta Hai; मैदे से बने पकवान तो आपने कई बार खाए होंगे। साथ ही अगर आप बाहर का खाना खाते हैं तो भटूरे, मोमोज और समोसे जैसी चीजें कब आपने पहली बार खाई होगीं और फिर कब आपको इसकी आदत लग गई। इसका आपको पता ही नहीं चला होगा।

लेकिन यदि आप अभी तक नहीं जानते हैं कि मैदा क्या होता है? मैदा किससे बनता है? मैदा कैसे बनता है? तो हमारे इस लेख को अंत तक पढि़ए। अपने इस लेख में हम आपको बताएंगे कि Maida kaise Banta Hai

मैदा क्‍या होता है?

Maida kaise Banta Hai इस बारे में आपको हम जानकारी दें इससे पहले आइए आपको एक बार हम बता दें कि मैदा होता क्‍या है। मैदा भी आटे की तरह ही होता है। जिस तरह हम लोग आटे से कई पकवान बनाते हैं उसी तरह मैदे से भी पकवान बनाए जाते हैं।

एक तरह से कहें तो आटे की जगह ही इसका प्रयोग किया जाता है। क्‍योंकि मैदा आटे से ज्‍यादा स्‍वाददार होता है। जिससे लोग इसे खाना सबसे ज्‍यादा पसंद करते हैं। जिस तरह हम लोग कभी सीधा आटे को नहीं खा सकते हैं। उसी तरह मैदे का सेवन भी सीधा नहीं किया जा सकता है। इसे भी पहले पकाया जाता है। फिर खाया जाता है।

मैदा किससे बनता है? Maida kisse banta Hai

यदि हम मैदे को बनाने की बात करें तो यह भी गेंहू से ही बनता है। शायद आप सोच रहे होंगे कि गेंहू से तो आटा बनता है। लेकिन हम आपको बता दें कि मैदा बनाने की विधि थोड़ी अलग और लंबी होती है। जबकि गेंहू से आटा बेहद आसानी से बनाया जा सकता है। जिसे बस चक्‍की में पिसवाना मात्र होता है।

यही वजह है कि हम लोग अपने घरों में गेंहू से आटा तो पिसवा लेते हैं। पर कभी घर में मैदा नहीं बनवा पाते हैं। मैदा बनाने के लिए बड़ी बड़ी कंपनी होती हैं। जहां मैदा बनाने का काम मशीनों की मदद से किया जाता है।

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Maida kaise Banta Hai

मैदा कैसे बनता है? Maida kaise Banta Hai

आइए अब हम आपको विस्‍तार से Step By Step बताते हैं कि Maida kaise Banta Hai इसे जानने के बाद आप यदि चाहें तो अपने घर में भी मैदा आसानी से बना सकते हैं। बस इस काम में काफी समय लग जाएगा। यहां हम एक बात और स्‍पष्‍ट कर दें कि मैदा कंपनी में भी गेंहू के जरिए ही बनाया जाता है। उसके अंदर किसी तरह की मिलावट कभी नहीं की जाती है।

  • मैदा बनाने के लिए चाहे कोई कंपनी हो या घर वहां सबसे पहले बहुत सारा गेंहू खरीदा जाता है। जो कि अच्‍छी गुणवत्‍ता का होता है। क्‍योंकि खराब गुणवत्‍ता के मैदे से पकवान कभी अच्‍छे नहीं बन सकते हैं।
  • इसके बाद उसके अंदर से खरपतवार जैसी कोई चीज यदि होती है तो इसे बाहर निकाल लिया जाता है। घरों में इसे पंखे की मदद से साफ किया जाता है। जबकि कंपनी में बहुत बड़े बड़े छनने होते हैं।
  • इसके बाद इसे थोड़ा गीला कर लिया जाता है। जिससे इसके अंदर नमी आ जाए। इस दौरान इसमें पानी इस तरह मारा जाता है कि पूरे गेंहू में बराबर मात्रा में ही पानी की छींटे लगें।
  • अब इसे कंपनी के अंदर बड़ी बड़ी मशीनों में डालकर इस तरह से पीसा जाता है कि गेंहू के दाने का छिलका जो कि पीले रंग का होता है। उससे अलग हो जाए। घर में इसे आप कूट सकते हैं। जिससे गेंहू का हर दाना कई टुकड़ों में अलग होकर अपना छिलका छोड़ दे।
  • इसके बाद इसे वापिस धूप में रख दिया जाता है। ताक‍ि गेंहू के अंदर जो भी नर्माहट बची हो वो पूरी तरह से खत्म हो जाए। ये काम तीन चार घंटे तेज धूप में रखने भर से हो जाएगा।
  • इसके बाद इसे छननी से चाल लिया जाता है जिससे गेंहू के बीच का भाग जिसमें सफेद पाउडर की तरह होता हैं। वो छननी से नीचे गिर जाता है। जबकि छिलका ऊपर रह जाता है। छिलका इसलिए ऊपर रह जाता है क्‍योंकि जब इसे कूटा गया था तो केवल इसके दाने को केवल तोड़ा गया था। ना कि पीसा गया था।
  • अब जो भी गेंहू का सफेद पाउडर वाला भाग छानने में नीचे गिर गया वो मैदा है। जबकि जो भाग ऊपर रह गया वो आटे के रूप में रह जाएगा। यदि लगता है कि कुछ छिलके भी नीचे जा चुके हैं तो उनहें हाथ से अलग कर लिया जाता है।
  • इसके बाद कंपनी में छानने के बाद जो भी मैदा निकला था। उसे मशीनों में दोबारा से पीसा जाता है। इस बार इसे पूरी तरह से बारीक कर दिया जाता है। जिससे यह पूरी तरह से महीन और सफेद रंग का हो जाता है। यदि आप घर में मैदा बना रहे हैं तो आप थोड़ी थोड़ी मात्रा में मिक्‍सी में भी पीस सकते हैं।
  • पीसने के बाद इसे कंपनी के अंदर वजन के हिसाब से पैक कर दिया जाता है। जिसके बाद यही मैदा बाजार में बिकने आ जाता है।
  • यदि आप सोच रहे हैं कि आटा तो हल्‍का पीले रंग का होता है। जबकि मैदा एकदम सफेद रंग का। तो इसकी वजह ये है कि आटे के अंदर गेंहू का छिलका भी पीस दिया जाता है। जबकि ऊपर आपने जाना कि मैदा बनाने के लिए सबसे पहले गेंहू का छिलका ही उससे अलग कर लिया जाता है। जिससे यह पूरी तरह से सफेद रंग का ही होता है।

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मैदा इतना मंहगा क्‍यों होता है?

आपने अभी ऊपर जाना कि Maida kaise Banta Hai इसे जानने के बाद आपके जहन में भी ये सवााल आ रहा होगा कि जब आटा और मैदा गेंहू से ही बनाया जाता है। तो दोनों के दाम में इतना अंतर क्‍यों रहता है। इसकी वजह ये है कि मैदा बनाने की प्रक्रिया काफी लंबी होती है। साथ ही जब हम मैदा बनाते हैं तो गेंहू का एक बड़ा हिस्‍सा खराब हो जाता है। जो कि छानने में रह जाता है।

यही वजह है कि हमेशा बाजार में मैदा आटे के दाम से लगभग तीन गुना दाम पर मिलता है। साथ ही हम आपको बता दें कि जो मैदा कंपनी से पैक होकर आता है। वो भी पूरी तरह से स्‍वदेशी होता है। क्‍योंकि इसे बनाने में गेंहू भारत का ही प्रयोग किया जाता है।

क्‍या मैदा सेहत के लिए नुकसानदेह है?

आपने डॉक्‍टर या कई अन्‍य लोगों के मुंह से सुना होगा कि मैदे से बने पकवान सेहत के लिए अच्‍छे नहीं माने जाते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्‍योंकि जब मैदा बनाया जाता है तो उस दौरान गेंहू का छिलका उससे उतार दिया जाता है। जबकि गेंहू के सभी पोषक तत्‍व उसके छिलके के अंदर ही पाए जाते हैं।

साथ ही यदि हम केवल मैदे से बनी चीजों का सेवन करते हैं। तो वो हमारी आंत में भी चिपक जाती है। जिसके परिणाम कई बार घातक भी हो जाते हैं। इसीलिए हमारा भी आपको यही सुझाव रहेगा कि आप मैदे से बनी चीजों का सेवन केवल त्‍यौहार या विशेष मौकों पर ही करें। इसे अपनी रोजाना की दिनचर्या में कभी भी इसे शामिल ना करें।

Conclusion

आपने हमारी इस पोस्‍ट में जाना कि Maida kaise Banta Hai और मैदा किससे बनता है। यदि अब आप जान गए हैं कि मैदा कैसे बनता है। तो हमारी इस पोस्‍ट को अपने दोस्‍तों तक भी अवश्‍य शेयर करें ताकि वो लोग भी जान सकें कि Maida kisse banta Hai यदि आपका कोई सवाल या सुझाव है तो हमें नीचे कमेंट करें।

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उम्र में युवा और तजुर्बे में वरिष्ठ रोहित यादव हरियाणा के रहने वाले हैं। पत्रकारिता में डिग्री रखने के साथ इन्होंने अपनी सेवाएं कई मीडिया संस्थानों को दी हैं। फिलहाल ये पिछले लंबे समय से अपनी सेवाएं 'All in Hindi' को दे रहे हैं।

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