माइग्रेशन सर्टिफिकेट क्या होता है?

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Migration Certificate kya hota hai: स्‍कूल और कॉलेज के छात्रों के लिए माइग्रेशन सर्टिफिकेट बेहद ही जरूरी दस्‍तावेज होता है। जिसे आपको स्‍कूल या कॉलेज बदलते समय चाहिए होता है। लेकिन ज्‍यादातर छात्र माइग्रेशन सर्टिफिकेट के बारे में नहीं जानते हैं। जिससे उन्‍हें दाखिले के समय परेशानी होती है। इसलिए यदि आप भी जानना चाहते हैं कि माइग्रेशन सर्टिफिकेट क्‍या होता है। तो हमारे इस लेख को अंत तक पढि़ए।

अपने इस लेख में हम आपको जानकारी देंगे कि माइग्रेशन सर्टिफिकेट क्या होता है। इसे आप कैसे ले सकते हैं। माइग्रेशन सर्टिफिकेट की जरूरत हमें कब और क्‍यों पड़ती है।

माइग्रेशन सर्टिफिकेट क्‍या होता है?

आइए सबसे पहले हम आपको हम जानकारी देते हैं कि माइग्रेशन सर्टिफिकेट (Migration Certificate) क्‍या होता है। यह भी एक तरह का कागज होता है। जिसे हिन्‍दी में स्‍थानंतरण सर्टिफिकेट कहा जाता है। जो कि आपको दसवीं और बारहंवी के बाद दिया जाता है। इसके अलावा यदि आप कॉलेज के दौरान अपनी यूनिवर्सिटी बदलते हैं तो आपको माइग्रेशन सर्टिफिकेट चाहिए होता है। इसके बिना आपको अगली यूनिवर्सिटी में एडमिशन नहीं दिया जाता है।

ये छात्र को तब दिया जाता है जब आप अपना कोर्स या पिछली कक्षा पास कर लेते हैं। इसके बाद भी यदि आप उसी बोर्ड या यूनिवर्सिटी से आगे की पढ़ाई करना चाहते हैं तो आपको इस सर्टिफिकेट की आवश्‍यकता नहीं पड़ेगी। लेकिन यदि बोर्ड बदलते हैं तो आपको माइग्रेशन सर्टिफिकेट चाहिए होता है। इसके बिना आप किसी भी तरह से अगली यूनिवर्सिटी में दाखिला नहीं ले सकते हैं।

माइग्रेशन सर्टिफिकेट क्या है

माइग्रेशन सर्टिफिकेट के प्रकार

  • स्‍कूल के स्‍तर पर
  • कॉलेज के स्‍तर पर

स्‍कूल के स्‍तर पर माइग्रेशन सर्टिफिकेट

माइग्रेशन सबसे पहले स्‍कूल के स्‍तर पर आपको दिया जाता है। इसके अंदर आप दसवीं या बारहंवी कक्षा पास करने के बाद ही दिया जाता है। क्‍योंकि इससे पहले आपको बोर्ड बदलने की जरूरत नहीं पड़ती है। उदाहरण के लिए आपने अपनी दसवीं किसी ‘A’ नाम के बोर्ड से पास की है लेकिन आगे ग्यारहंवी में आप किसी ‘B’ नाम के बोर्ड से करना चाहते हैं।

तो आपको अपने ‘A’ बोर्ड से माइग्रेशन सर्टिफिकेट लेना होगा। लेकिन आगे भी यदि ‘A’ बोर्ड से ही पढ़ाई करना चाहते हैं तो आपको किसी तरह का माइग्रेशन सर्टिफिकेट नहीं लेना होगा। इसमें खासतौर पर आपको माइग्रेशन सर्टिफिकेट तब चाहिए होता है। जब आप अपने राज्‍य से किसी दूसरे राज्‍य में जाते हैं। क्‍योंकि एक पूरे राज्‍य का एक ही बोर्ड होता है।

कॉलेज के स्‍तर पर माइग्रेशन सर्टिफिकेट

इसके बाद आपको कॉलेज के स्‍तर पर माइग्रेशन सर्टिफिकेट दिया जाता है। जिसके अंदर आपने यदि अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई किसी ‘A’ यूनिवर्सिटी से पूरी की। लेकिन आगे की पढ़ाई के लिए आप किसी दूसरी यूनिवर्सिटी में जाना चाहते हैं। इसके लिए आपको अपनी ‘A’ यूनिवर्सिटी से अपना माइग्रेशन सर्टिफिकेट लेना होता है।

लेकिन यदि आप आगे की पढ़ाई भी अपनी उसी यूनिवर्सिटी से करना चाहते हैं। तो आपको किसी भी तरह का माइग्रेशन सर्टिफिकेट नहीं लेना होगा। बस आप पिछले कोर्स में पास हो चुके हों। इसी को आधार बनाकर आपको माइग्रेशन सर्टिफिकेट दे दिया जाएगा।

माइग्रेशन सर्टिफिकेट के लिए आवेदन कैसे करें?

जरूरी दस्‍तावेज

  • आपका आधार कार्ड।
  • आपके कॉलेज या स्‍कूल का पहचान पत्र।
  • आपकी फीस स्‍लिप।
  • आपका अंतिम रिजल्‍ट।
  • हाथ से लिखी एक एप्‍लीकेशन।

स्‍कूल स्‍तर पर आवेदन कैसे करें?

माइग्रेशन सर्टिफिकेट के लिए यदि आप स्‍कूल स्‍तर पर आवेदन करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको अपने स्‍कूल में जाना होगा। वहां आपको इसके लिए आवेदन करना होगा। इसके कुछ दिनों बाद आपको आपका माइग्रेशन सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाएगा। हालांकि, यहाँ हम आपको एक और जानकारी दे दें कि यह माइग्रेशन सर्टिफिकेट आपके बोर्ड की तरफ से जारी किया जाता है। जिसकी फीस वगैरह आपकी परीक्षा से पहले ही ले ली जाती है। लेकिन आपको इसके लिए बोर्ड में जाने की जरूरत नहीं होती है। बस आपको केवल स्‍कूल में आवेदन करना होता है।

लेकिन यदि आपको माइग्रेशन मिलने में किसी तरह की समस्‍या आ रही है तो आप सीधा बोर्ड में भी जा सकते हैं। वहां आपकी समस्‍या का समाधान तुरंत कर दिया जाएगा।

कॉलेज स्‍तर पर आवेदन कैसे करें?

यदि आप कॉलेज में पढ़ाई करते हैं लेकिन आप अगली डिग्री के लिए अपना माइग्रेशन सर्टिफिकेट लेना चाहते हैं। तो आपको इसके लिए अपनी यूनिवर्सिटी में आवेदन करना होगा। आवेदन के कुछ दिनों बाद ही आपको आपका माइग्रेशन सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाएगा। जिसे आप वहां जाकर ले सकते हैं।

इसके लिए आपको वहाँ अपने सभी जरूरी दस्‍तावेज जमा करवाने होंगे। जिसके बाद उनकी जांच होगी। यदि सबकुछ सही रहता है तो आपको हाथों हाथ या कुछ दिनों बाद दे दिया जाएगा। हर यूनिवर्सिटी माइग्रेशन देने की एक तय फीस भी लेती है। जो कि आवेदन करने वाले को जमा करवानी होती है।

माइग्रेशन सर्टिफिकेट के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

आज के समय में ज्‍यादातर यूनिवर्सिटी माइग्रेशन सर्टिफिकेट देने की सुविधा ऑनलाइन भी कर चुकी हैं। इस‍के लिए आपको अपनी यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर जाकर देखना होगा। यदि वहां आपको ये सुविधा मिलती है तो आपको इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कर देना होगा। इसके लिए भी आपको फीस के साथ सभी दस्‍तावेज ऑनलाइन अपलोड करने होंगे। जिसके बाद उनकी जांच की जाएगी।

इसके लिए आपको लगभग 1 हजार रूपए फीस देनी होगी। इसके बाद आपका माइग्रेशन सर्टिफिकेट 10 से 15 दिन में डाक के माध्‍यम से आपके घर पहुंच जाता है। लेकिन यदि आपके घर के आसपास ही आपकी यूनिवर्सिटी है तो आपको ऑफलाइन की आवेदन करना सही होता है। क्‍योंकि कई बार डाक के माध्‍यम से आप अपने माइग्रेशन सर्टिफिकेट के आने का इंतजार करते रहते हैं। जब वो नहीं आता है तो आप यूनिवर्सिटी जाते हैं। इसमें आपका काफी समय खराब हो जाता है।

Distance Education वाले माइग्रेशन कैसे लें?

यदि आपने दसवीं या बारहंवी किसी डिस्‍टैंस बोर्ड से की है। तो आपको भी आगे की पढ़ाई के लिए माइग्रेशन सर्टिफिकेट चाहिए। इसके लिए आप जब अपने बारहंवी या दसवीं की परीक्षा देंगे तो आपकी मार्कशीट के साथ ही घर पर आपका माइग्रेशन सर्टिफिकेट आ जाएगा। इसे आप आगे जहां भी एडमिशन लें वहां जमा कर सकते हैं।

जबकि यदि आप डिस्‍टैंस एजुकेशन के माध्‍यम से अपनी डिग्री पूरी करते हैं तो आपका माइग्रेशन आपको वहां जाकर लेना होगा। क्‍योंकि यूनिवर्सिटी में आपको अपनी मार्कशीट भी खुद जाकर लेनी होती है। ऐसे में यदि आपको माइग्रेशन सर्टिफिकेट चाहिए होगा तो आपको उसके लिए अपने यूनिवर्सिटी में जाकर आवेदन करना होगा।

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माइग्रेशन सर्टिफिकेट क्‍यों जरूरी होता है?

  • माइग्रेशन सर्टिफिकेट एक तरह से इस बात का प्रमाण पत्र होता है कि आपने पिछली कक्षा को पूरी तरह से पास कर लिया है।
  • इस सर्टिफिकेट के मिल जाने से पता लग जाता है कि आपके पुराने संस्‍थान को किसी तरह की आपत्ति नहीं है। जैसे कि फीस आद‍ि आपने सारी चुका दी हैं।
  • इस सर्टिफिकेट से पता चल जाता है कि आप सही मायने में उस यूनिवर्सिटी या बोर्ड से पढ़कर आ रहे हैं। क्योंकि आज के समय बहुत से जाली दस्‍तावेज भी बनवाकर लोग आवेदन कर देते हैं।

माइग्रेशन सर्टिफिकेट ना जमा करने पर क्‍या होगा?

अंत में आपको हम जानकारी दे देते हैं कि यदि आपने अपने कॉलेज या स्‍कूल में दाखिला ले लिया पर माइग्रेशन सर्टिफिकेट किसी भी कारण से जमा नहीं किया तो आपके साथ क्‍या होगा। इसका पहला जवाब ये है कि आप यदि ये सर्टिफिकेट अपने दाखिले के 15 दिन बाद तक जमा करवा सकते हैं। ये छूट आपको इसलिए दी जाती है ताकि आप इस समय के दौरान अपना माइग्रेशन निकवा सकें।

लेकिन यदि आप इस दौरान भी जमा नहीं करवाते हैं तो आपको जुर्माना भरना होगा। जिसके बाद ये सर्टिफिकेट जमा हो जाएगा। लेकिन यदि आपने तब भी नहीं जमा करवाया तो संभव है कि आपका परीक्षा रोल नंबर रोक लिया जाएगा। अन्‍यथा आपके रिजल्‍ट में RLE लिखा आ जाएगा। यानि आपका रिजल्‍ट रोक लिया जाएगा। जिसे तभी जारी किया जाएगा। जब आप अपना माइग्रेशन सर्टिफिकेट जमा करवा देंगे। इससे आप ये समझ गए होंगे कि बिना माइग्रेशन आप किसी भी तरह से आगे की पढ़ाई नहीं कर सकते हैं।

माइग्रेशन सर्टिफिकेट कब मिलता है?

जब आप अपना स्‍कूल बोर्ड या यूनिवर्सिटी बदलते हैं।

माइग्रेशन सर्टिफिकेट की फीस कितनी होती है?

200 से लेकर 500 रूपए तक।

माइग्रेशन सर्टिफिकेट कितने दिनों में मिल जाता है?

एक से दो सप्‍ताह में।

माइग्रेशन सर्टिफिकेट ना जमा करने पर क्‍या होगा?

आपका एडमिशन रद्द कर दिया जाएगा।

माइग्रेशन सर्टिफिकेट कब जमा करवाना होता है?

जब आप दाखिले के लिए फीस जमा करवाते हैं।

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Conclusion

आशा है कि अब आप समझ गए होंगे कि माइग्रेशन सर्टिफिकेट क्या होता है। इसे जानने के बाद आप आसानी से अपने कॉलेज या यूनिवर्सिटी में माइग्रेशन सर्टिफिकेट के लिए आवेदन कर सकते हैं। जिसके कुछ ही दिनों बाद आपको माइग्रेशन सर्टिफिकेट दे दिया जाएगा। लेकिन यदि आप कहीं दूर रहते हैं तो अपना आवेदन ऑनलाइन भी जमा करवा सकते हैं। यदि आपका माइग्रेशन सर्टिफिकेट से जुड़ा कोई सवाल है तो हमें नीचे कमेंट करें। हम आपके सवाल का जवाब अवश्‍य देंगे।

 
 

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उम्र में युवा और तजुर्बे में वरिष्ठ रोहित यादव हरियाणा के रहने वाले हैं। पत्रकारिता में डिग्री रखने के साथ इन्होंने अपनी सेवाएं कई मीडिया संस्थानों को दी हैं। फिलहाल ये पिछले लंबे समय से अपनी सेवाएं 'All in Hindi' को दे रहे हैं।

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