Optimised battery charging क्या है- All about optimised charging

optimised battery charging क्या है?

क्या आपको पता है, optimised charging या क्या है। optimised Night charging का फीचर यदि आपके Android Mobile Phone या IPhone की Battery setting में है तो उसका उपयोग कैसे करना है इसकी जानकारी आपको इस लेख में अवश्य प्राप्त होगी।

Optimised Battery charging

मोबाइल फोन का आविष्कार करने वाली कंपनियां एक दूसरे को टक्कर देने के लिए होड़ में लगी हुई है। हर हफ्ते दर्जनों नए फोन लांच हो रहे हैं। हर महीने एक नया फीचर फोन में आने लग रहा है। कोई PopUp कैमरा तो कोई In Display कैमरा, कोई 100X Zoom कैमरा तो कोई Night Version कैमरा, कोई इन डिस्पले फिंगरप्रिंट तो कोई साइड माउंटेड फिंगरप्रिंट दिखा कर आप को लुभाना चाह रहा है।

इसी तरह लुभाने की रेस में Optimised charging का फीचर भी जोरों शोर पर है।

अगले कुछ बिंदुओं में हम ऑप्टिमाइज चार्जिंग के विषय में विस्तार से समझाएंगे

Optimised Night charging की जरूरत क्यों पड़ी?

रोजमर्रा के कामों में व्यस्त आम आदमी के पास आज इतना समय नहीं है कि वह एक जगह आराम से बैठकर अपने मोबाइल को दिन में चार्ज कर सके। अधिकतर लोग रात को मोबाइल चार्जिंग में लगा कर सो जाते हैं और सुबह उठकर ही मोबाइल को चार्जर से अलग करते हैं। पूरी रात चार्जिंग में लगे रहने की वजह से मोबाइल की बैटरी Over Charge होने से जल्दी खराब होती है। क्योंकि आजकल हर एक मोबाइल फोन में इनबिल्ट बैटरी होती है जिससे बैटरी को बदलने में समय और खर्च अधिक लगता है। इस समस्या को देखते हुए engineers को ऑप्टिमाइज बैटरी चार्जिंग की जरूरत महसूस हुई।

Optimised charging कैसे काम करता है?

जब आप रात में मोबाइल को चार्जिंग में लगा कर छोड़ देते हैं तो आपकी बैटरी 80% चार्ज हो जाने पर सॉफ्टवेयर ऑटोमेटिक चार्जिंग को बंद कर देता है और आपका मोबाइल चार्जिंग होना बंद हो जाता है।

आपके android Mobile या Iphone में लगे हुए सेंसर यह समझते हैं कि आप सुबह कितने बजे जागते है क्योंकि जब आप उठते हैं तो मोबाइल को ही उठाते हैं मोबाइल हिलने की वजह से उस में लगा सेंसर यह detect करता है कि आपके सुबह जगने का टाइम क्या है। और आपके जगने के 100 मिनट पहले आपके मोबाइल का चार्जिंग  चालू होकर मोबाइल को 100% तक चार्ज कर देता है।

चलिए इसे एक उदाहरण से समझते हैं यदि आपने रात में मोबाइल को चार्जिंग में लगा कर छोड़ दिया तो सॉफ्टवेयर बैटरी के 80% चार्ज होने तक चार्जिंग फीचर को चालू रखेगा। 80% बैटरी चार्ज हो जाने के बाद चार्जिंग स्वतः ही बंद हो जाएगा। क्योंकि आपके स्मार्टफोन के सेंसर ने आपके डेली रूटीन को मेजर किया है इसलिए उन्हें पता है कि आप सुबह 6:40 पर जग जाते हैं इसलिए आपका स्मार्टफोन बैटरी चार्जिंग पुनः सुबह के 5:00 बजे charging स्टार्ट करेगा और बैटरी को 100% तक चार्ज कर देगा।

अब आप यह जरूर सोच रहे होंगे कि यदि आपको किसी दिन आपको पहले जगना है तो आप की बैटरी फुल चार्ज कैसे होगी। चलिए आप कि इस जिज्ञासा को भी शांत कर देते हैं। मान लीजिए आपको किसी दिन रात के 2:00 बजे जगना है तो आप 2:00 बजे का अलार्म जरूर लगाएंगे। अब बैटरी को 100% चार्ज होने का टारगेट समय बदल जायेगा। अर्थात आपके मोबाइल फोन की बैटरी की charging रात के 12:20 बजे पुनः सुरू होगी।

ऑप्टिमाइज बैटरी चार्जिंग को एक्टिवेट कैसे करें?

Optimised Battery charging

ऑप्टिमाइज नाईट चार्जिंग को एक्टिवेट करने के 2 तरीके हैं।

  1. यदि आपने Battery Settings में जाकर अप्टिमाइज बैटरी चार्जिंग को चालू नहीं किया है तो यदि डेली रूटीन के हिसाब से आप रात में मोबाइल को चार्जिंग में लगा लगाते ही एक PopUp आपके फोन स्क्रीन पर आएगा और आपसे Battery charging Optimisation को ऑन करने के लिए कहा जाएगा। आप अपनी सुविधा अनुसार ऑप्टिमाइज बैटरी चार्जिंग को ऑन कर सकते हैं या फिर ignore कर सकते हैं।
  2. दूसरा तरीका यह है कि आप अपने फोन की बैटरी सेटिंग में जाएं और ऑप्टिमाइज नाईट चार्जिंग को ऑन कर दें।

Optimised Charging की सुविधा किन Devices मैं उपलब्ध है?

यह आपके android Phone या IPhone के OS यानी Oprating System पर डिपेंड करता है। इस सुविधा को सबसे पहले IPhone के IOS13 अपडेट में दिया गया। उसके बाद इसे इसे One plus 7 series के फोन में OxizenOS Update में दिया गया। और अब इसे Oppo के ColorOS 11 Beta version के update में दिया जा रहा है और यह अपडेट लगभग सभी Oppo Reno series के Phone में दिया जा रहा है।

अपने फोन की बैटरी सेटिंग चेक कीजिए अगर अगर ऑप्शन है तो उसका प्रयोग कीजिए और अपने फोन की बैटरी की लाइफ बढ़ाइए। और अगर आपके फोन में अभी यह सुविधा नहीं है तो इंतजार करें आपको भी Optimised Battery charging अपडेट मिल सकता है।

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Beta Version या Beta app क्या है?

जैसा कि ऊपर हमने Beta Version का जिक्र किया और आपने भी कई बार किसी ऐप के ऊपर या फिर डिस्क्रिप्शन में Beta देखा होगा। यदि कोई App बेटा वर्जन है या फिर कोई Update Beta Version है तो इसका मतलब यह है कि वह है app या Update टेस्टिंग में है। अर्थात उसे Officially पूरी तरह से safe नहीं कहा जा सकता। ऐसे अपडेट को कंपनी उन्हीं लोगों को देती है जो उस ट्रायल प्रोग्राम में भाग लेना चाहते हैं। कंपनी का मुख्य उद्देश्य रहता है कि यूजर की प्रतिक्रिया प्राप्त करके उसे और अच्छा बना सके।

आपको यह ऑप्टिमाइज नाइट बैटरी चार्जिंग की जानकारी कैसी लगी कमेंट में जरूर बताएं और दोस्तों के साथ शेयर करें ताकि उन्हें भी यह जानकारी प्राप्त हो सके।

जानकारी बढ़ाएं आपके पास जो भी सुविधा है उसे व्यर्थ में ना जाने दें उसका इस्तेमाल करें।

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