Sansad ke karya | भारतीय संसद के प्रमुख कार्यों का वर्णन कीजिए

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Sansad ke karya – भारतीय संसद के प्रमुख कार्य

भारतीय संसद के प्रमुख कार्य (Sansad ke karya) क्या होतें है यदि आपको इस बारे में पूरी जानकारी लेना चाहते है तो आप बिलकुल सही वेबसाइट पर है, आज इस लेख के माध्यम से हम आपको बताने वाले है कि भारतीय संसद के प्रमुख कार्य क्या है।

भारतीय संसद को हमारे देश में लोकतंत्र का मंदिर कहा जाता है। इसकी वजह ये है कि देश की सबसे बड़ी जिम्‍मेदारी हमारी संसद के ऊपर ही होती है। हमारे देश में जब भी चुनाव होते हैं। तो जो भी जनप्रतिनिधि जनता के बीच से जीत कर आते हैं वो अंत में जाकर संसद में ही बैठते हैं। ऐसे में जनता उनसे उम्‍मीद करती है कि वो वहां बैठकर जरूर कुछ अच्छा करेंगे। जिससे देश के आम आदमी का जीवन आसान बन सके।

लेकिन यदि आप अभी तक नहीं जानते हैं‍ कि भारतीय संसद के प्रमुख कार्य क्या होते है? तो हमारे इस लेख को अंत तक पढि़ए। अपने इस लेख में हम आपको बताएंगे कि संसद के क्या कार्य हैं।

संसद क्‍या होती है?

संसद के कार्य के बारे में आपको जानकारी दें इससे पहले आइए एक बार हम आपको बता दें कि संसद होती क्‍या है। संसद कुल मिलाकर तीन अंगों से बनी होती है। जिसमें राज्‍यसभा, लोकसभा और राष्‍ट्रपति होते हैं। राज्‍यसभा एक स्‍थाई सदन होता है। जबकि लोकसभा अस्‍‍थाई सदन होता है।

इन दोनों ही सदनों मे हमारे माननीय बैठकर जनता के मुद्दों पर बात करते हैं और नई नई नीतियां बनाते हैं। जिससे देश का विकास हो सके। यह दोनों सदन राजधानी दिल्‍ली में स्थित हैं। साथ ही इनमें वो संख्‍या भी तय है कि कौन से राज्‍य से कितने जनप्रतिनिधि बैठ सकते हैं। यदि हम इस व्‍यवस्‍था की बात करें तो हमारे संविधान ने अपनी संसदीय प्रणाली को ब्रिटेन से अपनाया है।

Sansad ke karya kya hai | संसद के प्रमुख कार्य

वैसे तो संसद के बहुत सारे कार्य होते हैं। लेकिन उनमें से कुछ प्रमुख कार्य होते हैं जिनके बारे में जनता को जानकारी होनी बेहद जरूरी होती है। आइए एक बार हम आपको संसद के उन कार्यो से अवगत करवाते हैं।

sansad ke karya

  • संसद का सबसे पहला और महत्‍वपूर्ण काम होता है‍िकि संसद में बैठकर उन मुद्दों पर चर्चा की जाए तो कि देश के लिए जरूरी हैं। साथ ही उनके समाधान की तरफ बढ़ा जाए। जिसे आपने टीवी पर कई बार देखा भी होगा।
  • संसद संघ और समवर्ती सूची के अंदर आने वाले किसी भी विषय पर कानून बना सकती है। ऐेसे में जब भी संसद को जरूरत लगे कि कहीं नए कानून की जरूरत है तो तुरंत से उस पर एक नया कानून बनाना चाहिए। संसद ने कई बार कुछ नए कानून बनाए भी हैं।
  • यदि हम लोकसभा की बात करें तो उसकी य‍ह जिम्‍मेदारी बनती है कि जो भी हमारे देश का पैसा है उसका प्रयेाग किसी गलत जगह पर ना हो। साथ ही जब भी संचित निधि से पैसा निकाला जाए तो उसकी जानकारी संसद को हो साथ ही संसद के माध्‍यम से देश को जाानकारी हो। इसमें इस बात का भी ध्‍यान रखा जाता है कि खर्च होने वाले पैसे की जानकारी सिर्फ सत्‍ता पक्ष को ही नहीं, बाल्कि विपक्ष को भी होनी चाहिए।
  • संसद का एक महत्‍वपूर्ण कार्य संविधान में संशोंधन करना होता है। ऐसे में जब भी कभी संसद को जरूरत लगे कि संविधान में कहीं संशोधन की जरूरत है। तो उसमें संशोधन भी करना चाहिए। हमारे देश में अब तक सौ से भी ज्‍यादा बार संविधान में संशोधन हो चुका है।
  • संसद राष्‍ट्रपति और उपराष्‍ट्रपति के चुनाव में भाग भी लेती है। ऐसे में संसद की यह जिम्‍मेदारी बनती है कि ये चुनाव ना सिर्फ बेहतर तरीके से करवाए जाएं। बाल्कि उनकी गरिमा को भी पूरी तरह से बरकरार रखा जाए।
  • संसद के पास महाभियोग चलाने की भी शक्ति होती है ऐसे में यदि संसद की नजर में कोई अपने पद पर रहते हुए संविधान की पालना नहीं करता है। तो उस पर म‍हाभियोग चलाकर उसे पद से हटाया जा सकता है। हालांकि ये शक्ति केवल चुनिंदा लोगों पर ही म‍हाभियेाग चलाने ही होती है। जिनमें राष्‍ट्रपति और CJI को हम लोग प्रमुख रूप से जानते हैं।

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  • यदि विपक्ष सरकार के किसी फैसले से असहमत है तो वो संसद में उस फैसले पर निंदा प्रस्ताव ला सकता है। जिससे सरकार और देश का ध्‍यान उस मुद्दे की तरफ जा सकता है।
  • संसद के पास किसी भी राज्‍य की सीमा को घटाने बढ़ाने की शक्ति है। इसके जरिए वो किसी भी तरह के सीमा विवाद पर फैसला कर सकती है। साथ ही जब किसी दूसससरे देश के साथ सीमा विवाद बनता है तो भी संसद उसमें अपना दखल दे सकती है।
  • संसद में कोई भी मंत्री या सांसद किसी से भी सूचना मांग सकता है। इसके लिए सूचना देने वाला बाध्‍य भी होगा। इसके लिए जब संसद की कार्यवाही शुरू होती है। तो सबसे पहला सत्र प्रश्‍नकाल का रखा होता है। जिसमें सभी माननीय सवाल जवाब कर सकते हैं।
  • संसद का एक टीवी चैनल भी है। जिस पर जब भी संसद चलती है। तो उसकी कार्यवाही लाइव प्रसारित की जाती है। जिसके जरिए जनता जान सकती है। कि आज संसद में किस बात पर बहस हुई और किसी नेता ने कौन सी मांग उठाई।
  • जब देश की किसी तरह की स्‍थिति खराब होती दिखाई दे या किसी राज्‍य में ऐसा होता दिखाई दे तो संसद आपातकाल भी लगा सकती है। देश में अब तक कुल तीन बार राष्‍ट्रीय आपातकाल लगाया जा चुका है। जबकि कई बार राज्‍यों में भी लगाया जा चुका है।

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इस प्रकार आशा है अब आप समझ चुकें होंगे कि भारतीय संसद के प्रमुख कार्य क्या है। यदि आपका इस लेख से सम्बंधित कोई सवाल या सुझाव है तो आप हमें कमेंट में लिख सकते है। यदि लेख पसंद आया तो अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करें।

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नमस्कार दोस्तों, मैं रवि "आल इन हिन्दी" का Founder हूँ. मैं एक Economics Graduate हूँ। कहते है ज्ञान कभी व्यर्थ नहीं जाता कुछ इसी सोच के साथ मै अपना सारा ज्ञान "आल इन हिन्दी" द्वारा आपके साथ बाँट रहा हूँ। और कोशिश कर रहा हूँ कि आपको भी इससे सही और सटीक ज्ञान प्राप्त हो सकें।

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