इक्विटी क्या है? | What is equity in Hindi

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What is Equity In Hindi: यदि आप स्टॉक मार्केट के अंदर निवेश करते हैं तो एक शब्द होता है जो आपने आमतौर पर सुना होगा वह है Equity। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इक्विटी क्या है? यदि नहीं, तो आज का लेख आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि हर एक स्टॉक मार्केट निवेशक को Equity के बारे में जानना बहुत जरुरी है।

आज के इस लेख में, हम आपको Equity Ratio से जुड़ी सभी जानकारी को पेश करने जा रहे हैं, इसमें हम जानेंगे कि Equity Market क्या है, Equity Business क्या है, Equity और Ratio के प्रकारों में क्या अंतर है और Equity से लाभ और हानि। इसलिए आप लगभग इस लेख में इक्विटी के बारे में अच्छी तरह से जान लेंगे। तो इक्विटी को समझने के लिए अंत तक इस लेख को पढ़े। तो चलिए आपका ज्यादा समय न लेते हुए आज के इस लेख को शुरू करते हैं, और सबसे पहले यह समझते है कि इक्विटी का अर्थ क्या है ?

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इक्विटी क्या है? (What is Equity in Hindi)

इक्विटी का अर्थ है एक तरीके से कब्जा या हिस्सेदारी। इक्विटी केवल शेयर का एक रूप है, यह शेयर का पूरा नही बल्कि थोड़ा सा भाग है। यदि आप किसी कंपनी के शेयर खरीदते हैं, तो जिस तरह से आपके पास कंपनी के शेयर में इक्विटी या हिस्सेदारी होती है, उसी तरह आपके द्वारा बेचे गए शेयरों के Ratio को ध्यान में रखते हुए आप कंपनी के उस शेयर के मालिक हो सकते हैं।

मान लीजिए कि एक कंपनी ABC है और आपने उस कंपनी के 5 प्रतिशत शेयर बेचे हैं, तो आपके पास निश्चित रूप से ABC कंपनी की 5 प्रतिशत इक्विटी है। कहने का सामान्य अर्थ यह है कि हर अवसर पर शेयर में इक्विटी शामिल होती है, चाहे आप शेयर खरीद रहे हो या बेच रहे हो। आइए इक्विटी से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण पहलू के बारे में जानते हैं…

इक्विटी क्या है

प्राइमरी मार्केट क्या होता है ( What is Primary Market)

जब कोई कंपनी आम जनता से पैसा जुटाने के लिए पहली बार अपने स्टॉक को जारी करता है और स्टॉक एक्सचेंज में अपनी कंपनी के नाम और शेयर को सूचीबद्ध करवाता है, तो इस प्रणाली को आईपीओ (IPO) यानी इनिशियल पब्लिक ऑफर (Initial Public Offer) कहा जाता है। जब लोग आईपीओ के माध्यम से जारी किए गए शेयरों को खरीदते हैं, तो जिस बाजार में इसकी पेशकश की जाती है उसे ‘प्राथमिक इक्विटी बाजार’ (Primary Equity Market) कहा जाता है।

सेकेंडरी मार्केट क्या होता है?( What is secondary Market)

Primary Market में अपने शेयरों को बेचकर, कंपनी अपना पैसा जमा करने के बाद बाहर निकल जाती है और कंपनी स्टॉक बाजार में सूचीबद्ध हो जाती है और कंपनी के शेयर जो लोगों ने पेश किए हैं उन्हें स्टॉक एक्सचेंज में कारोबार किया जाता है और उनका रेट समय के साथ बढ़ता या घटता रहती है।

जैसे-जैसे लोग कंपनी के बड़े शेयरों को खरीदना शुरू करते हैं, इसकी दर बढ़ने लगती है और जब लोग अधिकांश शेयरों को बेचना शुरू करते हैं, तो इक्विटी स्टॉक मार्केट के अंदर इसका रेट घटने लगता है।

इस स्थिति में, जिस बाज़ार में शेयरों का कारोबार होता है, उसे द्वितीयक बाज़ार (Secondary Market) के रूप में जाना जाता है, यानी, जब आईपीओ के बाद शेयरों का कारोबार होता है, तो उनका कारोबार द्वितीयक बाज़ार (Secondary Market) के अंदर होता है।

इक्विटी मार्केट काम कैसे करता है?(How does equity market works in Hindi)

Stock Exchange (NSE या BSE) में सूचीबद्ध कंपनी के शेयरों को Equity Market के अंदर बेचा और पेश किया जाता है। शेयरों को खरीदने या बेचने के लिए, आपको एक डीलर के माध्यम से डीमैट खाता (Demat account) खोलना होगा। आपके द्वारा बेचे गए स्टॉक डीमैट खाते में रखे जाते हैं। आपके द्वारा बेचे गए सभी स्टॉक डीमैटरियलाइज्ड रूप में रखे जाते हैं।

इसके अलावा, एक ट्रेडिंग खाता भी होना चाहिए और इसके माध्यम से आप इक्विटी शेयरों को खरीदते और बेचते हैं। इसके लिए आपको किसी बैंक के अपने बचत खाते के माध्यम से अपने डीलर ऐप जैसे ज़ेरोधा (Zerodha)या अपस्टॉक्स (Upstocks) पर कैश अपलोड करना होगा जिसके माध्यम से आप शेयरों की शिपिंग करते हैं या खरीद और बिक्री करते हैं।

इक्विटी मार्केट में पैसा निवेश करना चाहिए या नहीं ?

यह सबसे अधिक पूछे जाने वाले प्रश्नों में से एक है और इसका समाधान भी सभी खरीदारों के लिए बहुत आवश्यक है क्योंकि जब भारत में स्टॉक मार्केट बढ़ रहा है यानी कि शेयर मार्केट अभी ट्रेंड में है तो कई नए खरीदार बिना सोचे समझे इसमें एंट्री कर देते हैं,और इसमें निवेश कर देते और जब मार्केट बहुत तेजी से क्रैश होता है, तो लोग अपने ऑफर किए गए स्टॉक को बेच देते हैं और अपना पैसा निकाल लेते हैं, इसलिए ज्यादातर लोगों को नुकसान होता है और फिर लोग बोलते हैं कि शेयर मार्केट में घाटा उठाना पड़ता है।

लेकिन ऐसा हमेशा नहीं होता है क्योंकि दुनिया के सबसे अमीर निवेशक वॉरेन बफेट (Warren Buffett) और भारत के अरबपति राकेश झुनझुनवाला (Rakesh Jhunjhunwala) ने अपना लगभग सारा पैसा स्टॉक मार्केट से कमाया है, इसलिए यह उल्लेख करना गलत है कि शेयर मार्केट में बहुत नुकसान उठाना पड़ता है।यदि आप शेयर मार्केट के बारे में जानने के लिए तैयार हैं तो आप दुनिया में किसी भी फंडिंग की तुलना में शेयर बाजार से आसानी से बहुत लाभ कमा सकते हैं।

लेकिन पहले आपको शेयर बाजार के आवश्यक पहलू को समझने की जरूरत है और इसके लिए हमारे ब्लॉग के विभिन्न पहलू को पढ़ सकते हैं।तो अगर आपका सवाल यह है कि शेयर मार्केट में पैसा खर्च करना चाहिए या नहीं ?तो उसका जवाब होगा कि शेयर बाज़ार में निवेश करने से पहले आपको बहुत कुछ सीखना होगा जैसे;

सबसे पहले, आपको शेयर बाज़ार के लगभग कुछ महत्त्वपूर्ण शब्दो को पहचानना होगा जैसे;

बुल (Bull), बेयर (Bear) , सेबी (SEBI), एनएसई (NSE), बीएसई (BSE), ब्रोकर (Broker), स्टॉक एक्सचेंज (Stock Exchange), डिबेंचर (Debenture), बॉन्ड (Bond), फेस वैल्यू (Face Value), बुक वैल्यू (Book Value), मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization) आदि।

इसके अलावा आपको जरूरी टेक्निकल जानकारी और शेयर खरीदने और बेचने के तरीके को अच्छे से समझना होगा।अगर आपको लंबे समय के लिए स्टॉक मार्केट पर पैसा लगाने की इच्छा है तो आपको शेयर मार्केट के बारे में स्टडी करने की जरूरत है। जब आप इन सभी चीजों को अच्छी तरह से जान लेते हैं तो आपको बिना डरे शेयर बाजार में निवेश करना चाहिए। अन्यथा आपको इससे बहुत दूर रहना चाहिए क्योंकि महारत हासिल करने के बाद भी कभी कभी आप शेयर बाजार में अपना पैसा खो सकते हैं।

Equity Market क्यों जरूरी है?

Equity Market क्यों जरूरी है, इससे जुड़ी कुछ जरूरी बातें आगे दी गई हैं-

  • इक्विटी बाजार या शेयर बाजार किसी भी देश की आर्थिक प्रणाली ( Economic System)को विकसित (Grow) करने में बड़े पैमाने पर काम करता है।
  • देश की सबसे बड़ी कंपनी जिन्हें शेयर बाजार के भीतर सूचीबद्ध किया जाता है, वे उस देश के जीडीपी विकास (GDP growth) में बहुत योगदान देते हैं।
  • कंपनियां अपने बिजनेस को विकसित करने के लिए इक्विटी पूंजी चाहती हैं, जिसे Equity Market के माध्यम से आसानी से लाभ उठाया जा सकता है।
  • म्युचुअल फंड अतिरिक्त रूप से इक्विटी शेयर बाजार में अपना पैसा निवेश करता है और आपके पैसे के लिए मल्टीबैगर रिटर्न कमाता है और उसे आपको प्रदान करता है।
  • इक्विटी मार्केट के जरिए आप बैंक, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), बॉन्ड (Bond), पीपीएफ (PPF) या किसी अन्य से ज्यादा रिटर्न कमा सकते हैं।
  • हमारे देश में जितनी तेजी से निफ्टी (Nifty) और सेंसेक्स (Sensex) ऊपर जाते हैं, उतनी ही तेजी से हमारे देश की आर्थिक व्यवस्था भी तेज होती है।

इक्विटी ट्रेडिंग क्या है (What is Equity Trading in Hindi)

जब ट्रेडर्स किसी भी कंपनी के सामान्य शेयर को खरीदते या बेचते हैं तो इसे ही इक्विटी ट्रेडिंग कहते हैं। इक्विटी ट्रेडिंग निम्न प्रकार से की जा सकती है –

इक्विटी डिलीवरी (Equity Delivery)

जब व्यापारी Equity Delivery में परिवर्तन करते हैं, तो इसका मतलब है कि व्यापारी एक खरीद और बिक्री परामर्श में एक सूची को खरीदते हैं और किसी अन्य खरीद और बिक्री परामर्श में सूची को बढ़ावा देते हैं। जैसे आजकल किसी कंपनी के शेयर खरीदने के लिए और कल, परसों, 1 हफ्ते के बाद, 1 महीने के बाद या 1 साल के बाद आप उस कंपनी के शेयर बेच देते हैं, तो इस ट्रांसपोर्ट को इक्विटी डिलिवरी कहा जाता है। एक तरह के ग्रुप से Equity शेयर खरीदना और बेचना इक्विटी डिलिवरी (Equity Delivery) के रूप में जाना जाता है।

इक्विटी इंट्राडे (Equity Intraday)

जब खरीदार सिंगल ट्रेडिंग पीरियड में शेयर खरीदते और बेचते हैं, तो इसे इक्विटी इंट्राडे (Equity Intraday) के रूप में जाना जाता है।इक्विटी इंट्राडे (Equity Intraday) में, एक निवेशक कुछ घंटों, मिनटों या शायद सेकंड में स्टॉक खरीद और बेच सकता है। यदि आप इंट्राडे में इक्विटी में पैसा लगाते हैं तो आपको निश्चित रूप से एक ही दिन में अपने सभी ट्रेडों को पूरा करना होगा।एक दिन में अधिक से अधिक पैसा कमाने के लिए इस प्रकार की खरीद और बिक्री को किया जाता है।

इक्विटी शेयर होल्डर को मिलने वाले फायदे

एक इक्विटी शेयर होल्डर को निम्न फायदे मिलते हैं –

  • इक्विटी शेयर होल्डर उस कंपनी के शेयर वास्तविक मालिक होता है।
  • इक्विटी शेयर होल्डर के पास कंपनी के संचालन का प्रबंधन (Management) होता है।
  • इक्विटी शेयर होल्डर को कंपनी के भीतर मतदान करने का अधिकार प्राप्त होता है।
  • यदि कंपनी प्रॉफिट कमाती है, तो सबसे अधिक लाभ Equity Share Holder को होता है।
  • स्टॉक मार्केट में Equity शेयरों में ट्रेडिंग आसानी से की जा सकती है।
  • यदि शेयर बाजार में कंपनी ने अच्छी कमाई करली है , तो इक्विटी शेयर होल्डर को बोनस मिलता है।

इक्विटी शेयर होल्डर को होने वाले नुकसान

इक्विटी शेयरों में कुछ नुकसान भी होते हैं, जिनके बारे में हम आगे बात करने वाले है :

  • इक्विटी शेयर में बहुत खतरा है, इस बात का कोई आश्वासन नहीं हो सकता है कि आपको अपना पैसा प्रॉफिट के साथ मिल सकता है, अगर कंपनी को घाटा होता है, तो Equity Share Holder का पैसा डूबने की संभावना बनती रहती है।
  • इक्विटी शेयर होल्डर के लिए डिविडेंड स्थिर नहीं होता है,पहले कंपनी प्रेफरेंस शेयर होल्डर को डिविडेंड ऑफर करती है फिर अगर कुछ देने के लिए बचता है तो यह इक्विटी शेयर होल्डर को दिया जाता है।
  • कंपनी डूबने के दौरान सबसे बड़ा नुकसान Equity Share holder को होता है।
  • कुल मिलाकर इक्विटी शेयरों में शानदार रिटर्न मिलने की संभावना तो है, लेकिन वहीं इक्विटी शेयरों में जोखिम भी सबसे ज्यादा है।

शेयर मार्केट में इक्विटी का क्या अर्थ होता है ?

शेयर मार्केट में इक्विटी का अर्थ, हिस्सेदारी से होता है, जब कोई निवेशक किसी कंपनी के शेयर खरीदता हैं तो इसका मतलब होता है वह कंपनी की Equity खरीद रहा हैं।

इक्विटी कैसे खरीदी जा सकती है ?

शेयर मार्केट में इक्विटी को आप प्राइमरी मार्केट (Primary Market) और सेकेंडरी मार्केट (Secondary Market) दोनों जगह से खरीद सकते हैं।

इक्विटी मार्केट में निवेश कैसे करें ?

इसके लिए आपको तीन चीजों की जरुरत पड़ती है: ट्रेडिंग अकाउंट (Trading Account) , डिमैट अकाउंट (Demat account) और सेविंग अकाउंट (Saving Account)। इन तीनों ही अकाउंट को आप किसी भी ब्रोकर के माध्यम से ऑनलाइन खुलवा सकते हैं और इक्विटी शेयर में निवेश करने की शुरुआत कर सकते हैं।

इक्विटी मार्केट से पैसा कैसे कमा सकते हैं ?

इक्विटी स्टॉक मार्केट (Equity Stock Market) से पैसा कमाने के लिए आपको (undervalued) स्टॉक्स खरीदना चाहिए और जब शेयर प्राइस बढ़ जाए यानी कि जब शेयर (overvalued price) पर बिके तब उसे बेच देना चाहिए। इस प्रकार आप अपने खरीदे गए स्टॉक पर अच्छा रिटर्न या प्रॉफिट कमा सकते हैं लेकिन ध्यान रहे जो शेयर आप खरीद रहे हैं वह फंडामेंटली काफी मजबूत होना चाहिए।

इक्विटी मार्केट में निवेश किए गए पैसे पर कितना प्रॉफिट मिलता है?

अगर किसी को लगता है कि वह इक्विटी बाजार के द्वारा स्टॉक्स खरीदकर अपने पैसे को डबल या कई गुना कर सकता है तो यह सिर्फ फंडामेंटली स्ट्रांग कंपनी के शेयर खरीदकर ही संभव है लेकिन अगर आप केवल प्राइस चार्ट देखकर किसी भी सस्ते शेयर में निवेश करते हैं तो आप अपना पैसा गंवा भी सकते हैं।

इक्विटी मार्केट में कितना रिस्क हो सकता है ?

शेयर बाजार में जो लोग बिना सीखे निवेश करते हैं उनके लिए इसमें सबसे ज्यादा रिस्क है जबकि दूसरी और वो लोग जो शेयर मार्केट के बेसिक्स को अच्छे से समझते हैं, फंडामेंटल और टेक्निकल रिसर्च करना अच्छे से जानते हैं और किसी भी कंपनी के शेयर में निवेश करने से पहले उसके बिजनेस को अच्छे से समझते हैं, ऐसे लोगों के लिए ये मार्केट बिल्कुल भी रिस्की नहीं है।

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निष्कर्ष (Conclusion)

आज के इस लेख में हमने जाना कि इक्विटी क्या है (Equity kya hai) या (What is Equity in Hindi) और इससे जुड़े विभिन्न पहलू पर भी चर्चा की है। हम आशा करते हैं कि आपको हमारा ये लेख पसंद आया हो। शेयर मार्केट या इक्विटी मार्केट से जुड़े कोई भी प्रश्न हो तो आप हमे नीचे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं।

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नमस्कार दोस्तों, मैं रवि "आल इन हिन्दी" का Founder हूँ. मैं एक Economics Graduate हूँ। कहते है ज्ञान कभी व्यर्थ नहीं जाता कुछ इसी सोच के साथ मै अपना सारा ज्ञान "आल इन हिन्दी" द्वारा आपके साथ बाँट रहा हूँ। और कोशिश कर रहा हूँ कि आपको भी इससे सही और सटीक ज्ञान प्राप्त हो सकें।