छोटे बच्चों को गणित सिखाने का तरीका!

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छोटे बच्चों को गणित सिखाने का सबसे आसान तरीका

छोटे बच्चों को गणित सिखाने का तरीका: गणित हमेशा से कठिन विषयों में गिना जाने वाला एक विषय माना जाता रहा है। यही वजह है कि आज भी बहुत से लोगों का सबसे कमजोर विषय गणित ही रह जाता है। इससे बचने के लिए जरूरत है कि हम अपने बच्‍चों को बचपन से ही गणित विषय अच्‍छे से पढ़ाएं, ताकि आगे चलकर उन्‍हें इस समस्‍या का सामना ना करना पड़े।

यदि आप भी सोच रहे हैं कि छोटे बच्चों को गणित सिखाने का तरीका कौन सा होता है, तो हमारे इस लेख को अंत तक पढि़ए। अपने इस लेख में हम आपको जानकारी देंगे कि आप कैसे अपने बच्‍चों को गणित सिखा सकते हैं। वो कौन सा तरीका है जिसकी मदद से आप बच्‍चों को गणित बेहद आसानी से सिखा सकते हैं।

गणित क्‍या होता है?

छोटे बच्चों को गणित सिखाने का तरीका क्‍या होता है। इस बारे में हम आपको जानकारी दें इससे पहले आइए आपको हम बताते हैं कि गणित क्‍या होता है। जिससे आप इस विषय को समझ सकें। दरअसल, गणित को हम लोग आसान भाषा में जोड़ और घटाव का विषय कहते हैं। जिसके अंदर सबसे ज्‍यादा काम हिसाब किताब लगाने का करना होता है।

यह एक ऐसा विषय है जो कि हमारे भविष्‍य के लिहाज से तो जरूरी है ही, साथ ही इस विषय को अच्‍छे से जानने वाले लोग दुकान या बाजार में भी आसानी से हिसाब किताब कर लेते हैं। इसलिए विषय के साथ आम तौर पर भी हमारे लिए जरूरी होता है कि गणित विषय काफी अच्‍छा हो। जिससे हिसाब किताब में हम कभी गलती ना करें।

छोटे बच्चों को गणित सिखाने का तरीका

छोटे बच्चों को गणित सिखाने का तरीका

आइए आगे हम आपको जानकारी देते हैं कि छोटे बच्चों को गणित सिखाने का तरीका क्‍या है। जिसकी मदद से आप छोटे से लेकर बड़े बच्‍चों को आसानी से गणित जैसा कठिन विषय आसानी से सिखा सकते हैं। हालांकि, हम एक बात स्‍पष्‍ट कर दें कि गणित को सीखने में लंबा समय लगता है। इसलिए आप कभी भी इसे सीखने में जल्‍दबाजी ना करें।

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शुरूआत कैसे करें?

सबसे पहले हम आपको वो तरीका बताते हैं जिसकी मदद से आपके घर यदि एकदम छोटा बच्‍चा है, जो कि अभी स्‍कूल जाना या तो शुरू किया है या जाने वाला है। तो आप उसे गणित कैसे सिखा सकते हैं। इसके लिए आप उसे बाजार से ऐसे खिलौने ला सकते हैं। जो कि जोड़ने और घटाने का काम करते हैं। जिनके अंदर 1, 2, 3 जैसी आवाज आती हो। इसके अलावा दूसरे तरह के खिलौने भी आपको बाजार में आसानी से मिल जाएंगे।

इससे आपका बच्‍चा उन खिलौनों के साथ जब भी खेलेगा तो वो खुद ही गणित सीख जाएगा। साथ ही वो इन खिलौनों के साथ बोर भी नहीं होगा। इसलिए एकदम छोटे बच्‍चों को गणित सिखाने का एकदम सही तरीका यही है। इसके बाद आपका बच्‍चा जैसे जैसे बड़ा होता है आप उसे किताबों की तरफ मोड़ सकते हैं।

गणित को व्‍यवहार में लाएं

आप चाहे छोटे बच्चों को या बड़े बच्‍चों को गणित सिखाना चाहते हों, इसके लिए जरूरी है कि आप गणित को व्‍यवहार में लाएं। क्‍योंकि किसी भी विषय को एक या दो घंटे सीखने की बजाय यदि आप व्‍यवहार में लाते हैं तो आप उसे बहुत आसानी से सीख सकते हैं।

ऐसे में सवाल ये आता है कि गणित कोई भाषा तो है नहीं जिसे आप अपने घर में बोलचाल की भाषा में अपना सकें। इसके लिए आप अपने घर में जो भी काम हो जिसे गिनती में गिना जा सके, उसे उस तरह से प्रयोग कर सकते हैं। जैसे कि आपने अपने बच्‍चे से तीन लोगों के‍िलिए पानी मंगाना है तो उसे पानी के साथ तीन गिलास भी बोल दीजिए। आप अपने बच्‍चे को अपने साथ बाजार लेकर जाइए। वहां जिन दुकानों पर भीड़ कम रहती हो। वहां उसे ही आगे करके हिसाब किताब करने का मौका दीजिए। बस ध्‍यान ये रखिए कि आप पूरा हिसाब किताब अपने बच्चे के भरोसे ही ना छोड़ दें।

यदि आप इस तरह से अपने आम जीवन में गणित को अपनाते हैं तो आप देखेंगे कि किताबों से कहीं जल्‍दी और बेहतर तरीके से गणित सीखा जा सकता है।

उदाहरण के माध्‍यम से गणित सिखाएं

उदाहरण एक ऐसी चीज होती है। जिसकी मदद से कोई भी इंसान बड़ी से बड़ी बात को भी आसानी से सीख सकता है। इसलिए जब आप अपने बच्‍चों को गणित सिखाने बैठें तो किताबों में लिखी बात उदाहरण की मदद से सिखाने की कोशिश करें। कहने का तात्‍पर्य ये है कि जैसे 2-2 बताना है, तो आप इसे इस तरह से समझा सकते हैं कि आपने किसी दुकान से दो बिस्‍कुट खरीदे और अगले दिन फिर उसे वापिस दे आए, तो आपके पास कुल कितने बिस्‍कुट बचे। इसी तरह से आप अलग अलग उदाहरण बना सकते हैं।

इसका फायदा ये होगा कि बच्‍चा भी आसानी से गणित सीख जाएगा और आपका गणित सिखाने में लगने वाला समय भी काफी कम हो जाएगा। ये तरीका आप उम्र के हिसाब से छोटे बच्‍चों से लेकर बड़े बच्‍चों तक में अपना सकते हैं।

लिखकर गणित सिखाएं

कई विषय ऐसे होते हैं। जिन्‍हें हम बिना कापी किताब के भी आसानी से बच्‍चों को सिखा सकते हैं। लेकिन गणित ऐसा विषय है। जिसमें सबसे जरूरी है कि जब आप बच्‍चे को गणित सिखाएं तो उसके पास कापी किताब जरूर हो। हर सवाल को कापी में हल करके देखना बेहद जरूरी है।

यदि बच्‍चा हर सवाल को कापी में हल करेगा तो इससे दोबारा से गलती करने की संभावना समाप्‍त हो जाती है। साथ ही यदि वो किसी सवाल को हल करने का तरीका भूल गया होगा तो उसे दोबारा से कापी में देखकर आसानी से समझ सकता है।

इनाम देने का तरीका अपनाएं

छोटे बच्‍चे जो काम किसी के कहने से नहीं करते हैं। अक्‍सर वो किसी तरह का लालच पाकर उस काम को झट से करने को तैयार हो जाते हैं। इसलिए बच्‍चों को गणित सिखाने में आप भी इस तरीके का अवश्‍य प्रयोग करें। इसके लिए आप बच्‍चे को कोई भी लक्ष्‍य दे दीजिए। जिसे वो जैसे ही पूरा करता है, उसे आप चॉकलेट या कोई अन्‍य चीज इनाम स्‍वरूप दीजिए। इससे बच्‍चा उस काम को बड़े ही आनंद के साथ करने की कोशिश करेगा।

लेकिन इस दौरान आप इस बात का अवश्‍य ध्‍यान रखिए कि आप बच्‍चे को लालची कतई ना बनाएं। ऐसा ना हो कि आपका बच्‍चा हर चीज को सीखने के लिए इनाम पाने की अपेक्षा रखे। इससे आगे चलकर आपको परेशानी उठानी पड़ सकती है। इसलिए इनाम के साथ कोशिश कीजिए कि उसके अंदर किसी चीज को सीखने की जिज्ञासा उत्पन्न हो जाए।

सबके साथ बैठाकर पढ़ाएं

बच्‍चे अक्‍सर बच्‍चों के साथ खुश होते हैं। इसलिए यदि आपके अगर में या आस पड़ोस में कुछ छोटे बच्‍चे हैं तो कोशिश करें कि आप सभी बच्‍चों को एक साथ बैठाकर पढ़ाएं। इसके लिए आप एक समय निर्धारित कर लीजिए। उस समय सभी बच्‍चे एक साथ बैठ जाएं और आप सभी को पढ़ाने की कोशिश करें।

इससे फायदा ये होगा कि सभी बच्‍चे जब पढ़ने बैठेंगे तो कोई भी बच्‍चा किसी भी बच्‍चे के साथ खेल नहीं सकता है। साथ ही हर बच्‍चे के मन में अपने आप में एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ लगी रहती है। जिससे वो हमेशा अपना काम दूसरे बच्‍चों से पहले पूरा करने की कोशिश करेगा। इसके अलावा आप सभी बच्‍चों को घर का काम भी अवश्‍य दें। साथ ही हर दिन का काम अगले दिन चेक भी करें।

गणित को फार्मूले से सिखाएं

गणित में बहुत से शार्ट कट (Short cut) भी होते हैं। जिनकी मदद से हम कोई भी सवाल बेहद जल्‍दी हल करके निकाल लेते हैं। लेकिन हम आपसे कहना चाहेंगे कि आप हमेशा छोटे बच्‍चों को गणित केवल फॉर्मूले से ही सिखाएं। इसका फायदा ये होगा कि आपका बच्‍चा यदि एक बार कोई फॉर्मूला सीख गया तो उसे कभी भूलेगा नहीं। साथ ही फॉर्मूला की मदद से आप कोई भी सवाल आसानी से हल कर सकते हैं। जबकि जो गणित के शॉर्ट कट होते हैं। वो हर सवाल में काम नहीं करते हैं।

अभ्‍यास अवश्‍य कराएं

गणित सीखने से ज्‍यादा अभ्‍यास करने का विषय होता है। इसलिए आप जब भी बच्‍चे को किसी भी तरह की Exercise सिखाएं तो कोशिश करें कि उसका ज्‍यादा से ज्‍यादा अभ्‍यास कराएं। सिवाय इसके कि आप हर Exercise सिखाकर आगे बढ़ जाएं।

इससे आपके बच्‍चा हर Exercise को काफी करीब से समझ सकेगा। साथ ही उसके अंदर अपनी कमियां कहां कहां हैं। उसे जान और समझ सकेगा। गणित एक ऐसा विषय है जिसके अंदर माना जाता है कि आप जितना ज्‍यादा अभ्‍यास करेंगे। सवालों को हल करने की आपकी रफ्तार उतनी ही तेज होती जाएगी। यदि आपके पास अभ्‍यास करने के लिए सवाल नहीं होते हैं, तो आप उसकी एक अलग किताब या इंटरनेट की मदद से सवाल ले सकते हैं।

क्रमबद्ध अध्‍यन्‍न कराएं

गणित को सीखने के लिए जरूरी है कि आप उसका क्रम हमेशा याद रखें। क्‍योंकि गणित सीखने का एक तरीका होता है। यदि आप उस तरीके से अलग जाएंगे, तो गणित को सही तरीके से कभी नहीं सीख पाएंगे। जैसे कि किसी भी बच्‍चे को पहले जोड़ फिर घटाव और फिर गुना और फिर भाग सिखाई जाती है।

इसी तरह से पूरा का पूरा गणित एक प्रक्रिया के हिसाब से सीखा जा सकता है। इसलिए आप अपने बच्‍चे को हमेशा उस प्रक्रिया के हिसाब से ही गणित सिखाने की कोशिश करें। यदि आप उस प्रक्रिया को नहीं जानते हैं, तो आपके पास जो किताब होगी। उसके अंदर उसी हिसाब से अध्‍याय दिए होंगे। बस आप हर अध्‍याय को बारी बारी से पूरा करवाते जाइए। आपका बच्‍चा इसी तरह से हर अध्‍याय को क्रमवार तरीके से सीखता जाएगा।

उम्र के हिसाब से सिखाएं

बहुत से माता पिता अपने बच्‍चे को हमेशा दूसरों से आगे रखना चाहते हैं। इसके लिए वो कई बार अपने बच्‍चे की उम्र से बड़ी चीजें सिखाने लगते हैं। लेकिन यह तरीका बेहद गलत होता है। यदि आप अपने बच्‍चे को दूसरों से आगे रखना चाहते हैं। तो इसके लिए आप उसे Perfect बनाने की कोशिश कीजिए।

खास तौर पर गणित में ऐसा बिल्‍कुल ना करें। इसके लिए आप अपनी बच्‍चे की कक्षा की किताब जब लेने जाएंगे तो उसके अंदर उसकी कक्षा के हिसाब से कुछ अध्‍याय दिए होंगे। आप जब उन अध्‍याय को पूरा करवा दें, तो आगे चलकर उन अध्‍याय को दोबारा से शुरू करवा दें। सिवाय इसके कि आप अगली कक्षा की किताब की मदद से उसे आगे का सिखाने लगें। ये तरीका आपके बच्‍चे के दिमाग पर बुरा असर डाल सकता है।

गणित सीखने के फायदे

  • छोटे बच्चों को गणित सिखाने का तरीका यदि आप अच्‍छे से समझ जाते हैं, तो इसका उनके जीवन में सबसे पहला फायदा ये होगा कि गणित विषय के साथ वो हिसाब किताब में माहिर हो जाएंगे।
  • यदि आपके घर में कोई अनपढ़ आदमी है और आपके घर के बच्‍चों को गणित अच्‍छे से आता है, तो वो उन बच्‍चों को बाजार लेकर आसानी से जा सकते हैं और पूरा सामान खरीद सकते हैं।
  • आज के समय बैंक और SSC जैसी परीक्षाओं में गणित एक बेहद महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए गणित सीखे बिना आपके बच्‍चे का सरकारी नौकरी पाने का सपना शायद ही साकार हो।
  • गणित कठिन विषय होने के साथ आज भी बेहद कम लोगों को आता है। इसलिए यदि आपके बच्‍चे का गणित अच्‍छा है तो आगे चलकर वो बच्‍चों को ट्यूशन (Tuition) भी दे सकता है। जिससे अच्‍छी खासी आमदनी हो सकती है।
  • यदि आपकी बाजार या घर में कोई दुकान है तो आपके बच्‍चे के लिए बेहद जरूरी है कि आपके बच्‍चे को अच्‍छे से हिसाब किताब आता हो। अन्‍यथा आप चाहते हुए भी उसे दुकान पर नहीं बैठा सकते हैं।

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Conclusion

आशा है कि अब आप समझ गए होंगे कि छोटे बच्चों को गणित सिखाने का तरीका क्‍या है। इसे जानने के बाद आप अपने घर में या दूसरे बच्‍चों को आसानी से गणित सिखा सकते हैं। साथ ही यदि आप चाहें तो बच्‍चों को ट्यूशन भी दे सकते हैं। यदि आपको हमारे द्वारा गणित सिखाने का तरीका पसंद आया है तो इसे अपने दोस्‍तों के साथ भी शेयर करें। साथ ही यदि इस लेख से जुड़ा आपका कोई सवाल है तो नीचे कमेंट करें।

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उम्र में युवा और तजुर्बे में वरिष्ठ रोहित यादव हरियाणा के रहने वाले हैं। पत्रकारिता में डिग्री रखने के साथ इन्होंने अपनी सेवाएं कई मीडिया संस्थानों को दी हैं। फिलहाल ये पिछले लंबे समय से अपनी सेवाएं 'All in Hindi' को दे रहे हैं।

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