Mahabharat kisne likhi thi | महाभारत किसने लिखी थी?

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Mahabharat kisne likhi thi | महाभारत किसने लिखा?

Mahabharat kisne likhi thi; महाभारत का नाम तो आप सभी ने सुना होगा। बहुत से लोगों ने महाभारत टीवी पर देखी भी होगी। जब भी हमारे घरों को कोई लड़ाई खत्‍म होने का नाम नहीं लेती है। तो उसकी तुलना अक्‍सर महाभारत से की जाने लगती है।

लेकिन यदि आप अभी तक महाभारत के बारे में नहीं जानते हैं, तो हमारे इस लेख को अंत तक पढि़ए। अपने इस लेख में हम आपको बताएंगे कि महाभारत क्‍या है? महाभारत कहां हुई थी? महाभारत किसने लिखा था? तो चलिए शुरू करते हैं Mahabharat kisne likhi thi…

महाभारत क्‍या है?

महाभारत के बारे में आपको विस्‍तार से जानकारी दें इससे पहले आइए आपको बताएं कि महाभारत क्‍या है। महाभारत इस दुनिया का सबसे बड़ा ग्रंथ है। जो‍िकि कौरवों और पांड़वों के युद्ध पर आधारित है। इस ग्रंथ के अंदर इस युद्ध के बारे में विस्‍तार से बताया गया है।

महाभारत के महत्‍व को आप इस बात से समझ सकते हैं किे इसे एक धार्मिक पुस्‍तक के तौर पर माना जाता है। जिसका अपमान करना धार्मिक अपमान माना जाता है। साथ ही इसे कभी घर में रखना अच्‍छा नहीं माना जाता है। क्‍योंकि मान्‍यता है कि महाभारत घर में रखने से लड़ाइयां खत्‍म होने का नाम नहीं लेती है।

महाभारत किसने लिखा

महाभारत क्‍यों हुई थी?

महाभारत कौरवों और पांडवों के बीच लड़ी गई थी । पांडवों की तरफ से भगवान श्री कृष्‍ण और कौरवों की तरफ से उनकी सेना ने लड़ाई लड़ी थी। यदि हम महाभारत की लडा़ई की बात करें तो इसके पीछे कई वजह बताई जाती हैं। जिसमें सबसे पहली वजह ये बताई जाती है किे यदि कौरव पांड़वों को पांच गांव दे देते तो ये युद्ध कभी नहीं होता। लेकिन उन्‍होंने देने से मना कर दिया था। नतीजा ये युद्ध हो गया।

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दूसरी वजह बताई जाती है कि यदि कौरव और पांड़व जुआ नहीं खेलते तो भी ये युद्ध टाला जा सकता था। साथ ही यदि जुआ खेल भी लिया तो कम से कम द्रौपदी को दांव पर नहीं लगाते जिससे ये युद्ध टाला जा सकता था। तीसरा कारण ये बताया जाता है किे यदि द्रौपदी दुर्योधन को अंधे का पुत्र नहीं कहती, तो भी इस युद्ध को टाला जा सकता है। क्‍योंकि इसके बाद ना तो उसका ना तो चीरहरण होता और ना ही ये युद्ध करने की नौबत आती। लेकिन इनमें से कौन सी बात पूरी तरह से सच है। इस बारे में अभी तक पूरी तरह से सहमति नहीं बनी है।

महाभारत क्‍यों हुई थी

महाभारत किसने लिखी (Mahabharat kisne likhi thi)

महाभारत के लिखने की कहानी एकदम रोचक है। महाभारत को कहा जाता है कि महर्षि वेदव्‍यास ने लिखी है। वेदव्‍यास जी ने महाभारत की रचना हिमालय के अंदर एक गुफा में बैठकर तपस्‍या में लीन होकर महाभारत की रचना की थी।

लेकिन महाभारत के लिखने से पहले वेदव्यास जी के सामने एक गंभीर समस्‍या खड़ी हो गई थी। वो ये थी कि महाभारत की कहानी इतनी लंबी थी कि इसे बिना किसी कठिनाई और त्रुटी के आम जन तक कैसे पहुंचाया जाए। क्‍योंकि बिना त्रुटी के इसे लिख पाना संभव नहीं था। क्‍योंकिे महाभातर का युद्ध पूरे 18 दिनों तक लड़ा गया था।

इसके समाधान के लिए वेदव्‍यास जी सबसे पहले ब्रहा जी के पास गए। वहां उन्‍होंने खुद तो ऐसा करने से मना कर दिया पर उन्‍हें गणेश भगवान के पास जाने का सुझाव दिया। क्‍योंकि वो ऐसा कर सकते थे। इसके बाद वेदव्‍यास जी गणेश भगवान के पास गए। गणेश भगवान महाभारत तो लिखने के लिए तैयार हो गए।

लेकिन उन्‍होंने वेदव्यास जी के ऊपर एक शर्त लगा दी। वो शर्त ये थी कि वेदव्‍यास महाभारत की कहानी को लगातार बोलते ही जाएंगे और गणेश भगवान लिखते जाएंगे। जहां भी वो बीच में विराम लेंगे वहीं से महाभारत को लिखना बंद कर दिया जाएगा। इसके लिए बाद गणेश भगवान दोबारा से लिखना शुरू नहीं करेंगे। उनका कहना था कि महाभारत की कहानी जितनी भी बड़ी हो वो एक धारा प्रभाव में हो।

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लेकिन वेदव्‍यास जी जानते थे कि ये शर्त सामान्‍य नहीं है। इसलिए इसे पूरा कर पाना भी बेहद कठिन है। इसलिए महर्षि वेदव्‍यास जी ने भी गणेश भगवान के सामने एक शर्त रखी वो शर्त ये थी कि महाभारत के बीच बीच में जो भी श्‍लोक आएंगे उन्‍हें पहले गणेश भगवान को समझना होगा। इसके बाद ही वो लिख सकते हैं। बिना समझे वो कोई भी श्‍लोक नहीं लिखेंगे।

बस फिर क्‍या था। वेदव्‍यास जी बीच बीच में कठिन श्‍लोक बोल दिया करते थे। जब तक गणेश भगवान उसका अर्थ निकालते थे तब तक वो दूसरा श्‍लोक तैयार कर लेते थे। क्‍योंकि वेदव्‍यास जी भी परमज्ञानी थे। बस फिर जब जैसे ही ‘ओम’ कहकर महाभारत लिखने की शुरूआत हुई तो फिर अंत करके ही समाप्‍त हुई। जिसे हम लोग आज दुनिया के सबसे बड़े महाकाव्‍य के रूप में जानते हैं।

महाभारत लिखने में कितना समय लगा था?

यदि हम महाभारत को लिखने में लगे समय की बात करें तो इस सवाल पर आज भी काई एकमत नहीं है। इसकी वजह ये है कि कहा जाता है कि महाभारत को लिखने में लगभग तीन साल का लंबा समय लगा था। क्‍योंकि जब महाभारत लिखी गई थी तो उस दौरान लेखन कला इतनी विकसित नहीं हुई थी। ना ही लेखन से जुड़ी किसी तरह की कोई तकनीक हमारे सामने थी।

जबकि दूसरी तरफ देखें तो महाभारत का युद्ध पूरे 18 दिन चला था। जो‍िकि विश्‍व में अब तक का सबसे लंबा युद्ध कहा जाता है। इसलिए इसका वृतांत भी इतना ही लंबा है। महाभारत के अंदर कुल एक लाख श्‍लोक हैं जो कि महाभारत का वर्णन करते हैं। जिन्‍हें पढ़कर उनके अर्थ को समझ कर समझा जा सकता है कि महाभारत का युद्ध क्‍यों लड़ा गया था। साथ ही इसे तीन भागों में बांटा भी गया है। कहा जाता है कि पहले चरण में 8800 श्‍लोक, दूसरे चरण में 24000 और तीसरे चरण में 1 लाख श्‍लोक पूरे कर दिए गए थे। इन सबको कुल 18 अध्‍याय में बांटा गया है।

 

महाभारत हमें क्‍या संदेश देती है?

महाभारत के बारे में जानने के बाद आपके जहन में भी ये सवाल जरूर आया होगा कि आखिर महाभारत हमें किस तरह का संदेश देती है। इसका जवाब ये है कि आज के समय में हमें महाभारत से बहुत बड़ी सीख लेने की जरूरत है।

क्‍योंकि जिस तरह से परिवारों में आज लड़ाई झगड़े बढ़ते जा रहे हैं। वो बताते हैं कि जिस तरह से महाभारत के अंदर कौरव और पांड़व अपने ही परिवार में बिखर गए थे। उसी तरह से यदि आज के समाज में भी हमने विवाद को बढ़ने से नहीं रोका तो एक दिन ये भी महाभारत का रूप ले लेगी। जो कि हमारे समाज के लिए बेहद ही घातक सिद्ध होगी।

आज अपने जाना कि Mahabharat kisne likhi thi और महाभारत क्‍या है और महाभारत क्‍यों हुई थी? आशा है आपको यह लेख पसंद आया होगा, अगर पसंद आया तो अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करें।

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