आयुर्वेदिक डॉक्टर (Ayurvedic doctor) कैसे बने?

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आयुर्वेदिक डॉक्टर बनने का सही तरीका

Ayurvedic doctor kaise bane: पुराने समय में आपने ‘वैद जी’ का नाम जरूर सुना होगा। हो सकता है कि कुछ लोगों ने अक्‍सर उन्‍हें अपने घर आते जाते भी देखा भी हो। लेकिन बदलते जमाने के साथ वैद जी का नाम भी बदल गया है। आज के समय में उन्‍हें हम लोग ‘आयुर्वेदिक डॉक्‍टर’ के नाम से जानते हैं। आज आयुर्वेद के बहुत बड़े बड़े अस्‍पताल खुल चुके हैं। जहां हम किसी भी बीमारी का इलाज आसानी से करवा सकते हैं।

ऐसे में यदि आप भी आयुर्वेदिक डॉक्‍टर बनना चाहते हैं। तो हमारे इस लेख को अंत तक पढि़ए। अपने इस लेख में हम आपको बताएंगे कि आयुर्वेदिक डॉक्टर (Ayurvedic doctor) कैसे बने? आयुर्वेदिक डॉक्‍टर बनने के लिए आपको कौन सा कोर्स करना होगा। साथ ही बतौर आयुर्वेदिक डॉक्‍टर आपके लिए भविष्‍य में कितनी संभावनाएं हैं।

आयुर्वेदिक डॉक्‍टर क्‍या होता है?

आयुर्वेदिक डॉक्टर कैसे बनें इस बारे में हम आपको जानकारी दें इससे पहले आइए एक बार हम आपको जानकारी देते हैं कि आयुर्वेदिक डॉक्‍टर क्‍या होता है। दरअसल, आयुर्वेदिक डॉक्‍टर वो होता है जो कि आज के चलन में आ रही दवाइयों की बजाय पुरानी पद्धति से इलाज करता है। जिसका प्रयोग पुराने समय में हर कोई करता था।

इसके अंदर वो तमाम जड़ी बूटियों का सहारा लेता है। इसका आम लोगों को फायदा ये होता है कि आयुर्वेद के द्वारा जो भी चिकित्‍सा पद्धति अपनाई जाती है। उसका हमारे शरीर पर किसी भी तरह का बुरा प्रभाव नहीं पड़ता है। इसके अलावा आयुर्वेद के अंदर किसी भी तरह का टीका, ऑपरेशन आदि की जरूरत भी नहीं पड़ती है। जो कि इसकी सबसे खास बात मानी जाती है।

आयुर्वेदिक डॉक्टर कैसे बने

आयुर्वेदिक डॉक्‍टर कैसे बनें?

आइए आगे हम आपको जानकारी देते हैं कि यदि आप एक आयुर्वेदिक डॉक्‍टर बनना चाहते हैं तो आपको उसके लिए क्‍या करना होगा। आयुर्वेदिक डॉक्‍टर बनने के लिए आपके पास किस तरह की डिग्री होनी चाहिए। साथ ही इसकी पूरी पढ़ाई की प्रक्रिया किस प्रकार से रहती है।

इसे भी पढ़ें: टीचर बनने के लिए 12वीं के बाद क्या करें?

12 वीं में कौन सा विषय लें?

आयुर्वेदिक डॉक्टर (Ayurvedic doctor) कैसे बने यह जानने के लिए आपको बारहंवी में ही कहीं ना कहीं सक्रिय होना पड़ता है। जिससे आप आगे चलकर आसानी से एक आयुर्वेदिक डॉक्‍टर बन सकते हैं। इसके लिए आपको बारहंवी में विज्ञान विषय लेना होता है। जिसके अंदर आपको फिजिक्‍स (Physics), केमिस्ट्री (Chemistry) और बायोलॉजी (Biology) विषय लेना होगा। इसके बाद आप जब बारहंवी पास कर लेते हैं तो आगे की पढ़ाई के लिए कम से कम आपके 50 प्रतिशत नंबर होने चाहिए। जिससे आप आयुर्वेदिक डॉक्‍टर बनने की डिग्री में दाखिला ले सकें।

12 वीं के बाद क्‍या करें?

जब आप विज्ञान विषय के साथ अपनी बारहंवी पास कर लेते हैं तो आपको BAMS (Bachelor of Ayurvedic Medicine and Surgery) कोर्स में दाखिला लेना होता है। यह एकमात्र ऐसी डिग्री है जो कि किसी भी तरह का आयुर्वेदिक डॉक्‍टर बनने के लिए सबसे जरूरी होती है। इसके अलावा जो दूसरी डिग्री होती हैं। उनका चलन बेहद कम है। यह कुल 5 साल 6 महीने की डिग्री होती है। जिसके अंदर आपको 4 साल 6 महीने पढ़ना होता है। जबकि अंतिम एक साल में आपको अपनी ट्रेनिंग पूरी करनी होती है। ट्रेनिंग का फायदा आपको आगे चलकर बहुत ज्‍यादा फायदा देखने को मिलता है।

आयुर्वेद से जुड़े कुछ अन्‍य कोर्स

  • Bachelor Of Ayurvedic Medicine & Surgery
  • MBA – Ayurveda Pharmacy
  • Doctor of Medicine in Ayurveda (MD)
  • Master of Surgery in Ayurveda (MS)
  • Master of Philosophy in Ayurveda Siddhanta (MPhil)
  • Doctor of Philosophy in Ayurveda (PhD)
  • Major Specialization Fields of Ayurveda
  • Kayachikitsa – Internal Medicine
  • Surgery– Surgery-Pediatrics – Pediatrics
  • Planetary Medicine – Psychiatry
  • Urdhvanga Medicine – Eye, Ear, Nose, Throat and Head Treatment
  • Aged Medicine – Toxicology
  • Medicine – Rasayana– Gerontology
  • Vrisha Medicine – Vajikaran – Aphrodisiac

BAMS डिग्री कॉलेज

यदि हम BAMS (Bachelor of Ayurvedic Medicine and Surgery) की डिग्री केी बात करें तो इसके लिए आपको हमारे देश में अनेकों कॉलेज देखने को मिल जाएंगे। आप उनमें में से किसी में भी दाखिला लेकर अपनी डिग्री पूरी कर सकते हैं। हालांकि, कॉलेज चुनने में आपको कुछ सावधानी भी बरतनी होती है। जिनका जिक्र हम आपको आगे करेंगे। आइए अब हम आपको देश के कुछ चुनिंदा कॉलेजों के नाम बताते हैं। जिनका आयुर्वेद के क्षेत्र में काफी नाम है। आगे हम आपको कुछ अन्‍य डिग्री के नाम बताने जा रहे हैं। आप उनमें से भी कोई पूरी कर सकते हैं। लेकिन BAMS के साथ जाना सबसे बेहतर माना जाता है।

College List

  • आल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ आयुर्वेदा (AIIA), नई दिल्ली
  • नैशनल इंस्टियूट ऑफ़ आयुर्वेदा, जयपुर, राजस्थान
  • आयुर्वेद पोस्टग्रेजुएट ट्रेनिंग, रिसर्च एंड एजुकेशन इंस्टिट्यूट, गुजरात आयुर्वेद यूनिवर्सिटी, जामनगर
  • आयुर्वेद फैकल्टी, इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज, बीएचयू, वाराणसी
  • स्टेट आयुर्वेद कॉलेज, तिरुवनंतपुरम, केरल
  • बीएमके आयुर्वेद कॉलेज, केएलई यूनिवर्सिटी, कर्नाटक
  • पोद्दार आयुर्वेद कॉलेज, वर्ली, मुंबई, महाराष्ट्र
  • नार्थ ईस्टर्न इंस्टिट्यूट ऑफ़ आयुर्वेद एंड होमियोपैथी, शिलांग, मेघालय
  • आर.जी. गवर्नमेंट आयुर्वेद कॉलेज, पपरोला, हिमाचल प्रदेश
  • एसडीएम कॉलेज ऑफ आयुर्वेद, हासन, कर्नाटक

BAMS Course में विषय

यदि आप किसी भी डिग्री कॉलेज में दाखिला लेते हैं तो आयुर्वेद से जुड़े आपके पास कुछ विषय अनिवार्य रूप से होते हैं। जो कि आपको इस बात की जानकारी देते हैं कि आयुर्वेद में इलाज कैसे किया जाता है। साथ ही किसी भी मरीज पर इसका प्रभाव कैसे पड़ता है। तो चलिए आपको आयुर्वेद डिग्री में आने वाले प्रमुख स्‍पेशलाइजेशन्‍स बताते हैं। जो कि आप कर सकते हो।

आयुर्वेद के प्रमुख स्पेशलाइजेशन्स

  • कायाचिकित्सा – इंटरनल मेडिसिन
  • शल्य चिकित्सा – सर्जरी
  • बाल चिकित्सा – पेडियाट्रिक्स
  • ग्रह चिकित्सा – भूत विद्या – साइकाइट्री
  • उर्ध्वांग चिकित्सा – आंख, कान, नाक, गले और सिर का इलाज
  • अगद चिकित्सा – टॉक्सिकोलॉजी
  • जर चिकित्सा – रसायण – गेरेंटोरोलॉजी
  • वृष्य चिकित्सा – वाजीकरण – एफ्रोडीसीएक्स

BAMS में दाखिला कैसे लें?

इसके बाद बारी आती है कि आप किसी भी आयुर्वेद डिग्री कॉलेज में दाखिला कैसे लें। इसके लिए जिस तरह से दूसरे कॉलेजों में दाखिला होता है। वही सामान्‍य सी प्रक्रिया BAMS में भी होती है। यदि हम सरकारी कॉलेजों की बात करें तो आपको वहां दाखिला लेने के लिए Entrance Exam देना होता है। जिसके बाद आपको आपके नंबरों के आधार पर दाखिला दिया जाता है।

इसके अलावा यदि हम प्राइवेट कॉलेज की बात करें तो वहां दाखिला लेने के लिए आपको किसी तरह का Entrance Exam नहीं देना होता है। बस आप आवेदन कीजिए और वहां आप दाखिला ले लीजिए। वहां आपके बारहंवी में आए नंबर के आधार पर दाखिला दिया जाता है। जिसमें आपके 50 प्रतिशत न्‍यूनतम अंक होने चाहिए।

Entrance Exam List

  • NEET
  • National Institute Of Ayurveda Entrance Exam
  • Uttarakhand PG Medical Entrance Exam
  • Kerala State Entrance Exam
  • Common Entrance Test (CET), Karnataka
  • Ayush Entrance Exam

BAMS कोर्स की फीस?

यदि हम BAMS आयुर्वेदिक कोर्स की बात करें तो इसकी फीस सरकारी कॉलेजों में आपको बहुत कम देखने को मिलेगी। लेकिन यदि आप किसी प्राइवेट कॉलेज में दाखिला ले लेते हैं तो यह कई गुना बढ़ जाती है। इसे आप इस बात से समझ सकते हैं कि एक सरकारी कॉलेज में दाखिला लेने पर आपको एक साल की फीस लगभग 50 से 70 हजार रूपए चुकानी होगी। इसके अलावा आप यदि पढ़ाई में होनहार हैं तो आपको वहां कई तरह की छात्रवृति भी दी जाती है।

जबकि यदि आप किसी तरह के प्राइवेट कॉलेज में दाखिला लेते हैं तो आपको इसकी फीस हर साल 2 से 3 लाख रूपए तक चुकानी पड़ सकती है। साथ ही वहां आपको किसी तरह की छात्रवृति भी नहीं दी जाएगी। हालांकि, सरकारी और प्राइवेट दोनों ही तरह के किसी भी कॉलेज में जो आपका आखिरी का एक साल होता है। उसमें जो ट्रनिंग करवाई जाती है। उसका कुछ मानदेय भी आपको दिया जाता है। जो कि हर राज्‍य में अलग अलग होता है।

BAMS में रोजगार की संभावनाएं

अंत में बात आती है कि यदि आपने डिग्री भी पूरी कर ली और ट्रेनिंग भी पूरी कर ली तो रोजगार के अवसर के तौर पर आपके पास क्‍या होगा। तो हम आपको बता दें कि आयुर्वेदिक डिग्री के बाद आपके पास रोजगार की अनेकों संभावनाएं मौजद होती हैं।

जिनमें से आप किसी में भी यदि जुड़ जाते हैं। तो आप अच्‍छी आमदनी ले सकते हैं। खास बात ये है कि आयुर्वेद के क्षेत्र में आने के लिए केवल एक ही डिग्री होती है। इसलिए इस लाइन में कोई भी पद हो उसके लिए हर BAMS (Bachelor of Ayurvedic Medicine and Surgery) करने वाला युवा पूरी तरह से योग्य माना जाएगा। आइए हम आयुर्वेदिक डिग्री के प्रमुख रोजगार के पद बताते हैं। जिनपर आप डिग्री पूरी करके नौकरी पा सकते हैं।

BAMS job List

  • थेरेपिस्ट
  • प्रोडक्ट मैनेजर
  • मेडिकल रिप्रेजेन्टेटिव
  • नर्सिंग होम में काम
  • औषधालयों में काम
  • रिसर्च इंस्टिट्यूट
  • ड्यूटी डॉक्टर
  • हेल्थकेयर समुदाय में काम
  • एरिया सेल्स मैनेजर
  • सेल्स रिप्रेजेन्टेटिव
  • कैटेगरी मैनेजर
  • फार्मेसिस्ट
  • लेक्चरर

शुरूआती सैलरी

यदि हम एक आयुर्वेदिक डॉक्‍टर की शुरूआती सैलरी की बात करें तो य‍ह आपको 30 से 40 हजार रूपए महीना देखने को मिल जाएगी। लेकिन इसके लिए जरूरी है कि आपको काम का अच्‍छा ज्ञान हो। साथ ही आपने अच्‍छे से अपनी पढ़ाई पूरी हो। इसके बाद आप चाहे तो अस्‍पताल में नौकरी करें या किसी आयुर्वेदिक दवाई बनाने वाली कंपनी में। इसके अलावा यदि आप सरकारी अस्‍पताल में आयुर्वेदिक डॉक्‍टर बनते हैं तो आपका वेतन 80 से 90 हजार रूपए तक जा सकता है।

लेकिन इसके अलावा यदि आप अपना मेडिकल स्‍टोर या कोई अस्‍पताल शुरू करते हैं तो आपकी आमदनी पूरी तरह से आपके काम के ऊपर निर्भर होगी। आपके पास जितने ज्‍यादा ग्राहक आएंगे, आपकी आमदनी उतनी ही ज्‍यादा होती जाएगी। आयुर्वेदिक डॉक्‍टर बनना क्‍यों फायदेमंद है। इसकी कुछ वजह हम आपको आगे बताते हैं।

  • इस डिग्री का सबसे पहला फायदा ये है कि आप किसी भी अस्‍पताल में नौकरी कर लें। जहां आपको मरीजों का इलाज करने का काम दिया जाएगा।
  • यदि आप नौकरी नहीं करना चाहते हैं तो अपने नाम से आयुर्वेद का एक मेडिकल स्‍टोर भी खोल सकते हैं। जिसमें आप आयुर्वेदिक दवाइयां बेचने का काम कर सकते हैं।
  • इसके अलावा आप दवाइयां बनाने वाली किसी कंपनी में नौकरी भी कर सकते हैं। जहां इस तरह की डिग्री करने वाले युवाओं की मांग हमेशा बनी रहती है।
  • यदि आप सरकारी सेवाओं में जाना चाहते हैं तो सरकार की तरफ से समय समय पर सरकारी आयुर्वेदिक अस्पतालों के लिए भर्ती भी निकाली जाती है। आप उनमें आवेदन करके सरकारी नौकरी भी पा सकते हैं।

क्‍या बिना BAMS के आयुर्वेदिक डॉक्‍टर बन सकते हैं?

अब आपके जहन में ये आ रहा होगा कि आयुर्वेदिक डॉक्‍टर बनने के लिए BAMS की डिग्री में पूरे 5 साल से भी अधिक समय लग जाएगा। तो क्‍या इसके अलावा किसी तरह का कोई दूसरी डिग्री या डिप्‍लोमा भी है। जिसे हम कम समय में पूरा करके आयुर्वेदिक डॉक्‍टर बन सकते हैं। इसका जवाब है ‘नहीं’।

यदि आप आयुर्वेदिक डॉक्‍टर बनना चाहते हैं तो आपको सिर्फ BAMS का विकल्‍प ही दिया जाता है। इसे करने के बाद आप चाहें तो आगे की पढ़ाई कर सकते हैं। लेकिन BAMS में 5 साल लगाने का आपको फायदा भी है। पहला फायदा तो ये है कि इन सालों में आपको आयुर्वेद की अच्‍छी समझ हो जाएगी। जबकि इस डिग्री का दूसरा फायदा ये होता है कि आप केवल एक डिग्री पूरी करके आयुर्वेद के क्षेत्र में पूरी तरह से पारंगत हो जाएंगे।

ध्‍यान रखने योग्य बातें

  • क्‍योंकि आयुर्वेद की डिग्री कई सालों की है तो आप किसी भी कॉलेज में दाखिला लेने से पहले कॉलेज की जगह और उसकी फीस की पूरी तरह से तसल्‍ली कर लें। साथ ही प्राइवेट कॉलेज में हमेशा अंत में दाखिला लेने का विकल्‍प रखें।
  • कोई भी डिग्री आपको कागज में डॉक्‍टर तो बना सकती है। पर जनता की नजर में भगवान का दूसरा रूप लेने के लिए आपको अच्‍छे से मेहतन करनी होती है। तभी आप एक अच्‍छे आयुर्वेदिक डॉक्‍टर बन सकते हैं।
  • जैसा कि आप जानते होंगे कि एक मेडिकल डॉक्‍टर होते हैं दूसरा आयुर्वेद डॉक्‍टर। इसके अलावा भी दूसरी तरह के डॉक्‍टर होते हैं। इसलिए आपकी जिम्‍मेदारी ये बनती है कि आप हर तरह के डॉक्‍टर का पूरा सम्मान करें।
  • BAMS की डिग्री पूरी करने के बाद आपके पास अनेकों विकल्‍प होते हैं। इसलिए आप सोच समझकर तय करें कि आपको आगे क्‍या करना है। क्‍योंक‍ि बार बार कार्यक्षेत्र बदलने से आप कुछ भी बेहतर नहीं कर पाते हैं।
  • डॉक्‍टर सिर्फ एक पेशा मात्र नहीं है। आपके काम से जनता को बहुत उम्‍मीदें होती हैं। इसलिए कोशिश करें कि आपके पास जो भी आए उसे निराश करके ना भेजें।

इसे भी पढ़ें:डॉक्टर कितने प्रकार के होते हैं

Conclusion

आशा है कि अब आप समझ गए होंगे कि आयुर्वेदिक डॉक्टर (Ayurvedic doctor) कैसे बनें। इसे जानने के बाद आप आसानी से आयुर्वेदिक डॉक्‍टर बन सकते हैं। बस शर्त ये है कि आप दिल से डॉक्‍टर बनने के साथ पूरी तरह से मेहनत भी करना चाहते हों। यदि आपको हमारा ये लेख पसंद आया है तो इसे अपने दोस्‍तों के साथ भी अवश्‍य शेयर करें। साथ ही इस लेख से जुड़ा आपका कोई सवाल हो तो हमें नीचे कमेंट करें। Allinhindi Team आपके उज्‍ज्‍वल भविष्‍य की कामना करती है।

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उम्र में युवा और तजुर्बे में वरिष्ठ रोहित यादव हरियाणा के रहने वाले हैं। पत्रकारिता में डिग्री रखने के साथ इन्होंने अपनी सेवाएं कई मीडिया संस्थानों को दी हैं। फिलहाल ये पिछले लंबे समय से अपनी सेवाएं 'All in Hindi' को दे रहे हैं।

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