ये है टॉप 10 दुश्मन को परास्त करने का उपाय

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दुश्मन को परास्त करने का उपाय | शत्रु को परास्त करने का उपाय

दुश्मन को परेशान करने का तरीका:- दुश्‍मनी हमें कभी भी किसी से भी नहीं करनी चाहिए। क्‍योंकि हम भले ही कितने भी ताकतवर क्‍यों ना हों परन्‍तु दुश्‍मनी का नतीजा हमेशा सभी के लिए दुखदायक ही सिद्ध होता है। चाहे वो दो देशों की दुश्‍मनी हो या दो पड़ोसियों की। लेकिन यदि हमारे ना चाहते हुए भी किसी तरह की हमसे दुश्‍मनी हो जाए तो क्‍या हमें हाथ पर हाथ रखकर बैठे रहना चाहिए।

आपका भी शायद इसका जवाब ‘नहीं’ में होगा। इसलिए यदि आपकी भी किसी के साथ दुश्‍मनी है या आप जानना चाहते हैं कि किसी शत्रु को परास्त करने का उपाय क्या है, तो हमारी ये पोस्‍ट आप अंत तक पढि़ए। अपनी इस पोस्‍ट में हम आपको दुश्मन को परास्त करने का उपाय बताएंगे जिनकी मदद से आप अपने से बड़े और ताकतवर दुश्‍मन को भी परास्‍त कर सकते हैं। वो भी बिना किसी हिंसा के।

टॉप 10 दुश्मन को परास्त करने का उपाय

जैसा कि आप यह जनना चाहते है कि दुश्मन को परास्त करने का उपाय कौन कौन से है? इसलिए हम आपको नीचे बारी बारी से कुछ ऐसे तरीके बताने जा रहे है जिनकी मदद से बिना किसी हिंसां के आप अपने दुश्मन को हरा सकते है।

अहिंसा का प्रयोग करे

दुश्मन कितना भी ताकतवर क्यों ना हो शर्मिंदगी उसे झकझोर कर रख देती है। सबसे पहला दुश्मन को परास्त करने का उपाय यह है कि गाँधी जी कि भाती अपना दूसरा गाल सामने कर दे। कहने का तात्पर्य यह है कि अपने शत्रु को यह एहसास दिलाये कि उसके द्वारा किये गए बुरे व्यवहार आपको गुस्सा दिलाने या आपका हौसला तोड़ने में कामयाब नहीं होने वालें।

कानून की मदद हमेशा सर्वोपरि रखें

यदि कोई भी आपका दुश्‍मन है या आपको परेशान कर रहा है तो हम सबसे पहले आपको यही सलाह देंगे कि आप उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत दें। क्‍योंकि कानून हमारे देश में एकमात्र ऐसी चीज है जहां हर किसी को इंसाफ मिलता है। चाहे कोई किसी जाति, धर्म या गरीब अमीर हो।

लेकिन यदि आपको लगता है कि आप कानून की मदद नहीं लेना चाहते तो आपको हम आगे कुछ ऐसे तरीके बता रहे हैं जिनकी मदद से आप अपने दुश्‍मन को परास्‍त कर सकते हैं। बस आपको ध्‍यान ये रखना होगा कि हर बात आप हर किसी के लिए प्रयोग नहीं कर सकते हैं। इसलिए समय और जरूरत के हिसाब से इनका प्रयोग करें।

दुश्‍मन से जुड़ी हर जानकारी हासिल करें

दुश्‍मन चाहे कमजोर हो या ताकतवर आपको सबसे पहले चाहिए कि आप उससे जुड़ी हर जानकारी हासिल करें। जैसे कि वो कहां जाता है, क्‍या करता है। किन लोगों से उसके गहरे संबध हैं। यदि आपको ये जानकारी मिलने में कठिनाई हो रही है तो आप दुश्‍मन के किसी दुश्‍मन से मित्रता कर सकते हैं।

कहा भी जाता है ‘दुश्‍मन का दुश्‍मन हमेशा दोस्‍त होता है’ इस तरह से आप अपने दुश्‍मन की सारी जान‍कारियां जुटा सकते हैं। इसके बाद आपको दुश्‍मन की ताकत और रणनीति का अंदाजा हो जाएगा।

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अपने दुश्‍मन के दुश्‍मन की पहचान करें

किसी भी दुश्मन को परास्त करने का उपाय यह भी है कि आप यह जाने कि आपके दुश्मन की आपके अलावा और किन लोगों के साथ दुश्‍मनी है और कौन से लोग हैं जो कि उससे जलते हैं। इसके बाद आप उन लोगों से लगातार मिलना जुलना शुरू कर दीजिए। कोशिश कीजिए कि आप अपने दुश्‍मन के सामने भी उसके साथ आएं जाएं। साथ ही उनसे अपने दुश्‍मन की बात कीजिए।

यदि वो भी चाहते हैं कि आपके दुश्‍मन से बदला लिया जाए तो उनके सामने अपनी रणनीति बताइए साथ ही यदि उनकी रणनीति को भी समझने की कोशिश कीजिए। इसके बाद कोशिश कीजिए कि दोनों के अंदर तालमेल बनाकर अपने दुश्‍मन को परास्‍त किया जाए। ध्‍यान रखिए कि इस दौरान आप हिंसा की रणनीति ना तैयार करें। क्‍योंकि हिंसा से हमेशा दोनों पक्षों का नुकसान होता है।

दुश्‍मन के कान भर‍कर

यदि आपका दुश्‍मन आपसे ताकतवर है और आपको लगता है कि यदि आप उससे सीधे सीधे मुकाबला नहीं कर सकते तो आप अपने दुश्‍मन के खिलाफ उसके आसपास रहने वाले लोगों में किसी तरह की अफवाह फैला सकते हैं। जैसे कि आप उसके खिलाफ कोई बड़ी तैयारी कर रहे हैं। आप अब डरने वाले नहीं हैं। आपने ठान लिया है कि अब चाहे कुछ हो जाए बदला लेकर रहना है। आपको किसी ऐसे आदमी का साथ मिल गया है जो कि आपके दुश्‍मन का काम तमाम कर सकता है।

इस तरह से आप कुछ बातें उसके जानने वाल लोगों में फैला दीजिए। ये बातें जब आपके दुश्‍मन तक पहुंचेगीं तो आप का दुश्‍मन सहम जाएगा। एक पल के लिए उसे लगेगा कि कहीं ऐसा तो नहीं कि अब आपकी दुश्‍मनी उसे महंगी ना पड़ जाए। बहुत बार इस तरीके से लोग पीछे भी हट जाते हैं। इसके बाद आप कोशिश कीजिए कि आप पता लगाएं कि इन बातों का आपके दुश्‍मन पर इसका क्‍या असर पड़ेगा।

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चुप रहने की आदत बनाएं

दुश्‍मन कैसा भी हो लेकिन यदि आप खामोश रहने की आदत डालते हैं तो भी आप अपने दुश्‍मन को आसानी से परास्‍त कर सकते हैं। यह दुश्मन को परास्त करने का उपाय बहुत ही शांत और कारगर है। इसके अंदर आपको चाहिए यदि आपका दुश्‍मन कुछ भी कहे तो आप पूरी तरह से चुप रहें। यदि आपका दुश्‍मन आपके पड़ोस में ही रहता है तो यकीन्‍न वो आपको परेशान करने के लिए आपके बारे में बिना नाम लिए कुछ ना कुछ बोलता ही रहेगा। ऐसे में आपको चाहिए कि उसकी किसी भी बात का ना तो जवाब दें।

साथ ही इस तरीके से व्‍यवहार करें जैसे कि आपको उसकी बात से कोई फर्क ही नहीं पड़ता है। यदि आप ऐसा करते हैं तो इससे आपका दुश्‍मन खुद परेशान हो जाएगा। क्‍योंकि उसे लगेगा कि आप इतने कठोर दिल के हैं कि वो आपको परेशान नहीं कर सकता है। यदि ऐसा ही कुछ दिनों तक चलता रहा तो आपका दुश्‍मन इस लड़ाई को छोड़ किसी और काम में लग जाएगा।

दुश्‍मन के सहयोगियों की मदद करें

हर आदमी किसी ना किसी तरह की मदद कर सकता है। ऐसे में चाहिए कि आपका जो भी दुश्‍मन है यदि उसके किसी करीबी को मदद की जरूरत पड़ती है तो आप उसकी मदद को सबसे पहले आएं। इसी तरह यदि आप कुछ लोगों की भी मदद कर देते हैं तो और आपका दुश्‍मन वहां चूक जाता है तो आपके दुश्‍मन को निश्चित की पछतावा होगा।

साथ ही इससे आपकी उन लोगों के बीच पकड़ भी मजबूत होगी और आपकी मदद से प्रभावित होकर संभव है कि वो लोग आपकी तारीफ आपके दुश्‍मन के आगे भी करने लग जाएं। जिससे आपका दुश्‍मन मन ही मन खूब जलेगा। साथ ही इसका फायदा आपको आगे और भी मिल सकता है। क्‍योंकि आगे चलकर वो लोग विपरीत समय हमेशा आपका साथ देंगे।

खुद पर ध्‍यान दीजिए ना कि दुश्‍मन पर

दुश्‍मन से निपटने के लिए जरूरी है कि आपको उसके बारे में जानकारी हो। लेकिन इस जानकारी के बीच आप इस बात का भी ध्‍यान रखिए कि इस दौरान आपका ध्‍यान खुद पर हो ना कि दुश्‍मन पर। यदि आप सारा ध्‍यान अपने दुश्‍मन पर लगा देंगे तो आप कभी भी अपनी रणनीति में कामयाब नहीं हो पाएंगे।

साथ ही यदि आपके दुश्‍मन को पता लग गया कि आपका सारा ध्‍यान इन दिनों उसी के ऊपर होता है तो वो किसी तरह की नई चाल भी चल सकता है। जिससे एक तरह से आप ना त‍ो अपना काम ही कर पाएंगे ना ही अपने दुश्‍मन का कुछ बिगाड़ पाएंगे। दुश्मन को परास्त करने का उपाय यह भी है कि आप कोई गलती ना करे।

हार की चितां ना करें

कहते हैं कि ‘चिंता चिता के समान होती है’। ऐसे में जब आप अपने दुश्‍मन से निपटने के लिए कुछ भी सोच विचार कर रहे हों तो कभी भी इसमें ये बात मत लाइए कि यदि आपकी हार हो जाती है तो आप क्‍या करेंगे। इससे आपका मनोबल कमजोर होगा। साथ ही लगातार आपके ऊपर हार का डर हावी होने लगेगा। आप बस अपने काम को परी मेहनत से करिए। हार की चिंता वो लोग करते हैं जिनकी मेहनत में कमी रहती है।

हमेशा तरक्‍की करते रहें

यदि आपका दुश्‍मन आपसे बलवान या धनवान है तो आपको चाहिए कि आप सिर्फ इस बात पर ध्‍यान लगाएं कि आप और आगे कैसे बढ़ सकते हैं। लगातार यदि आप आगे बढ़ते रहेंगे तो निश्चित ही आपका दुश्‍मन इससे चितिंत होगा कि आप इतनी तरक्‍की कैसे कर रहे हैं। साथ ही एक दिन आप इतनी तरक्‍की कर जाएं कि आपका दुश्‍मन भी मदद मांगने के लिए आपके दरवाजे पर आने को मजबूर हो जाए।

दुश्‍मन पर इससे बड़ी और बेहतर कोई जीत नहीं हो सकती है। खास तौर पर आपका दुश्‍मन जब आपका पड़ोसी हो। क्‍योंक‍ि अटल बिहारी बाजपेयी ने कहा था कि ‘आप दोस्‍त तो बदल सकते हैं, लेकिन पड़ोसी नहीं’ आपकी इस रणनीति के आगे आपका दुश्‍मन भी आपका दोस्‍त बनने को मजबूर हो जाएगा।

Disclaimer

इस लेख द्वारा “आल इन हिन्दी” का उद्देश्य आपको जानकारी प्रदान करना है। हम ऐसे किसी भी हिंसक गतिविधि को बढ़ावा नहीं देते जिससे किसी भी व्यक्ति के जान या माल का नुकसान हो।

Conclusion

आज आपने इस लेख के माध्यम से ये जाना कि दुश्मन को परास्त करने का उपाय क्या है? आशा है इस लेख से आपको यह सीख जरुर मिली होगी कि किसी प्रकार की हिंसा हर पक्ष के लिए सामान रूप से हानिकारक होती है। इसलिए कोशिश करें कि हर प्रकार की समस्या का समाधान बातचीत से निकल जाए।

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नमस्कार दोस्तों, मैं रवि "आल इन हिन्दी" का Founder हूँ. मैं एक Economics Graduate हूँ। कहते है ज्ञान कभी व्यर्थ नहीं जाता कुछ इसी सोच के साथ मै अपना सारा ज्ञान "आल इन हिन्दी" द्वारा आपके साथ बाँट रहा हूँ। और कोशिश कर रहा हूँ कि आपको भी इससे सही और सटीक ज्ञान प्राप्त हो सकें।

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