मेडिकल स्टोर कैसे खोलें? मेडिकल स्टोर लाइसेंस, फीस और एलिजिबिलिटी

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Medical Store Kaise Khole: मेडिकल स्‍टोर पर हम सभी कभी ना कभी जरूर गए होंगे। हमने वहां देखा होगा कि उसके पास हर तरह की दवाई होती है। साथ ही म‍ेडिकल स्टोर वाला किसी भी सीजन में खाली नहीं बैठता है। फिर चाहे वह रात का समय ही क्‍यों ना हो। इसके अलावा बेहद ही कम लोग होते हैं जो दवाइयों का दाम कम करवाने के लिए परेशान होते हैं। इससे आप समझ सकते हैं कि मेडिकल स्‍टोर वाले की एक दिन में कितनी कमाई होती होगी।

ऐसे में यदि आप भी जानना चाहते हैं कि मेडिकल स्टोर कैसे खोलें तो हमारे इस लेख को अंत तक पढि़ए। अपने इस लेख में हम आपको जानकारी देंगे कि मेडिकल स्‍टोर कैसे खोलें? एलिजिबिलिटी फॉर मेडिकल स्टोर लाइसेंस क्‍या होती है। यकीन मानिए यदि आप हमारा पूरा लेख पढ़ते पढ़ते हैं तो मेडिकल स्‍टोर खोलने की पूरी प्रक्रिया को समझ जाएंगे।

मेडिकल स्‍टोर क्‍या होता है?

एलिजिबिलिटी फॉर मेडिकल स्टोर लाइसेंस और मेडिकल स्टोर कैसे खोलें के बारे में हम आपको जानकारी दें इससे पहले आइए एक बार हम आपको जानकारी देते हैं कि मेडिकल स्‍टोर क्या होता है। दरअसल, यह भी एक दुकान होती है। लेकिन यहां आपको केवल दवाइयां दी जाती हैं। इसलिए इसे खोलने की प्रक्रिया थोड़ी कठिन होती है।

साथ ही इसकी खास बात ये होती है कि इसे हर कोई नहीं खोल सकता है। क्‍योंकि मेडिकल स्‍टोर खोलने के लिए सरकार के कुछ नियम कायदे होते हैं। आपको उनका पालन करते हुए ही मेडिकल स्टोर खोलना होगा। जिनकी जानकारी हम आपको आगे देंगे।

मेडिकल स्टोर कैसे खोलें

मेडिकल स्‍टोर कैसे खाेलें?

आइए अब हम आपको एक एक करके पूरी जानकारी देते हैं कि Medical Store Kaise Khole इसके अंदर हम आपको योग्यता, लाइसेंस, मेडिकल स्‍टोर खोलने की प्रक्रिया के बारे में विस्‍तार से जानकारी देंगे। इसलिए हमारे इस लेख को आप अंत तक पढि़ए।

मेडिकल स्‍टोर के प्रकार

मेडिकल स्‍टोर भी दो तरह के होते हैं। इसके अंदर पहला तो ये आप अपना मेडिकल स्‍टोर किसी अस्‍पताल के अंदर खोल लीजिए। इसका फायदा ये होता है कि उस अस्‍पताल के सारे ग्राहक आपके पास ही आएंगे। साथ ही इसमें दूसरा फायदा ये होता है कि उस अस्‍पताल के संचालक से आपकी बातचीत हो जाती है कि वो जो दवाइयां लिखेगा वो केवल आपके पास ही मिलेंगी।

इससे उनका ग्राहक चाहते हुए भी आपसे दूर नहीं जा पाएगा। लेकिन अक्‍सर देखा जाता है कि जो दुकानें अस्‍पताल के अंदर होती हैं। अक्‍सर या तो वो अस्‍पताल के किसी जानकार की होती हैं। या उन्‍हें कमीशन दिया जाता है। इसलिए ये काम थोड़ा कठिन होता है कि आप किसी अस्‍पताल के अंदर अपनी दुकान खोल सकें। लेकिन यदि आपकी जानपहचान किसी अस्‍पताल वाले से है तो आप उसी तरफ ही हमेशा जाएं।

दूसरा प्रकार

दूसरे प्रकार के अंदर वो दुकानें आती हैं जो कि किसी चौक चौराहे पर होती हैं। इसके अंदर आपका किसी से लेना देना नहीं होता है। जिस भी इंसान को दवाइयों की जरूरत होती है तो वो आपको पैसे देता है और दवाई खरीद कर ले जाता है। इसे आप कहीं भी आसानी से खोल सकते हैं। बस आपको लाइसेंस लेना होगा। ताकि आपको आगे चलकर किसी तरह की दिक्‍कत ना आए।

मेडिकल स्‍टोर खोलने की योग्यता

आइए अब हम आपको जानकारी देते हैं कि एलिजिबिलिटी फॉर मेडिकल स्टोर क्‍या होती है। क्‍योंकि मेडिकल स्‍टोर चालाने के कुछ अपने नियम कायदे होते हैं। इसलिए इसके अंदर यदि आप अपने नाम से मेडिकल स्‍टोर खोलने जा रहे हैं तो जरूरी है कि आपके पास कम से कम बी फार्मा (B Pharma) या डी फार्मा (D Pharma) की डिग्री अवश्‍य हो। इसके बिना आप मेडिकल स्‍टोर किसी गांव देहात में भी नहीं खोल सकते हैं।

इस डिग्री के आधार पर आपको यह अनुमति मिल जाती है कि आप सही मायने में मेडिकल स्‍टोर चलाने की जान‍कारी रखते हैं। जिससे आप इस काम को आसानी से कर सकते हैं। अन्‍यथा आपको किसी दूसरे के मेडिकल स्‍टोर में केवल साझेदारी करने का मौका मिलेगा।

मेडिकल स्‍टोर का लाइसेंस कैसे लें?

मेडिकल स्‍टोर चलाने के लिए लाइसेंस भी लेना पड़ता है। इसे आप अपने जिले या राज्‍य से ले सकते हैं। इसके लिए आप इंटरनेट की मदद से ड्रग कंट्रोल विभाग (Drugs Controller General) में ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसकी सारी प्रक्रिया या तो आप उनकी वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं। या अपने आसपास किसी दवाई की दुकान पर जाकर जान सकते हैं। वो आपको इस बारे में अच्‍छे से समझा देगा। ड्रग विभाग में आवेदन करने के लिए आपके पास सभी तरह के पूरे दस्‍तावेज होने जरूरी है।

इसके अलावा यदि आप किसी तरह की खाने पीने की चीजों को भी अपने मेडिकल स्‍टोर पर रखना चाहते हैं तो आपको इसके लिए Fssai से भी लाइसेंस लेना होगा। जो कि केंद्र सरकार की एक संस्‍था है। जिसकी एक अलग प्रक्रिया होती है। इसे जानने के लिए आप हमारा अगला आर्टिकल पढ़ सकते हैं।

मेडिकल स्‍टोर का लाइसेंस लेने के लिए मुख्‍यत: ध्‍यान रखने वाली ये बात होती है कि आपके पास मेडिकल स्‍टोर चलाने वाली डिग्री हो। साथ ही आप जिस जगह अपना मेडिकल स्‍टोर चलाना चाहते हैं। वहां आसपास उसी नाम से कोई मेडिकल स्‍टोर ना चल रहा हो। साथ ही आप जिस जगह अपना मेडिकल स्‍टोर चला रहे हैं। यदि वह जगह आपकी है तो उससे जुड़े कागजात, अन्‍यथा आपने जिससे उसे किराए पर ले रखा है उससे जुड़े कागजात। इसे जमा करने के बाद ड्रग विभाग के अधिकारी आपके स्‍टोर पर आकर भी मुआयना करते हैं। जिसके बाद आपको लाइसेंस की अनुमति दी जाती है।

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बिना डिग्री मेडिकल स्टोर कैसे खोलें?

यदि आपके पास बी फार्मा या डी फार्मा की डिग्री नहीं है। तो भी आप इस काम को शुरू कर सकते हैं। इसके लिए जरूरी है कि आपके पास कोई ऐसा इंसान हो जिसके पास यह डिग्री है। आपको उसे अपने यहां नौकरी पर रखना होगा। ताकि वो ग्राहकों को सही द‍वाई दे सके।

लेकिन यदि आपके पास भी काम का अनुभव है तो आप उसके साथ ग्राहकों को दवाई दे सकते हैं। बस लाइसेंस उसके नाम से होगा। इसके अलावा यदि कभी आगे चलकर जांच अधिकारी आपके स्‍टोर पर आते हैं तो आपको 15 मिनट के अंदर ही उस इंसान को अपने स्‍टोर पर लाना होगा। जिसके नाम पर आपने स्‍टोर का लाइसेंस ले रखा है। यह तरीका पूरी तरह से सही है। इसलिए यदि आपके पास केवल पैसा और जगह है तो आप इस तरीके से भी लाइसेंस ले सकते हैं।

मेडिकल स्‍टोर कहां खोलें?

आइए अब हम आपको जानकारी देते हैं कि आपको अपना मेडिकल स्टोर कहां खोलना चाहिए। इसके लिए सबसे पहली जगह तो ये रहती है कि आपका घर यदि सड़क पर है तो आप कहीं दूर ना जाकर अपने घर में ही खोल लें।

लेकिन यदि ऐसा संभव नहीं है तो आप अपने शहर या गांव के चौराहे पर खोल सकते हैं। बस ध्‍यान इस बात का रखिए कि आपके आसपास कोई दूसरा मेडिकल स्‍टोर ना हो। अन्‍यथा ग्राहक आपके पास बहुत कम आएंगे।

जबकि यदि आपके पास पैसा है तो आप बाजार में भी अपना मेडिकल स्‍टोर खोल सकते हैं। बस यहां आपको दवाइयां और दुकान थोड़ी बड़ी रखनी होगी। क्‍योंकि यहां हर तरह के ग्राहक आते रहते हैं।

किन दवाइयों से शुरूआत करें?

यदि हम एक मेडिकल स्‍टोर खोलने में शुरूआती दवाइयों की बात करें तो यह पूरी तरह से आपके ऊपर निर्भर करता है कि आप कौन कौन सी दवाइयां रखना चाहते हैं। लेकिन एक तरह से देखा जाए तो आप भले ही छोटा मेडिकल स्‍टोर खोल रहे हों। पर आपके पास वो सभी दवाइयां होनी चाहिए जो कि आम आदमी को सबसे ज्‍यादा जरूरत पड़ती है। ताकि कोई भी ग्राहक आपके पास से वापिस ना जाए।

लेकिन यदि आप शहर के किसी चौक चौराहे पर अपना मेडिकल स्‍टोर खोल रहे हैं। तो आपको चाहिए कि आप सारी दवाइयां भरपूर मात्रा में रखिए। क्‍योंकि शहर में हर तरह के लोग आते हैं। साथ ही वहां हर तरह के अस्‍पताल भी होते हैं। इसलिए आप इस बात का अंदाजा नहीं लगा सकते हैं कि आपके पास कब कौन सा ग्राहक आएगा। इसके लिए आप चाहें तो दुकान के पास ही एक छोटा सा स्‍टोर भी किराए पर ले सकते हैं।

मेडिकल स्‍टोर खोलने की लागत

अंत में बात आती है कि मेडिकल स्‍टोर खोलने की लागत कितनी आएगी। तो हम आपको बता दें‍ कि इस सवाल का जवाब देना काफी कठिन है। क्‍योंकि यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितना बड़ा मेडिकल स्‍टोर खोलना चाहते हैं।

फिर भी यदि हम मानकर चलें कि आप केवल साधारण सा मेडिकल स्‍टोर खोलना चाहते हैं। जिसमें आपके पास दुकान पहले से बनी बनाई है। तो आपको लगभग 5 से 6 लाख रूपए अवश्‍य लगाने होंगे। क्‍योंकि दवाइयां काफी महंगी आती हैं। साथ ही यदि आपकी दुकान में इस तरह के बॉक्‍स नहीं हैं। जिसमें आप दवाई रख सकें तो आपको एक दो लाख रूपए और खर्च करने पड़ सकते हैं। साथ ही आपको एक फ्रिज भी लेना होगा। क्‍योंकि कुछ दवाइयां फ्रिज में ही रखी जाती हैं। इसके अलावा आपकी दुकान में दवाइयों को रखने की व्‍यवस्‍था भी अच्‍छी सी रहनी चाहिए। ताकि आप ग्राहक के मांगते ही उसे दे सकें।

ब्रिकी को कैसे बढ़ाए?

जब आप अपना मेडिकल स्‍टोर खोल लेते हैं तो आपके सामने सवाल ये आता है कि अब आप अपनी ब्रिकी को कैसे बढ़ाएं। क्‍योंकि बिना बिक्री के आप लंबे समय तक मेडिकल स्‍टोर नहीं चला सकते हैं। इसके लिए सबसे जरूरी है कि आप जब अपना मेडिकल स्‍टोर खोलें तो बड़े धूम धड़ाके के साथ खोलें। पहले दिन वहां टेन्‍ट और खान पान की व्‍यवस्‍था कर दें। जिससे आपके आसपास के लोगों को इसका पता लग सके।

इसके अलावा आप लोगों को दवाइयों पर 10 प्रतिशत की छूट देकर भी अपनी तरफ आकर्षित कर सकते हैं। इसका फायदा ये होगा कि लोग छूट देखते ही आपके पास आ जाएंगे। साथ ही आप अपने विज्ञापन पूरे शहर में और समय समय पर अखबारों में भी निकलवा दीजिए। इससे लोगों को आपके मेडिकल स्‍टोर का पता चल जाएगा। इसके बाद आपकी बिक्री बढ़ती ही चली जाएगी।

डॉक्‍टरों को गिफ्ट दें

मेडिकल स्‍टोर की बिक्री बढ़ाने का एक तरीका और भी है। जिस पर अक्‍सर लोग खुलकर बात नहीं करते हैं। इसके अंदर आपको अपने शहर के सभी डॉक्‍टरों से मिलना होगा। उन्‍हें अपने काम की जानकारी देनी होगी। इसके बाद आपको उनसे समय समय पर मिलते रहना होगा और उन्हें गिफ्ट आदि देते रहना होगा। जिसके बाद वो अपने मरीजों को आपके मेडिकल स्टोर पर भेजेंगे।

हालांकि ये तरीका सही नहीं माना जाता है। लेकिन यदि आप आज के समय में बाजार में टिके रहना चाहते हैं तो आपको गलत और सही ना देखकर इस बात पर काम करना होगा कि आपका फायदा किसमें है। क्‍योंकि यदि आपको फायदा ना कमाना होता तो मेडिकल स्‍टोर खोलने की बजाय समाजसेवा का रास्‍ता भी चुन सकते थे।

ध्‍यान रखने योग्य बातें

  • मेडिकल स्‍टोर (Medical Store) एक ऐसा काम है जिसके अंदर कभी भी छुट्टी नहीं होती है। साथ ही इसमें आपको सुबह आठ बजे से लेकर रात 10 बजे तक अवश्‍य बैठना होता है। इसलिए कभी भी केवल अकेले के दम पर मेडिकल स्‍टोर ना खोलें।
  • यदि आपका मेडिकल स्‍टोर किसी गांव देहात में अकेला है तो संभव है कि जरूरत पड़ने पर कोई आपको रात को भी फोन करके बुला लें। इसलिए आप इससे आप नाराज होने की बजाय अपना कर्तव्‍य मानें।
  • बहुत से लोग मेडिकल स्‍टोर में कुछ दवाइयां जो बाजार में कठिनाई से मिलती हैं। उनके दाम बढ़ा देते हैं। लेकिन आप ऐसा बिल्‍कुल भी ना करें क्‍योंकि यदि आपकी दवाई से किसी को जिंदगी मिल जाती है तो यह मानवता का सबसे बड़ा धर्म होगा।
  • मेडिकल स्‍टोर में दवाइयां कभी भी Expire होने के बाद नहीं बेचनी चाहिए। क्‍योंकि आपके जरा से फायदे के लिए किसी के परिवार का कोई सदस्‍य मुश्किल में पड़ सकता है। इसलिए Expire Date होने वाली दवाइयों को समय समय पर हटाते रहें।
  • कई दवाइयां केवल डॉक्‍टर की सलाह पर ही दी जाती हैं। इसलिए कभी भी बिना पर्चा देखें आप इस तरह की दवाइयों को किसी भी ग्राहक को ना दें। भले ही वह आपको कीमत से ज्‍यादा पैसा ही क्‍यों ना दे रहा हो।
  • हर शहर में अलग अलग दवाई कंपनी का जोर होता है। इसलिए आपको इसे भी समझना होगा कि आपके शहर में कौन सी कंपनी की दवाई सबसे ज्‍यादा बिकती है। हमेशा उसे अपने मेडिकल स्‍टोर पर जरूर रखना होगा।
  • क्‍योंकि दवाइयां बेहद महंगी होती हैं। इसलिए आप किसी को भी कोई भी दवाई कभी भी उधार ना दें। यदि कोई लेता भी है तो उसे रजिस्‍टर में लिख लें।
  • यदि आपकी दुकान छोटी है तो आप पास में कोई अलग से जगह ले लें। वहां आप दवाइयों को बड़ी मात्रा में रखें। ताकि आपके पास आया ग्राहक खाली ना जाए।
  • मेडिकल स्‍टोर के कागज समय समय पर अपडेट भी होते रहते हैं। इसलिए आपको उनका भी ध्‍यान रखना चाहिए।
  • दवाइयों की सप्‍लाई करने वाले कई डीलर होते हैं। इसलिए सबसे पहले आप सभी डीलर के रेट जान लें। इसके बाद आपको जो सबसे सस्‍ती दवाई दे आप उसी से अपनी दवाई खरीदें।
  • यदि आप GST के दायरे में आते हैं तो अपना पंजीकरण भी करवा लें। ताकि आपको कभी भी दिक्‍कत ना हो।
  • कोई भी काम चलने में थोड़ा समय लगता है। इसलिए कभी भी ना सोचें कि आप मेडिकल स्टोर खोलेंगे और अगले ही महीने आपकी लाखों रूपए की कमाई होने लगेगी।

इसे भी पढ़ें: खुद का बिजनेस कैसे करे?

FAQ

मेडिकल स्टोर खोलने के लिए कौन सी डिग्री चाहिए?

इसे हर वो इंसान खोल सकता है जिसने बी फार्मा या डी फार्मा का कोर्स किया हुआ है।

मेडिकल स्‍टोर के लिए लाइसेंस कहां से बनवाएं?

इसके लिए आप अपने शहर के ड्रग विभाग में ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

मेडिकल स्‍टोर खोलने की लागत?

एक साधारण मेडिकल स्‍टोर खोलने की लागत कम से कम 5 से 7 लाख रूपए आएगी।

मेडिकल स्‍टोर कहां खालें?

मेडिकल स्टोर आप अपने शहर, गली मोहल्‍ले या बाजार में खोल सकते हैं।

मेडिकल स्‍टोर की बिक्री कैसे बढ़ाएं?

इसके लिए आप ज्‍यादा से ज्‍यादा छूट और विज्ञापन दें।

Conclusion

आशा है कि अब आप समझ गए होंगे कि मेडिकल स्टोर कैसे खोलें। इसे जानने के बाद आप आसानी से अपने घर के आसपास या बाजार में मेडिकल स्‍टोर खोल सकते हैं। हालांकि, यह एक लागत वाला बिजनेस है। जिसमें आपको शुरूआत में कई लाख रूपए लगाने होंगे। लेकिन यदि आप अच्‍छे से काम करते हैं तो यह आपको आगे चलकर काफी फायदा भी देगा। क्‍योंकि दवाइयों की मांग आने वाले समय में बढती ही जाएगी।

यदि आपका इस लेख से जुड़ा कोई सवाल है तो हमें नीचे कमेंट करें। हम आपके सवाल का जवाब अवश्‍य देंगे।

 
 
 
 
 

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उम्र में युवा और तजुर्बे में वरिष्ठ रोहित यादव हरियाणा के रहने वाले हैं। पत्रकारिता में डिग्री रखने के साथ इन्होंने अपनी सेवाएं कई मीडिया संस्थानों को दी हैं। फिलहाल ये पिछले लंबे समय से अपनी सेवाएं 'All in Hindi' को दे रहे हैं।

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