CIF Number Kya Hota Hai | CIF नंबर कैसे पता करें?

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CIF नंबर किस काम आता है?

CIF Number Kya Hota Hai: यदि आप इंटरनेट बैकिंग का प्रयोग करते हैं तो आपने CIF Number का नाम जरूर सुना होगा। इंटरनेट बैकिंग की सेवाएं आप बिना CIF नंबर के प्रयोग नहीं कर सकते हैं। परन्‍तु ज्‍यादातर लोगों को बैंक में सिर्फ अपना खाता नम्‍बर ही पता होता है। इसके अलावा वो कुछ भी नहीं जानते हैं। ऐसे में यदि आप अभी तक नहीं जानते हैं कि CIF Number Kya Hota Hai इसे क्‍यों जानना जरूरी होता है। तो हमारे इस लेख को अंत तक पढि़ए।

अपने इस लेख में हम आपको बताएंगे कि CIF Number Kya Hota Hai इसे आप अपने बैंक से कैसे प्राप्‍त कर सकते हैं। इसका प्रयोग आप इंटरनेट बैकिंग में किस तरह से कर सकते हैं।

CIF Number Kya Hota Hai?

CIF नम्‍बर भी उसी तरह से होता है। जैसे कि आपके बैंक का अकाउंट नम्‍बर होता है। लेकिन आम लोगों को इसका काम केवल तभी पड़ता है जब आपको अपनी इंटरनेट बैकिंग की सेवाएं शुरू करवानी होती है। CIF Number की फुल फॉर्म Consumer information File होती है। इसे अलग अलग बैकों में अलग अलग नाम से भी जाना जाता है। लेकिन मुख्‍यत: इसका काम होता है कि उस नम्‍बर से ग्राहक की सभी जानकारी को Save करके रखना। ताकि महज एक क्लिक में सारी जानकारी को प्राप्‍त किया जा सके।

यदि आप बैंक में जाकर अपना CIF नम्‍बर बताते हैं तो महज एक क्‍लिक में आपसे जुड़ी जानकारी बैंक कर्मी देख सकता है। इससे आपका समय भी बचता है और बैंक का काम भी आसान हो जाता है।

CIF Number Kaise Pata Kare

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CIF नम्‍बर कैसे पता करें?

यदि आपका किसी बैंक में खाता है और आप अपना CIF नम्‍बर जानना चाहते हैं। तो इसे बेहद आसानी से जान सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले आप अपने बैंक की पासबुक का पहला पेज देखिए। वहां आपको CIF Number, CRN Number, Consumer ID में से कुछ भी लिखा दिखाई देता है तो वही आपको CIF नम्‍बर होगा।

लेकिन यदि आपकी पासबुक पर CIF Number नहीं है। तो आप बैंक में अपनी पासबुक ले जाकर अपना CIF नम्‍बर जान सकते हैं। साथ ही यदि आप अपनी इंटरनेट बैकिंग की सेवा शुरू करवाते हैं तो आपको आपका CIF नम्‍बर बैंक की तरफ से खुद ही दे दिया जाता है। जिसकी मदद से आप अपनी नेट बैकिंग को Login करके नया पासवर्ड बना सकते हैं।

CIF नम्‍बर के फायदे?

CIF नम्‍बर का सबसे पहला फायदा ये होता है कि इसकी मदद से किसी भी ग्राहक की सारी जानकारी एक साथ संग्रहित करके रखी जा सकती है। साथ ही जब भी वो ग्राहक अपनी कोई समस्‍या को लेकर बैंक में आता है तो उसका बेहद ही कम समय में समाधान किया जा सकता है।

इसके अलावा बैंक पर इस नम्‍बर की वजह से काम का बोझ कम होता है। साथ ही बढ़ते धोखाधड़ी के मामलों पर रोक लगाने में CIF Number से मदद मिलती है। लेकिन ध्‍यान ये रखने वाली बात होती है कि ग्राहक को कभी भी अपना CIF Number किसी दूसरे इंसान को नहीं बताना चाहिए। इससे कोई दूसरा इंसान उसकी इंटरनेट बैकिंग में Log In करने की कोशिश कर सकता है। इन तरीकों में से किसी भी तरीके के जरिए आप जान सकते हैं कि आप अपना CIF Number Kaise Pata Kare

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Conclusion

आशा है कि अब आप जान चुके होंगे कि CIF Number Kya Hota Hai, CIF Number Kaise Pata Kare इसे जानने के बाद आप आसानी से अपना CIF नम्‍बर पता कर सकते हैं। साथ ही उसका प्रयोग भी कर सकते हैं। यदि आपको हमारा ये लेख पसंद आया है तो इसे अपने दोस्‍तों के साथ ही अवश्‍य शेयर करें। साथ ही कमेंट बॉक्‍स में अपनी राय भी साझा करें।

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उम्र में युवा और तजुर्बे में वरिष्ठ रोहित यादव हरियाणा के रहने वाले हैं। पत्रकारिता में डिग्री रखने के साथ इन्होंने अपनी सेवाएं कई मीडिया संस्थानों को दी हैं। फिलहाल ये पिछले लंबे समय से अपनी सेवाएं 'All in Hindi' को दे रहे हैं।

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