Agneepath yojana details in Hindi | अग्निपथ योजना 2023 क्या है?

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अग्निपथ योजना क्या है?

Agneepath yojana details in Hindi: भारतीय सेना की तैयारी करने वाले युवाओं के ये समय काफी उलझन भरा है। क्‍योंकि भारत सरकार ने हाल ही तीनों सेनाओं में भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने अग्निपथ स्‍कीम के नाम से एक नई योजना शुरू की है।

इस योजना के बाद से सेना में हर भर्ती अब नई योजना के तहत की जाएगी। ऐेसे में यदि आप अभी तक नहीं जानते हैं कि अग्निपथ योजना क्‍या है तो हमारे इस लेख को अंत तक पढि़ए। अपने इस लेख में हम आपको बताएंगे कि अग्निपथ क्‍या है? इसके क्‍या फायदे हैं और क्‍या नुकसान हैं। तो चलिए शरु करते हैं अग्निपथ योजना क्या है।

अग्निपथ योजना क्‍या है? | Agneepath yojana details in Hindi

अग्निपथ तीनों सेनाओं से जुड़ी एक योजना है। जिसके तहत बताया गया है कि आगे से जो युवा सेना में भर्ती होना चाहते हैं उनके लिए क्‍या प्रक्रिया होगी। कैसे उसके लिए आवेदन किया जा सकता है। कौन कौन आवेदन कर सकता है। साथ ही इस योजना के आ जाने से पुरानी सभी तरह की भर्ती प्रक्रिया अब नए रूप में की जाएगी।

सेना में केवल कुछ बड़े अधिकारियों के पद होंगे जो कि पुराने तरीके से भरे जाएंगे। हालांकि, यह योजना अभी एकदम नई है इसलिए सरकार लगातार जिस तरह से युवाओं की मांग आ रही है। उसी तरह से इसके अंदर बदलाव भी किए जा रहे हैं। इस योजना की खास बात ये है कि इसके तरह जो युवा भर्ती किए जाएंगे उन्‍हें ‘अग्निवीर’ नाम दिया जाएगा।

कौन कर सकता है अग्निवीर के लिए आवदेन?

जो भी युवा अग्निपथ स्‍कीम के तरत आवेदन करना चाहते हैं। उसके लिए आयु सीमा 17 से लेकर 21 साल तक रखी गई है। (साल 2022 में इसे अधिकतम 23 साल तक रखा गया है) बताया जा रहा है कि यह भर्ती साल में दो बार निकाली जाएगी। जिसमें पदों की संख्‍या लगभग 50 से 60 हजार होगी। इसके लिए जो भी युवा इच्‍छुक होगा सबसे पहले उनको शारीरिक दक्षता पूरी करनी होगी। फिर उनका मेडिकल किया जाएगा। इन सभी चरणों को पार करने के बाद लिखित परीक्षा देनी होगी।

जो भी युवा इस परीक्षा में सफल होंगे उन्‍हें अग्निवीर कहलाने का गौरव प्राप्‍त होगा। आवेदन के आगे की प्रक्रिया में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है। यदि चयनित होने वाले अग्निवीर की आयु 18 वर्ष से कम होगी तो अग्निवीर के माता पिता से हस्‍ताक्षर करवाने के बाद ही उसे ज्‍वाइनिंग दी जाएगी।

क्‍या है योग्‍यता?

अग्निपथ के अंदर योग्‍यता में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसलिए इसके अंदर भी योग्‍यता 10 वीं या 12 वीं जरूरी माना गया है। कुछ पद आठवीं के आधार पर भी भरे जाएंगे। इसके अंदर General Duty, Technical, Clerk, Store Keeper, Tradesman, जैसे पद शामिल किए जाएंगे। जो कि सीधी भर्ती के तहत भरे जाएंगे।

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कितने साल की होगी नौकरी?

यदि हम एक अग्निवीर की नौकरी की बात करें तो यह पूरे चार साल होगी। जिसे Tour of Duty नाम दिया गया है। सरकार की तरफ से बताया गया है इन चार सालों में पहले छह महीने भर्ती होने वाले युवाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद अगले साढे तीन साल तक नौकरी करने का मौका दिया जाएगा।

किसी भी अग्निवीर को एक साल में एक महीने छुट्टी दी जाएगी। जिसमें वो अपने घर जा सकता है। चार साल बाद 75 प्रतिशत युवाओं को सेवानिवृत कर दिया जाएगा। साथ ही 25 प्रतिशत युवाओं को आगे की नौकरी के लिए रख लिया जाएगा। खास बात ये है इसके अंदर भर्ती होने वाला कोई भी अग्निवीर बीच में नौकरी नहीं छोड़ सकता है।

अग्निपथ योजना क्या है

25 प्रतिशत युवा 4 साल बाद होंगे परमानेंट

इस योजना के अंदर बताया गया है कि इसमें काम करने वाले 75 प्रतिशत युवा तो 4 साल बाद रिटायर कर दिए जाएंगे। साथ ही 25 प्रतिशत युवाओं के कार्य को देखते हुए उन्‍हें आगे के लिए नियमित कर दिया जाएगा। लेकिन अभी यह नहीं बताया गया है कि जो 25 प्रतिशत युवा आगे के लिए चयनित किए जाएंगे वो किसी परीक्षा के माध्‍यम से किए जाएंगे या अपने 4 साल की कार्य क्षमता के आधार पर।

इसे आप इस तरह से समझिए जैसे कि X जिले में सेना की 1 लाख पदों पर भर्ती की गई। जिसमें 1 लाख युवा च‍यनित कर लिए गए। पहले सभी को छह महीने की ट्रेनिंग दी जाएगी। फिर उन्‍हें ड्यूटी पर तैनात कर दिया जाएगा। लेकिन जब उन युवाओं का चार साल का समय पूरा होने वाला होगा तो उनमें से 25 प्रतिशत यानि कि 25 हजार युवा आगे के लिए परमानेंट चयनित कर लिए जाएंगे। जबकि 75 हजार युवाओं को पूरे सम्मान के साथ रिटायर कर दिया जाएगा। 4 साल के बाद रिटायर होने वाले युवाओं को कई तरह के दूसरे फायदे भी दिए जाएंगे जिनका जिक्र हम आगे करने वाले हैं।

अग्निवीरों को कितना मिलेगा वेतन?

यदि हम हर अग्निवीर के वेतन की बात करें तो उसे हर माह 30 हजार रूपए वेतन के तौर पर दिए जाएंगे। जबकि दूसरे साल 33 हजार और तीसरे साल 36,500 रूपए। चौथे साल पूरे 40 हजार रूपए दिए जाएंगे। इस वेतनी की खास बात ये है किे इसके अंदर हर माह 30 फीसदी पैसा काट लिया जाएगा जो कि कॉर्प्‍स फंड अर्थात सेवा निधि में जमा किए जाएंगे। जिसके कटने के बाद एक अग्निवीर के बैंक खाते में पहले साल 21 हजार दूसरे साल 23,100 रूपए, तीसरे साल 25,580 रूपए और चौथे साल 28 हजार रूपए हो जाएंगे। इसे नीचे दी गई Table में और बेहतर तरीके से समझ सकते हैं।

Year

Salary Cash In Hand
पहला साल 30,000 21,000
दूसरा साल 33,000 23,100
तीसरा साल 36,500 25,580
चौथा साल 40,000

28,000

नियमित जवानों को कितनी मिलता है वेतन?

Agneepath yojana details in Hindi में हम आपको बता दें कि सेना में इस समय नियमित जवानों सातवे वेतन आयोग के हिसाब से वेतन दिया जाता है। जबकि सेना में कुल 17 तरह से पद हैं। ऐसे में यदि हम एक सिपाही के वेतन की बात करें तो उसे इस समय पहले साल 21,700 रूपए सीधे बैंक खाते में दिए जाते हैं।

जबकि इसके अलावा 20 से 30 प्रतिशत सेवा निधि के लिए काट लिए जाते हैं। लेकिन नियमित सैनिकों को अन्‍य कई सुविधाएं साथ ही समय समय पर प्रमोशन भी मिलता रहता है। पर एक बात जरूर है कि नियमित सैनिक और अग्निवीर के अंदर सरकार ने वेतन में किसी तरह का भेदभाव नहीं किया है।

नौकरी के दौरान अग्निवीरों को मिलेगीं ये सुविधाए?

यदि हम अग्निवीरों की सुविधाओं की बात करें तो अपने सेवाकाल के दौरान किसी भी अग्निवीर को हर वो सुविधा दी जाएगी जो कि नियमित सैनिकों को दी जाती है। इसके अंदर उसे हार्डशिप अलाउंस, यूनीफार्म अलाउंस, आर्मी की कैंटीन सुविधा और मेडिकल सुविधा भी दी जाएगी।

साथ ही यदि वो चाहता है तो इस नौकरी के दौरान ही वो आगे पढ़ भी सकत‍ा है। लेकिन यदि दुर्भाग्‍यवंश किसी अग्निवीर की सेवाकाल के दौरान मृत्‍यु हो जाती है। तो उसके परिवार को 1 करोड़ की बीमा राशि भी दी जाएगी। जो कि सरकार की तरफ से होगी।

अग्निवीरों को 4 साल बाद क्‍या फायदे मिलेंगे

जैसा कि इस योजना में बताया गया है कि 4 साल बाद 75 प्रतिशत अग्निवीर रिटायर कर दिए जाएंगे। जिसके बाद उनकी हर महीने कटने वाली 30 प्रतिशत सेवा निधि में सरकार भी उतना ही पैसा जोड़कर उसे देगी। ऐेसे में जोड़ कर देखा जाए तो चार साल में कुल 5.02 लाख रूपए अग्निवीर के वेतन से काटे जाएंगे।

इसके बाद इस पर मिलने वाला ब्‍याज जोड़ा जाएगा। अंत में सरकार भी उतनी ही राशि अपनी तरफ से जोड़कर रिटायर होने वाले अग्निवीर को दे देगी। जिसके बाद अंत में यह कुल राशि 11.71 लाख हो जाएगी। इसकी खास बात ये है कि इस पैसे पर किसी तरह का टैक्‍स भी नहीं लगेगा।

इस तरह से यदि वेतन समेत देखा जाए तो एक अग्निवीर को चार साल में कुल लगभग 20 लाख रूपए का फायदा होगा। साथ ही यदि अग्निवीर केवल 10 वीं पास है तो उसे NIOS की तरफ से 12 वीं का सर्टिफिकेट भी मिलेगा। जो कि हर जगह मान्‍य होगा। साथ ही अग्निवीर को एक सर्टिफिकेट दिया जाएगा। जो कि उसके अग्निवीर होने का प्रमाण पत्र होगा।

यहां हम एक बात और स्‍पष्‍ट कर दें कि 4 साल के बाद अग्निवीर को आर्मी कैंटीन, मेडिकल या अन्‍य किसी तरह की सुविधा नहीं दी जाएगी।

4 साल बाद इन नौकरियों में अग्निवीरों को दी जाएगी प्राथमिकता

Agneepath yojana details in Hindi में जैसा कि आपको बताया कि हर भर्ती में केवल 25 प्रतिशत ही अग्निवीर पक्‍के किए जाएंगे। ऐेसे में जो 75 प्रतिशत अग्निवीर रिटायर कर दिए जाएंगे उनके लिए सरकार ने ऐसी व्‍यवस्‍था की है जिससे उन्‍हें आसानी से रोजगार मिल सके। इसमें सबसे पहला तो ये है किे सीआरपीएफ (CRPF) और असम राइफल्‍स में रिटायर होने वाले अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत सीटें रिजर्व रखी जाएंगी। साथ ही रक्षा क्षेत्र के सभी उपक्रमों में 10 फीसद आरक्षण अग्निवीरों के लिए रहेगा।

वित्‍त मंत्रालय में भी उन्‍हें काम करने में प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार की तरफ से भी कोशिश करेगी कि अग्निवीरों को बैंक आदि से लोन लेने में भी हर संभव मदद दी जा सके। साथ ही उत्‍तर प्रदेश, मध्‍य प्रदेश और हरियाणा सहित कई राज्‍य सरकारों ने अपनी सभी पुलिस भर्ती में अग्निवीरों को प्राथमिकता देने की घोषणा की है। इसके अलावा भी कई सरकारी विभागों ने उन्‍हें प्राथमिकता देने की बात कही है।

यहां देखने वाली बात यह है कि ज्‍यादातर जगह उन्‍हें प्राथमिकता दिए जाने की बात कही गई है। उन्‍हें नौकरी देने का पक्‍का वादा कहीं नहीं किया गया है। यदि वो स्‍वरोजगार करना चाहते हैं तो सरकार अपनी तरफ से उन्‍हें बिजली मिस्‍त्री, बाल काटने, कपड़े धोने, गाड़ी ड्राइविंग की भी ट्रेनिंग देगी। जिससे वो कोई स्वरोजगार भी कर सकते हैं।

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अग्निपथ पर क्‍या फैलाई जा रही है अफवाह?

अग्निपथ योजना पर कई तरह की अफवाहें इन दिनों सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही हैं। जिनमें सबसे पहली यह है कि आने वाले समय में इसी तरह से चार साल की योजना पुलिस और अन्‍य विभागों में भी लागू कर दी जाएगी। इसलिए इस योजना को रोकना बेहद जरूरी है।

लेकिन यह सच नहीं है। सरकार इस योजना पर पिछले दो साल से काम कर रही थी। साथ ही सेना की जरूरतों को ध्‍यान में रखते हुए इस तरह की योजना लाई गई है। इस योजना के आ जाने से ना तो सेना निजी हाथों में दी जा रही है। ना ही ठेके पर लोग भर्ती किए जा रहे हैं। सभी अग्निवीर पूरी प्रक्रिया के बाद ही भर्ती होंगे।

अग्निपथ योजना के 7 फायदे

Agneepath yojana details in Hindi में आइए अब हम आपको अग्निपथ योजना के कुछ फायदों के बारे में जो हर युवा को जानने चाहिए। क्‍योंकि इससे देश की सेना तो मजबूत होगी ही साथ ही युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।

  • इस योजना के आ जाने से हर किसी को रोजगार मिल सकेगा। क्‍योंकि कार्यकाल की समय सीमा कम कर देने से पहले जहां एक युवक को रोजगार मिलता था अब वहां तीन लोगों को सेना में नौकरी मिलेगी।
  • इस योजना से देश की एक बड़ी आबादी को आर्मी की ट्रेनिंग मिल जाएगी। जो कि लोगों में धैर्य और अनुशासन तो लाएगा ही साथ ही किसी आपात समय में उन रिटायर्ड अग्निवीरों की सहायता भी ली जा सकती है।
  • इस योजना के जरिए युवा बेहद कम उम्र में अपने पैरों पर खड़े हो सकेंगे। क्‍योंकि यदि कोई युवा 20 साल की उम्र में च‍यनित होता है और 24 साल की उम्र में रिटायर हो जाता है तो इस दौरान वो लगभग 20 लाख रूपए कमा सकता है। जो कि आमतौर पर संभव नहीं होता है।
  • इस योजना के आ जाने से सेना पर वित्‍तीय बोझ कम होगा। पहले जहां एक सैनिक पर पूरे जीवनकाल में 11 करोड़ खर्च होते थे। वहीं एक अग्निवीर पर महज 1 करोड़ रूपए सेना के खर्च होंगे।
  • सेना का अबतक 60 प्रतिशत पैसा वेतन और पेंशन में ही चला जाता था। परन्‍तु इस नई योजना में पेंशन ना होने के चलते जो पैसा बचेगा उसका प्रयोग नए और आधुनिक हथियार खरीदने में प्रयोग किए जा सकेंगे।
  • इस योजना के आ जाने से सेना की औसत उम्र कम हो सकेगी। जो कि अभी 32 साल है। इससे हमारी सेना एक तरह से और जवान हो जाएगी।
  • ऐेसे लोग जो सेना में शौक के तौर पर महज कुछ साल नौकरी करना चाहते हैं। उनके लिए यह योजना सोने पर सुहागा है।

अग्निपथ योजना के 7 नुकसान

हर योजना के अपने फायदे और नुकसान होते हैं। इसी तरह अग्निपथ योजना के भी कुछ नुकसान हैं। जिनमें सुधार करके उसे दूर किया जा सकता है। आइए उन पर भी एक नजर डालते हैं।

  • इसका सबसे पहला नुकसान तो ये है कि इससे हमारी सेना को जो जवान मिलेंगे वो पूरी तरह से ट्रेंड नहीं होंगे। क्‍योंकि उनकी ट्रेनिंग का प्रावधान महज छह माह रखा गया है। जिससे हथियार चलाने और लड़ाई आदि में समस्‍या आ सकती है।
  • इस योजना में 75 प्रतिशत युवा हर साल में रिटायर कर दिए जाएंगे। जिससे उनके भविष्‍य के सामने एक नया संकट खड़ा हो जाएगा। हालांक‍ि, सरकार का दावा है कि उन्हें अनकों मौके दिए जाएंगे। पर संख्‍या के हिसाब से ये मौके काफी कम साबित होंगे।
  • जो भी अग्निवीर रिटायर होकर आएंगे यदि उन्हें कहीं सही मौका नहीं मिला तो संभव है कि वो गलत रास्‍ता पकड़ लें। जिससे समाज में गंभीर अपराध की संख्‍या में अचानक से बढ़ोत्‍तरी दर्ज की जा सकती है। क्‍योंकि उनके पास हथियारों की ट्रेनिंग पहले से होगी।
  • अग्निवीरों को नियमित सैनिक की तरह रिटायर होने के बाद ना तो पेंशन दी जाएगी, ना ही मेडिकल की सुविधा और ना ही कैंटीन की सुविधा। इससे युवाओं पर खर्च का बोझ बढ़ने वाला है।
  • यदि वो नियमित नहीं होते तो उन्‍हें फौजी भी नहीं कहा जा सकता है। क्‍योंकि कैडर केवल 25 प्रतिशत सैनिकों को दिया जाएगा। जिससे उनका समाज में वो सम्मान भी नहीं होगा जो आज हो रहा है।
  • इससे सेना में काम करने वाले सैनिकों का मनोबल भी कम होगा। क्‍योंकि उन्हें लगेगा कि ये नौकरी तो बस चार साल ही है। इसलिए पूरा करो और घर जाओ।
  • यदि इन भूतपूर्व सैनिकों को कहीं रोजगार नहीं मिलता तो ये छोटी मोटी नौकरी करने को मजबूर होंगे। जिससे ये लोग खुद को भूतपूर्व सैनिक या अग्निवीर कहने में शर्म महसूस करेंगे।

Conclusion

Agneepath yojana details in Hindi में आपने जाना कि अग्निपथ योजना क्‍या है। यदि आप अब जान चुके हैं कि अग्निपथ योजना क्‍या है। तो हमारे इस लेख Agneepath yojana details in Hindi को अपने दोस्‍तों तक भी शेयर करें। साथ ही यदि आपका कोई सवाल है तो हमें नीचे कमेंट करें।

Note; अग्‍निपथ योजना में अभी लगातार कई बदलाव किए जा रहे हैं। इसलिए जब भी आप किसी भी पद के लिए आवेदन करें तो आवेदन करने से पहले उसका Official Notification जरूर ध्‍यान से पढ़ लें।

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उम्र में युवा और तजुर्बे में वरिष्ठ रोहित यादव हरियाणा के रहने वाले हैं। पत्रकारिता में डिग्री रखने के साथ इन्होंने अपनी सेवाएं कई मीडिया संस्थानों को दी हैं। फिलहाल ये पिछले लंबे समय से अपनी सेवाएं 'All in Hindi' को दे रहे हैं।

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