सरकारी हॉस्पिटल में डिलीवरी होने पर कितना पैसा मिलता है?

Government Hospital Me Delivery Scheme: आज के समय में भारत सरकार और तमाम राज्‍य सरकारों की तरफ से कई तरह की सरकारी योजनाएं चल रही हैं। जिनके अंदर ना सिर्फ आपका पैसा बचता है, बाल्कि यदि आप सरकारी अस्‍पताल में डिलीवरी करवाते हैं तो आपको पैसा भी दिया जाता है।

इसलिए यदि आप भी जानना चाहते हैं कि सरकारी हॉस्पिटल में डिलीवरी होने पर कितना पैसा मिलता है तो हमारे इस लेख को अंत तक पढि़ए। अपने इस लेख में हम आपको सरकारी हॉस्पिटल में डिलीवरी होने पर कितना पैसा मिलता है इससे जुड़ी सारी जानकारी देंगे। साथ ही सुविधाओं से जुड़ी जानकारी भी देंगे।

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डिलीवरी पर सरकार पैसा क्‍यों देती है?

आप सोच रहे होंगे कि गर्भवती महिलाओं को सरकार पैसा क्‍यों देती है। तो हम आपको बता दें कि हमारे देश की सरकार की जिम्‍मेदारी है कि जो लोग गरीब हैं या आर्थिक रूप से कमजोर हैं उनको बीमारी से कभी परेशान ना होना पड़े।

यही वजह है कि जब भी उनके परिवार के अंदर कोई महिला गर्भवती होती है तो अस्‍पताल का सारा खर्च उठाने के साथ सरकार उसके खाते में कुछ पैसे भी देती है। जिससे वो घर जाने के बाद भी अपने खाने पीने से जुड़ी चीजें खरीद सकती है। साथ ही स्‍वस्‍थ रह सकती है।

किन अस्‍पतालों में डिलीवरी पर सरकार पैसा देती है?

संभव है कि आपको पता भी हो कि हमेशा डिलीवरी करवाने पर केवल सरकारी अस्‍पताल में ही पैसा दिया जाता है। क्‍योंकि यदि आप प्राइवेट अस्‍पताल (Private Hospital) में जाते हैं तो वहां पर आपको अस्‍पताल और दवाइयों का खर्चा अपनी जेब से उठाना पड़ेगा। इसलिए जब भी आपको सरकारी मदद चाहिए तो हमेशा सरकारी अस्‍पताल की तरफ ही जाएं। अन्‍यथा आप सरकारी मदद से वंचित रह जाएंगे।

सरकारी हॉस्पिटल में डिलीवरी होने पर कितना पैसा मिलता है

सरकारी हॉस्पिटल में डिलीवरी होने पर कितना पैसा मिलता है?

किसी भी सरकारी अस्‍पताल में डिलीवरी होने पर कितना पैसा मिलेगा यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपने किस योजना के अंदर अपना पंजीकरण करवा रखा है। इसलिए डिलीवरी से जुड़ी योजनाओं का पता होना बेहद जरूरी है।

केन्‍द्र सरकार की योजनाएं

आज के समय में केन्‍द्र सरकार (Centre Government) की काफी सारी योजनाएं चल रही हैं। आप उनकी मदद से किसी भी सरकारी अस्‍पताल में डिलीवरी करवाकर सरकारी मदद पा सकते हैं। इसमें सबसे बड़ी योजना पीएम मातृ वंदन योजना है। जो कि महिला की डिलीवरी का सारा खर्चा उठाती है। फिर उसके बाद जो आगे की जांच आदि होती है उसे भी फ्री में करवाती है। साथ ही ग्रामीण महिलाओं को अंत में 1400 रूपए और शहरी महिलाओं को 1 हजार रूपए देती है।

राज्‍य सरकार की योजनाएं

आज के समय लगभग हर राज्‍य सरकार गर्भवती महिलाओं के लिए अलग से कोई ना कोई योजना चला रही है। जिसके अंदर प्रदेश की सभी गर्भवती महिलाओं की पूरी मदद की जाती है। ये योजनाएं हर राज्‍य की अलग अलग होती हैं। साथ ही इनमें मदद करने का तरीका भी अलग अलग होता है।

इसलिए यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस राज्‍य सं संबध रखते हैं। साथ ही उसके अंदर सरकार की तरफ से क्‍या योजना चलाई जा रही है। जिससे गर्भवती महिला को फायदा हो सकता है। हालांकि, किसी भी राज्‍य की सरकारी योजना का लाभ उठाने के लिए जरूरी है कि महिला उस राज्‍य की स्‍थाई निवासी हो।

सरकारी योजना में पंजीकरण कैसे करवाएं?

सरकारी हॉस्पिटल में डिलीवरी होने पर कितना पैसा मिलता है इसे जानने के बाद आपके जहन में आ रहा होगा कि आप इन सरकारी योजनाओं का पता कैसे लगा सकती हैं। साथ ही इनमें अपना नाम कैसे दर्ज करवा सकती हैं। तो हम आपको बता दें कि इन योजनाओं में नाम दर्ज करवाने के लिए आपको अपने नजदीकी सरकारी अस्‍पताल में जाना होता है।

इसके अलावा यदि आप ग्रामीण इलाके से हैं तो आप अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केन्‍द्र में जा सकती हैं। वहां सभी दस्‍तावेज लेने के बाद आपको एक कार्ड बनाकर दे दिया जाएगा। जिसके बाद आपकी जांच से जुड़ी सारी जानकारी उस कार्ड के अंदर दर्ज की जाती रहेगी। यह पूरी तरह से फ्री है।

पैसा कैसे दिया जाता है?

यदि आप सोच रहे है कि यह पैसा महिला के हाथ में दिया जाता है तो हम आपको बता दें कि ऐसा बिल्‍कुल भी नहीं है। सरकारी मदद के तौर पर आपको जो भी सहायता राशि दी जाती है वो पूरी तरह से महिला के बैंक खाते में दी जाती है। इसलिए महिला का बैंक खाता (Bank Account) होना बेहद जरूरी है।

पंजीकरण के लिए जरूरी दस्‍तोवज?

  • महिला और उसके पति का आधार कार्ड।
  • महिला के बैंक खाते की फोटो कॉपी।
  • महिला का वर्तमान पता।
  • गर्भवती होने की जांच रिपोर्ट।
  • महिला के पूरे परिवार से जुड़ी जानकारी।

सरकारी योजना के अंतर्गत डिलीवरी करवाने के फायदे?

ऐसा नहीं है कि यदि आप गर्भवती हैं और सरकारी अस्‍पताल में डीलीवरी करवाती हैं तो आपको केवल सरकारी मदद ही दी जाती है। इसके अलावा भी कई तरह की सुविधाएं दी जाती हैं। आइए एक बार उनके बारे में भी जान लेते हैं।

फ्री एंबुलेंस की सुविधा

सरकारी अस्‍पताल में डीलीवरी करवाने का एक फायदा ये भी मिलता है कि आप यदि कहीं दूर से हैं तो आपको नजदीकी सरकारी अस्‍पताल तक लाने और ले जाने के लिए एंबुलेंस की सुविधा दी जाती है। जो कि पूरी तरह से फ्री होती है। हालांकि, कई राज्‍यों में यह BPL परिवारों के लिए ही दी जाती है।

डिलीवरी का Zero खर्चा

यदि आप सरकारी योजना के अंदर पंजीकृत हैं तो आपको सरकारी अस्‍पताल में जाने के बाद किसी भी तरह का खर्चा अपनी जेब से नहीं करना होगा। क्‍योंकि सरकार की तरफ से डिलीवरी में लगने वाला सारा खर्चा पूरी तरह से फ्री होता है। जो कि काफी अच्‍छी बात होती है।

फ्री ऑपरेशन की सुविधा

वैसे तो भगवान ना करें किसी भी महिला का डिलीवरी के दौरान ऑपरेशन करना पड़े। लेकिन यदि इसकी जरूरत पड़ती है तो आपको सरकार की तरफ से ये सुविधा भी फ्री दी जाती है। क्‍योंकि ऑपरेशन में आमतौर पर काफी ज्‍यादा खर्चा हो जाता है। लेकिन सरकारी अस्‍पताल में एक भी रूपया नहीं लगता है।

अस्‍पताल में फ्री खाना

जब महिला की डिलीवरी होती है तो उसे 3 से 5 दिन तक जरूरत होने पर अस्‍पताल में रोकना पड़ता है। ऐसे में उस दौरान महिला को सरकारी अस्‍पताल में ही फ्री भोजन दिया जाता है। जो‍ कि केवल महिला के लिए ही होता है। उसके परिजन उसे नहीं खा सकते हैं।

फ्री दवाइयां

इसके बाद सरकारी अस्‍पताल में जांच के बाद जो भी दवाइयां देनी पड़ती है वो पूरी तरह से फ्री में दी जाती है। क्‍योंकि महिला को घर जाने के बाद काफी दिनों तक दवाइयां खानी पड़ती हैं। जो कि कम से कम 2 से 3 माह तक चलती है। इसलिए इन दवाइयों का खर्चा भी सरकार उठाती है।

डिलीवरी के बाद फ्री जांच

जब महिला की डिलीवरी हो जाती है तो उसके बाद यदि उसकी कोई जांच होती है तो उसका खर्चा भी सरकार ही उठाती है। जो कि आमतौर पर करनी पड़ती है। जिससे पता चल सके कि जच्‍चा और बच्‍चा स्‍वस्‍थ हैं या नहीं। क्‍योंकि सरकारी अस्‍पताल में हर तरह की मशीन होती है। जहां पर जांच संभव है।

मरीज को हाइटेक सुविधा

यदि आप गर्भवती हैं और किसी भी अस्‍पताल में भर्ती होती हैं तो आपको वहां मौजूद हर सुविधा फ्री में दी जाएगी। ऐसा नहीं है कि आप फ्री में इलाज करवा रहे हैं तो आपको केवल छोटी मोटी सुविधा देकर भेज दिया जाएगा। इसलिए आपको इस बात की चिंता कतई करने की जरूरत नहीं है कि आपको किसी तरह की सुविधा नहीं मिलेगी।

सरकारी अस्‍पताल में जाने से पहले सावधानी

  • हमेशा आप उसी सरकारी अस्‍पताल में जाएं जहां पर सारी सुविधा और मशीनें दी गई हों।
  • यदि आपके किसी जानकार ने उस अस्‍पताल में पहले भी डिलीवरी करवाई हो तो एक बार उसकी सलाह अवश्‍य ले लें।
  • वैसे तो सरकारी अस्पताल में सबकुछ फ्री होता है। लेकिन फिर भी अपनी जेब में 8 से 10 हजार रूपए अवश्‍य लेकर जाएं।
  • जब भी महिला के गर्भ का पता चले तो तुरंत आप अपने नजदीकी अस्‍पताल या आंगनवाड़ी केन्‍द्र में जाकर पंजीकरण अवश्‍य करवा लें।
  • यदि आपका घर अस्‍पताल से दूर है तो आप एंबुलेंस अवश्‍य बुला लें। क्‍योंकि सही साधन ना होने पर दिक्‍कत हो सकती है।
  • हमेशा अस्‍पताल में अपने साथ किसी 1 महिला को अवश्‍य लेकर जाएं। जो कि पहले किसी बच्‍चे को जन्‍म दे चुकी हो।
  • गर्भवती महिला का पंजीकरण केवल ऑफलाइन माध्‍यम से ही होता है। इसलिए ऑनलाइन पंजीकरण के चक्‍कर में परेशान ना हों।

FAQ

सरकारी हॉस्पिटल में डिलीवरी होने पर कितना पैसा मिलता है?

यदि आप सरकारी अस्‍पताल में डिलीवरी करवाते हैं तो शहरी लोगों को 1 हजार रूपए और गांव के लोगों को 1400 रूपए दिए जाते हैं।

गर्भवती महिलाओं के लिए केन्‍द्र सरकार की योजनाएं?

पीएम मातृ वंदन योजना केन्‍द्र सरकार की तरफ से चलाई जाती है। जिसके अंदर गर्भवती महिलाओं को 1400 रूपए की सहायता दी जाती है।

गर्भवती महिलाओं के लिए राज्‍य सरकार की योजनाएं?

यदि आप किसी खास राज्‍य से संबध रखते हैं तो यकीन्‍न वहां की राज्‍य सरकार ने भी कई तरह की योजनाएं चला रखी होंगी। आप उनकी मदद से उनका लाभ उठा सकते हैं।

गर्भवती महिला को पैसा कैसे दिया जाता है?

गर्भवती महिला को उसकी मदद के लिए सारा पैसा उसके बैंक खाते में (DBT) दिया जाता है। जो कि उसके पास होना बेहद जरूरी है।

गर्भवती महिला का पंजीकरण कैसे करवाएं?

शहरी क्षेत्र के अलग गर्भवती महिला को लेकर अपने नजदीकी सरकारी अस्‍पताल में जा सकते हैं। इसके अलावा ग्रामीण इलाके के लोग अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केन्‍द्र में जा सकते हैं।

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Conclusion

आशा है कि अब आप समझ गए होंगे कि सरकारी हॉस्पिटल में डिलीवरी होने पर कितना पैसा मिलता है। इसे जानने के बाद यदि आपके पास पैसा नहीं है तो हमेशा डिलीवरी के लिए सरकारी अस्‍पताल का ही चुनाव करें। जिससे आपको वहां पर 1 भी रूपया ना खर्च करना पड़े। साथ ही आपको बेहतर सुविधा भी मिले। क्‍योंकि प्राइवेट अस्‍पतालों (Private Hospital) में तो आदमी की खाल खींच ली जाती है।

Disclaimer

अपने राज्‍य के अंदर डिलीवरी पर मिलने वाले पैसे से जुड़ी सही जानकारी के लिए आप एक बार आंगनवाड़ी केन्‍द्र में जाकर अवश्‍य पता कर लें।

उम्र में युवा और तजुर्बे में वरिष्ठ रोहित यादव हरियाणा के रहने वाले हैं। पत्रकारिता में डिग्री रखने के साथ इन्होंने अपनी सेवाएं कई मीडिया संस्थानों को दी हैं। फिलहाल ये पिछले लंबे समय से अपनी सेवाएं 'All in Hindi' को दे रहे हैं।

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